उपदेश

विषय ८ : पवित्र आत्मा

[8-3] (प्रेरितों के काम १९:१-३) जब आपने यीशु पर विश्वास किया था तब क्या आपने पवित्र आत्मा को पाया था?

(प्रेरितों के काम १९:१-३)
“और जब अपुल्लोस कुरिन्थुस में था, तो पौलुस ऊपर से सारे देश से होकर इफिसुस में आया, और कई चेलों को देख कर। उन से कहा; क्या तुम ने विश्वास करते समय पवित्र आत्मा पाया? उन्होंने उस से कहा, हम ने तो पवित्र आत्मा की चर्चा भी नहीं सुनी।
उस ने उन से कहा; तो फिर तुम ने किस का बपतिस्मा लिया? उन्होंने कहा; यूहन्ना का बपतिस्मा।”
 
 
क्यों बाइबल कहती है की, “यूहन्ना बपतिस्मा
देनेवाले के दिनों से अब तक स्वर्ग के राज्य में 
बलपूर्वक प्रवेश होता रहा है, 
और बलवान उसे छीन लेते है?”
क्योंकि लोग खुबसूरत सुसमाचार में विश्वास करके राज्य ले सकते हैं 
जो कहता है की यीशु ने यूहन्ना के द्वारा अपने बपतिस्मा 
और क्रूस के लहू से जगत के सारे पापों को मिटा दिया है

पौलुस ने किस तरह का सुसमाचार प्रचार किया? उसने यीशु के बपतिस्मा और उसके लहू के सुसमाचार का प्रचार किया। प्रेरितों के काम १९:१-२ कहते हैं, “और जब अपुल्लोस कुरिन्थुस में था, तो पौलुस ऊपर से सारे देश से होकर इफिसुस में आया, और कई चेलों को देख कर। उन से कहा; क्या तुम ने विश्वास करते समय पवित्र आत्मा पाया?” हालाँकि, ये लोग यीशु के बपतिस्मे का मतलब जाने बिना यीशु पर विश्वास करते थे। वे उस खुबसूरत सुसमाचार को नहीं जानते थे जो पवित्र आत्मा के अंतर्निवास की ओर ले जाता है। यही कारण है कि पौलुस प्रश्न पूछता है, “क्या तुम ने विश्वास करते समय पवित्र आत्मा पाया?” इफिसुस के कुछ चेलों के लिए वह बहुत ही अपरिचित प्रश्न था। अन्य लोगों ने उनसे पूछा, "क्या आप यीशु पर विश्वास करते हैं?" लेकिन पौलुस ने इस असाधारण तरीके से प्रश्न पूछा ताकि वे खुबसूरत सुसमाचार में अपने विश्वास को नवीनीकृत करके पवित्र आत्मा प्राप्त कर सकें। पौलुस की सेवकाई यीशु के बपतिस्मा और उनके लहू के खुबसूरत सुसमाचार का प्रचार करना था। पौलुस, पतरस और यूहन्ना ने भी यीशु को यूहन्ना बपतिस्मा देनेवालेने जो बपतिस्मा दिया उसकी गवाही दी।
 आइए बपतिस्मा के सुसमाचार के बारे में प्रेरित क्या गवाही देते है यह देखे। पहले पौलुस ने गवाही दी, “कदापि नहीं, हम जब पाप के लिये मर गए तो फिर आगे को उस में क्योंकर जीवन बिताएं? क्या तुम नहीं जानते, कि हम जितनों ने मसीह यीशु का बपतिस्मा लिया तो उस की मृत्यु का बपतिस्मा लिया?” (रोमियो ६:२-३) “और तुम में से जितनों ने मसीह में बपतिस्मा लिया है उन्होंने मसीह को पहिन लिया है” (गलातियों ३:२७)। 
पतरस ने भी १ पतरस ३:२१ में यीशु के बपतिस्मा के सुसमाचार की गवाही दी, कहा, “और उसी पानी का दृष्टान्त भी, अर्थात बपतिस्मा, यीशु मसीह के जी उठने के द्वारा, अब तुम्हें बचाता है; उस से शरीर के मैल को दूर करने का अर्थ नहीं है, परन्तु शुद्ध विवेक से परमेश्वर के वश में हो जाने का अर्थ है। वह स्वर्ग पर जाकर परमेश्वर के दाहिनी ओर बैठ गया; और स्वर्गदूत और अधिकारी और सामर्थी उसके आधीन किए गए हैं”।
यूहन्ना प्रेरित ने भी इस खुबसूरत सुसमाचार को १ यूहन्ना ५:५-८ में गवाही दी। “संसार पर जय पाने वाला कौन है केवल वह जिस का यह विश्वास है, कि यीशु, परमेश्वर का पुत्र है। यही है वह, जो पानी और लोहू के द्वारा आया था; अर्थात यीशु मसीह: वह न केवल पानी के द्वारा, वरन पानी और लोहू दोनों के द्वारा आया था। और जो गवाही देता है, वह आत्मा है; क्योंकि आत्मा सत्य है। और गवाही देने वाले तीन हैं; आत्मा, और पानी, और लहू; और तीनों एक ही बात पर सहमत हैं”।
यूहन्ना बपतिस्मा देनेवालेने खुबसूरत सुसमाचार को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बाइबल मलाकी ३:१-३ में और मत्ती ११:१०-११ में योहान्ना बपतिस्मा देनेवाले के बारे में निम्नलिखित बात बताती है। यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाला मनुष्यजाति का प्रतिनिधि था और वह आनेवाला एलियाह था जो पुराने नियम में लिखा हुआ था। पुराने नियम में, पापबलि के सिर पर हाथ रख के मनुष्य के पाप उसपर डालने के बाद पापबलि को मार दिया जाता था। नए नियम में, हालाँकि, यीशु पापबलि था जिसने दुनिया के सारे पापों को अपने बपतिस्मा के द्वारा दूर कर लिया और पाप की किंमत चुकाने के लिए क्रूस पर मर गया। यीशु ने मनुष्यजाति को बचाया क्योंकि यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाले ने यरदन नदी में बपतिस्मा के द्वारा जगत के सारे पाप यीशु पर डाल दिए थे।
परमेश्वर ने मनुष्यजाति को उनके पापों से बचाने के लिए दो प्रकार के महान कार्यों की योजना बनाई और उसने उन सभी को पूरा किया। पहला यह था कि कुंवारी मरियम के शरीर के माध्यम से यीशु इस संसार में आए, और उन्होंने संसार के सभी पापों को दूर करने के लिए बपतिस्मा लिया और क्रूस पर चढ़ा। दूसरा था इलशिबा के माध्यम से यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाले का जन्म। परमेश्वर ने मनुष्यजाति को उनके पापों से बचाने के लिए इन दो घटनाओं को जन्म दिया। यह त्रिएक परमेश्वर द्वारा नियोजित कार्य था। परमेश्वर ने यीशु से छह महीने पहले यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाले को इस दुनिया में भेजा, फिर मनुष्यजाति के उद्धारकर्ता यीशु मसीह को इस दुनिया में भेजा, ताकि मनुष्यजाति को उनके पापों के लिए न्याय से मुक्त किया जा सके।
यीशु ने मत्ती ११:९ में यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाले की गवाही दी। “तो फिर क्यों गए थे? क्या किसी भविष्यद्वक्ता को देखने को? हां; मैं तुम से कहता हूं, वरन भविष्यद्वक्ता से भी बड़े को”। इसके अलावा, जब यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाला, जिसने यीशु पर जगत के सभी पापों को डाल दिया था, उसने अगले दिन उसे देखा, तो उसने कहा, “देखो। यह परमेश्वर का मेम्ना है, जो जगत के पाप उठा ले जाता है!” (यूहन्ना १:२९)
 बाइबल में यूहन्ना के कई गवाही हैं, जिसने यीशु को बपतिस्मा दिया और हमें उसका बेहतर ज्ञान प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए। यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाला यीशु से पहले इस दुनिया में आया। उनकी भूमिका खुबसूरत सुसमाचार को पूरा करने के लिए थी, जो परमेश्वर की योजना थी। बाइबिल कहती है कि यीशु ने यूहन्ना से दुनिया के सारे पापों को स्वीकार किया और यूहन्ना ने उन्हें परमेश्वर की इच्छा को पूरा करने के लिए उस पर दल दिए।
हम उसे यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाला कहते हैं क्योंकि उसने यीशु को बपतिस्मा दिया। यूहन्ना द्वारा यीशु के बपतिस्मा का वास्तव में क्या अर्थ है? "बपतिस्मा" शब्द का अर्थ है "धोया जाना।" चूंकि दुनिया के सभी पापों को उसके बपतिस्मा के द्वारा यीशु पर डाले गए थे, इसलिए वह साफ हो चुके है। यीशु का बपतिस्मा और पुराने नियम में पापबलि के सिर पर “हाथ रखा जाना” दोनों ही एक जैसे है। बपतिस्मा का आत्मिक अर्थ है "पर पारित होना," "धोया जाना" या "दफन होना।" यूहन्ना द्वारा यीशु का बपतिस्मा दुनिया में सभी लोगों के पापों को दूर करने के लिए छुटकारे का एक कार्य था।
यीशु के बपतिस्मा का उतना ही महत्व है, जितना पुराने नियम में पापों को पापबलि के ऊपर डालने के लिए उसके सिर पर हाथ रखे जाने की विधि का हो। दूसरे शब्दों में, इस्राएल के लोगों ने महायाजक के द्वारा पापबलि के सिर पर हाथ रखवाने के द्वारा अपने पापों को उस के ऊपर डाल दिया था। पुराने नियम में इस बलिदान का यीशु के बपतिस्मा और क्रूस पर उनकी मृत्यु के समान महत्त्व था।
 परमेश्वर ने इसराएलियों के पापों को दूर करने के लिए प्रायश्चित का दिन नियुक्त किया। सातवें महीने के दसवें दिन, महायाजक ने लोगों के पापों का प्रायश्चित करने के लिए बलिदान पर अपने हाथ रखकर लोगों के सारे वार्षिक पापों को बलि के ऊपर डाल दिए। यह वह बलिदान प्रणाली थी जिसे परमेश्वर ने स्थापित किया था। लोगों के पापों को पापबलि के ऊपर डालने का यही एकमात्र रास्ता था, और हाथ रख कर पापों को डालने का नियम हमेशा की व्यवस्था बन गया।
“और हारून अपने दोनों हाथों को जीवित बकरे पर रखकर इस्त्राएलियों के सब अधर्म के कामों, और उनके सब अपराधों, निदान उनके सारे पापों को अंगीकार करे, और उन को बकरे के सिर पर धरकर उसको किसी मनुष्य के हाथ जो इस काम के लिये तैयार हो जंगल में भेज के छुड़वा दे। और वह बकरा उनके सब अधर्म के कामों को अपने ऊपर लादे हुए किसी निराले देश में उठा ले जाएगा; इसलिये वह मनुष्य उस बकरे को जंगल में छोड़े दे” (लैव्यव्यवस्था १६:२१-२२)।
 पुराने नियम में, एक पापी ने पापबलि के सिर पर हाथ रखा और माफ़ी पाने के लिए अपने पापों को उस पर डाल दिया। और प्रायश्चित के दिन, हारून महायाजक, सभी इस्राएलियों के प्रतिनिधि के रूप में, इस्राएल के पापों को बलि पर डालने के लिए बलिदान के सिर पर हाथ रखा। सारे पाप लेने के बाद बलि को मार दिया गया।
इसका बपतिस्मा जैसा ही आत्मिक अर्थ है (ग्रीक में बपतिस्मा का अर्थ है "धोया जाना, दफन होना, पारित करना") जो यीशु ने नए नियम में यूहन्ना से प्राप्त किया था। जिस तरह पुराने नियम में महायाजक ने इस्राएल के लोगों के पापों को पापबलि के ऊपर डालने के लिए उसके सिर पर हाथ रखा था, उसी प्रकार मनुष्यों के सभी पापों को यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाले से यीशु के बपतिस्मा के द्वारा उस पर डाले गए थे। फिर यीशु हमारे पापों का प्रायश्चित करने के लिए क्रूस पर मर गया। यह सत्य का खुबसूरत सुसमाचार है।
जिस प्रकार हारून महायाजक ने इस्राएल के लोगों के स्थान पर प्रायश्चित के लिए बलिदान दिया, उसी प्रकार यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाला, हारून के वंशजों में से एक ने यीशु को बपतिस्मा देकर मनुष्यजाति के प्रतिनिधि के रूप में कार्य को अंजाम दिया, और इस तरह मनुष्यजाति के सारे पापों को उस पर डाल दिए। परमेश्‍वर ने बाइबल में उसके प्रेम की ऐसी अद्भुत योजना का वर्णन किया है जैसे भजन संहिता ५०:४-५, “वह अपनी प्रजा का न्याय करने के लिये ऊपर से आकाश को और पृथ्वी को भी पुकारेगा: मेरे भक्तों को मेरे पास इकट्ठा करो, जिन्होंने बलिदान चढ़ाकर मुझ से वाचा बान्धी है”। आमीन, हाल्लेलुयाह।
कलीसिया का इतिहास बताता है कि शुरुआती कलीसिया में पहली दो शताब्दियों के लिए कोई क्रिसमस नहीं था। यीशु के प्रेरितों के साथ कलीसिया के शुरुआती मसीहीयों ने यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाले के द्वारा यरदन में केवल ६ जनवरी को "यीशु के बपतिस्मा के दिन" के रूप में मनाया था। उन्होंने अपने विश्वासों में यीशु के बपतिस्मा पर इतना बड़ा जोर क्यों दिया? इसका जवाब अपोस्टोलिक परंपरा की मसीहियत है। लेकिन मैं आशा करता हूँ की आप विश्वासियों के बपतिस्मा और यीशु के बपतिस्मा में भ्रमित नहीं होंगे।
विश्वासियों का बपतिस्मा जो आज मौजूद है उसका मतलब यूहन्ना के द्वारा यीशु के बपतिस्मा के मतलब से भिन्न है। इसलिए, यदि हम पवित्र आत्मा का अंतर्निवास प्राप्त करना चाहते हैं तो हम सभी को यीशु के चेलों के समान विश्वास करना चाहिए। हम सभी को यीशु मसीह के बपतिस्मा पर जो उसे यूहन्ना के द्वारा मिला था उअर क्रूस पर उसके लहू में विश्वास करके पवित्र आत्मा का अंतर्निवास प्राप्त करना चाहिए।
यदि आरंभिक कलीसिया ने बपतिस्मा को एक अत्यंत महत्वपूर्ण विधि के रूप में सोचा था, तो यह यीशु के बपतिस्मा में उनके विश्वास के कारण था, और हमें आजकल यूहन्ना द्वारा बपतिस्मा को हमारे उद्धार के लिए अनिवार्य घटक के रूप में मानना चाहिए। इसके अलावा, हमें पूर्ण ज्ञान के सही विश्वास तक पहुंचना चाहिए और उसे बनाए रखना चाहिए, जो कहता है कि यीशु को यूहन्ना द्वारा बपतिस्मा लेने के कारण क्रूस पर चढ़ाया जाना था। हमें यह ध्यान में रखना चाहिए कि पवित्र आत्मा हमारे अन्दर तब बसता है जब हम मानते हैं कि यीशु ने बपतिस्मा लिया था, क्रूस पर मर गया और हमारे उद्धारकर्ता बनने के लिए पुनरुत्थित हुआ था। यूहन्ना के द्वारा यीशु का बपतिस्मा और क्रूस पर उसके लहू का खुबसूरत सुसमाचार में ख़ास मतलब है।
हमारे लिए पवित्र आत्मा प्राप्त करने का सुरक्षित तरीका यीशु के बपतिस्मा और लहू के खुबसूरत सुसमाचार पर विश्वास करना है। यीशु के बपतिस्मा ने एक ही बार में मनुष्यजाति के सभी पापों को साफ कर दिया। यह छुटकारे का बपतिस्मा था जो हमें पवित्र आत्मा प्राप्त करने के लिए प्रेरित करता है। चूँकि कुछ लोग यीशु के बपतिस्मा के सामर्थ का एहसास नहीं करते हैं, वे इसे मात्र समारोह के रूप में समझते हैं।
यीशु का बपतिस्मा खुबसूरत सुसमाचार का हिस्सा है, जो बताता है कि उसने दुनिया के सभी पापों को कैसे दूर किया और क्रूस पर लहू बहाकर उनके लिए न्याय का स्वीकार किया। जो कोई भी इस खुबसूरत सुसमाचार के वचनों पर विश्वास करता है, वह कलीसिया का सदस्य बन जाता है, जो कि प्रभु का आधिपत्य है, और पवित्र आत्मा के आशीषों का आनंद लेता है। पवित्र आत्मा उन लोगों के लिए परमेश्वर की ओर से एक उपहार है जिन्होंने अपने पापों की माफ़ी पाली है।
“देखो, यह परमेश्वर का मेम्ना है, जो जगत के पाप उठा ले जाता है” (यूहन्ना १:२९)। यूहन्ना १:६-७ यह कहता है, “एक मनुष्य परमेश्वर की ओर से आ उपस्थित हुआ जिस का नाम यूहन्ना था। यह गवाही देने आया, कि ज्योति की गवाही दे, ताकि सब उसके द्वारा विश्वास लाएं”। यीशु पर उद्धारकर्ता के रूप में विश्वास करने के लिए जिसने हमारे सारे पापों को उठा लिया, हमें बाइबल में लिखी यूहन्ना की सेवकाई और गवाही को समझना होगा। उसके बाद हम यीशु में हमारे उद्धारकर्ता के रूप में विश्वास करने के काबिल बनेंगे। पवित्र आत्मा पाने के लिए, हमें भी उसकी गवाही में मजबूत विश्वास करने की आवश्यकता है। इसलिए, सत्य के खुबसूरत सुसमाचार को पूर्ण करने के लिए, हमें यूहन्ना के द्वारा यीशु के बपतिस्मा और क्रूस पर उसके लहू में विश्वास करना ही चाहिए।
मत्ती 11:12 में लिखा है कि, “यूहन्ना बपतिस्मा देने वाले के दिनों से अब तक स्वर्ग के राज्य पर जोर होता रहा है, और बलवान उसे छीन लेते हैं”। इस भाग को बाइबल में सबसे कठिन भाग के रूप में जाना जाता है। हालांकि, हमें "यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाले के दिन से" वाक्यांश पर ध्यान देना होगा। यह निश्चित रूप से घोषणा करता है कि यूहन्ना की सेवकाई हमारे उद्धार के लिए यीशु की सेवकाई के साथ जुडी हुई थी।
यीशु चाहता है कि हम निडर विश्वास के साथ राज्य में प्रवेश करे। हम हर दिन पाप करते हैं, हम कमज़ोर हैं, लेकिन वह हमें हमारी दुष्टता की परवाह किए बिना विश्वास के साथ अपने राज्य में प्रवेश करने की अनुमति देता है। तो इस भाग का मतलब यह है कि लोग खुबसूरत सुसमाचार में विश्वास के द्वारा स्वर्ग के राज्य को ले सकते हैं जो कहता है कि यीशु ने यूहन्ना से बपतिस्मा के द्वारा और क्रूस पर अपने लहू के द्वारा जगत के सारे पापों को मिटा दिया है। दूसरे शब्दों में, इसका मतलब है यीशु के बपतिस्मा और लहू के इस खुबसूरत सुसमाचार में विश्वास के द्वारा स्वर्ग राज्य लिया जा सकता है।
यीशु के बपतिस्मा ने हमारे सारे पापों को दूर कर दिया, और इसमें हमारा विश्वास इस बात की सुनिश्चितता देता है कि हमें पवित्र आत्मा का अंतर्निवास प्राप्त होगा। हमें अपने पड़ोसियों, रिश्तेदारों, परिचितों और दुनिया में बाकी सभी लोगों को इस सुसमाचार का प्रचार करना चाहिए। हमें उस खुबसूरत सुसमाचार पर विश्वास करना चाहिए जो कहता है कि दुनिया के पापों को यीशु ने अपने बपतिस्मा के द्वारा अपने ऊपर उठा लिया था। अपने विश्वास के माध्यम से हम छुटकारे का आनंद और पवित्र आत्मा के अंतर्निवास को प्राप्त करेंगे।
यीशु के बपतिस्मा ने हमारे सभी पापों को दूर कर दिया, और उसका लहू पाप का न्याय था। हमें गैर-विश्वासियों को पानी और आत्मा के खुबसूरत सुसमाचार को समझाना चाहिए। केवल ऐसा करने से ही वे सुसमाचार पर विश्वास करेंगे और पवित्र आत्मा को प्राप्त करेंगे। मैं चाहता हूं कि आप इस पर विश्वास करें। केवल यूहन्ना के द्वारा यीशु के बपतिस्मा और क्रूस पर उसके लहू में विश्वास के द्वारा ही मनुष्य को उसके सभी पापों के लिए क्षमा किया जा सकता है और पवित्र आत्मा का अंतर्निवास पा सकता है।
प्रत्येक व्यक्ति प्रभु की संतान बन सकता है, जिसमें पवित्र आत्मा बसता है, और हमारे एक भाई और बहन पानी और आत्मा के खुबसूरत सुसमाचार में विश्वास करते हैं। आपको खुबसूरत सुसमाचार में उतना ही विश्वास होना चाहिए जितना कि पौलुस के पास था। मैं परमेश्वर को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने हमें यह खुबसूरत सुसमाचार दिया और उनकी प्रशंसा करता हूँ। आमीन।