उपदेश

विषय ८ : पवित्र आत्मा

[8-16] (यशायाह ६१:१-११) जिन्होंने पवित्र आत्मा पाया है उन सब के लिए कार्य

(यशायाह ६१:१-११)
“प्रभु यहोवा का आत्मा मुझ पर है; क्योंकि यहोवा ने सुसमाचार सुनाने के लिये मेरा अभिषेक किया और मुझे इसलिये भेजा है कि खेदित मन के लोगों को शान्ति दूँ; कि बन्दियों के लिये स्वतंत्रता का और कैदियों के लिये छुटकारे का प्रचार करूँ; कि यहोवा के प्रसन्न रहने के वर्ष का और हमारे परमेश्‍वर के पलटा लेने के दिन का प्रचार करूँ; कि सब विलाप करनेवालों को शांति दूँ। और सिय्योन के विलाप करनेवालों के सिर पर की राख दूर करके सुन्दर पगड़ी बाँध दूँ, कि उनका विलाप दूर करके हर्ष का तेल लगाऊँ और उनकी उदासी हटाकर यश का ओढ़ना ओढ़ाऊँ; जिस से वे धर्म के बांजवृक्ष और यहोवा के लगाए हुए कहलाएँ और जिससे उसकी महिमा प्रगट हो। तब वे बहुत काल के उजड़े हुए स्थानों को फिर बसाएँगे, पूर्वकाल से पड़े हुए खण्डहरों में वे फिर घर बनाएँगे; उजड़े हुए नगरों को जो पीढ़ी पीढ़ी से उजड़े हुए हों वे फिर नये सिरे से बसाएँगे। परदेशी आ खड़े होंगे और तुम्हारी भेड़–बकरियों को चराएँगे और विदेशी लोग तुम्हारे हल चलानेवाले और दाख की बारी के माली होंगे; पर तुम यहोवा के याजक कहलाओगे, वे तुम को हमारे परमेश्‍वर के सेवक कहेंगे; और तुम जाति जाति की धन–सम्पत्ति को खाओगे, उनके वैभव की वस्तुएँ पाकर तुम बड़ाई करोगे। तुम्हारी नामधराई के बदले दूना भाग मिलेगा, अनादर के बदले तुम अपने भाग के कारण जयजयकार करोगे; तुम अपने देश में दूने भाग के अधिकारी होगे; और सदा आनन्दित बने रहोगे। क्योंकि मैं यहोवा न्याय से प्रीति रखता हूँ, मैं अन्याय और डकैती से घृणा करता हूँ; इसलिये मैं उनको उनका प्रतिफल सच्‍चाई से दूँगा, और उनके साथ सदा की वाचा बाँधूँगा। उनका वंश जाति जाति में और उनकी सन्तान देश देश के लोगों के बीच प्रसिद्ध होगी; जितने उनको देखेंगे, पहिचान लेंगे कि यह वह वंश है जिसको परमेश्‍वर ने आशीष दी है। मैं यहोवा के कारण अति आनन्दित होऊँगा, मेरा प्राण परमेश्‍वर के कारण मगन रहेगा; क्योंकि उसने मुझे उद्धार के वस्त्र पहिनाए, और धर्म की चद्दर ऐसे ओढ़ा दी है जैसे दूल्हा फूलों की माला से अपने आपको सजाता और दुल्हिन अपने गहनों से अपना सिंगार करती है। क्योंकि जैसे भूमि अपनी उपज को उगाती, और बारी में जो कुछ बोया जाता है उसको वह उपजाती है, वैसे ही प्रभु यहोवा सब जातियों के सामने धार्मिकता और धन्यवाद को बढ़ाएगा”।

जिन्होंने पवित्र आत्मा पाया है उनका
कार्य क्या है?
सारे जगत के लोगों को पानी और आत्मा के 
सुसमाचार को प्रचार करना।
 
जिस व्यक्ति ने पवित्र आत्मा पाया है उसे क्या करना चाहिए? उसे सारे लोगों को पानी और आत्मा के सुसमाचार का प्रचार करना चाहिए। परमेश्वर ने नया जन्म पाने का सुसमाचार उन लोगों को दिया है जिन्होंने पवित्र आत्मा का अंतर्निवास पाया है। जिनके पाप परमेश्वर के सन्मुख में माफ़ किए गए है वे पवित्र आत्मा पा सकते है। तो फिर आप क्या सोचते है की परमेश्वर उन्हें पवित्र आत्मा का उपहार क्यों देते है?
उनको आख़री निश्चितता देने के लिए की उसने उन्हें उनकी संतान बनाया है, वह पवित्र आत्मा का उपहार देता है। वह यह भी इच्छा रखता है की वे शैतान पर जय पाए। जिन्होंने अपने पापों से माफ़ी पाई है और पवित्र आत्मा का अंतर्निवास पाया है उन्हें वह निम्नलिखित व्यक्ति बनाता है:
 

वह उनसे गरीबों को सुसमाचार प्रचार करवाता है
 
गरीबों के लिए सुसमाचार क्या है? यह पानी और आत्मा का सुसमाचार है। परमेश्वर ने उन लोगों को गरीबों को खुबसूरत सुसमाचार सुनाने का आदेश दिया है जिन्होंने पवित्र आत्मा का अंतर्निवास पाया है। जिन्होंने पवित्र आत्मा पाया है, उनके पास स्वर्ग की आशा है, इसलिए वे पृथ्वी की चीजो से तृप्त नहीं होते।
परमेश्वर ने गरीबों को पानी और आत्मा का सुसमाचार दिया है और उन्हें उनके पापों से माफ़ किया है। उसने उन्हें पवित्र आत्मा का अंतर्निवास भी दिया है और अनन्त संसार में प्रवेश करवाया है। परमेश्वर ने धर्मी को आदेश दिया है की वे गरीबों को पानी और आत्मा का सुसमाचार सुनाए। उन्होंने परमेश्वर और यीशु पर विश्वास को फैलाने के लिए भी समझाया है। परमेश्वर ने हमें पवित्र आत्मा दिया है उसका कारण यह है की हम बहुतायत से जगत के गरीबों को खुबसूरत सुसमाचार का प्रचार करे।
 

वह हमें टूटे मन वालों को चंगा करने के लिए भेजता है
 
हमारा प्रभु हमारे मन को कैसे चंगा करता है? वह टूटे हुए हृदय वालों को पानी और आत्मा के सुसमाचार से चंगा करता है। कई लोग ऐसे है जिनका हृदय टूटा हुआ है। उनके लिए जीवन बेकार है और उनकी धार्मिकता उजड़ी हुई है। उनके पापों की वजह से उनका जीवन नम्र और पीड़ा से भरा हुआ है। इसलिए, वे अक्सर उनके जीवन के प्रति संदेह के कारण सताए जाते है। सारे मनुष्य इच्छा रखते है की वे उत्तम जीवन जिए और अपने शरीर और आत्मा में समृध्धि का आनन्द ले, लेकिन यह इतना आसान नहीं है वैसे ही जैसे व्यक्ति की सारी सम्पति चोर चोरी करले।
इसी तरह, जिनके हृदय में पाप है निरंतर उनकी धार्मिकता चोरी की जाति है, और अन्त में, अपने पापों की वजह से नरक में जाते है। इसी लिए प्रभु ने, टूटे मन वालों के ऊपर दया की, और हमें आज्ञा दी की हम उनको खुबसूरत सुसमाचार सुनाए। परमेश्वर उन्हें किन वचनों के द्वारा चंगा करता है? वह पानी और आत्मा के खुबसूरत सुसमाचार के द्वारा यह करता है। उसने टूटे मन वालों को चंगा किया है और उन्हें अनन्त जीवन भी दिया है’।
 

वह पाप के गुलामो को स्वतंत्रता की घोषणा करता है
 
वह गुलामों को स्वतंत्रता देता है। इसका मतलब क्या है? इसका मतलब है की परमेश्वर ने जगत के सारे पापों से उनको स्वतंत्र किया है। उसने यह कार्य केवल उन लोगों को दिया है जिन्होंने पवित्र आत्मा को पाया है, और वे दूसरों को उनके पापों से स्वतंत्र कर सकते है।
मनुष्य के पास शरीर और आत्मा है। और उसका शरीर और आत्मा पापों के श्राप और व्यवस्था से घिरा हुआ है। वह केवल पापों के गुलाम की तरह जी सकता है, वह परमेश्वर पर विश्वास करता है की नहीं करता इसका कोई लेना देना नहीं है। पाप के साथ पैदा होने की वजह से, वह पाप करता है। इस तरह, वह अपने पूरे जीवन भर पापों की गुलामी में जीने के लिए नियोजित है। वह इसी रीति से जीवन जीता है और अन्त में वह नाश होने के लिए नियोजित किया गया है।
यही कारण है कि वह अपनी कमजोरी के बारे में आत्म-दया में लिप्त रहते हुए इस अपरिहार्य जीवन को जीता है जिसने उसे इस स्थिति में डाल दिया है। परमेश्वर उन लोगों के पास पवित्र आत्मा भेजता है जो पाप करता है और मरने के लिए नियोजित है, जिससे की वे पाप में डूबे हुए को सुसमाचार प्रचार कर सके, और गुलामों को उनके पापों से स्वतंत्र कर सके। 
 

वह दुखी को आराम देता है
 
परमेश्वर दुखी लोगों को क्या देता है? उनको माफ़ी का सुसमाचार देकर, परमेश्वर जगत के सारे दुखी लोगों को शान्ति देता है। उसने मनुष्यजाति को उनके पापों की माफ़ी देने के लिए यीशु मसीह को इस जगत में भेजा। और जगत के सारे पाप उसके ऊपर डालने के लिए, उसने उसे यूहन्ना के द्वारा बपतिस्मा दिया और क्रूस पर उसकी मौत हुई। इस तरह परमेश्वर ने हमें हमारे पापों से शुध्ध किया है। इसतरह, परमेश्वर ने जगत के सरे पापों से बचाया है।
हमारा प्रभु दुखी लोगों को पानी और आत्मा का खुबसूरत सुसमाचार देने के द्वारा शान्ति देता है। यह करने के द्वारा, वह अधूरे विश्वास से पीड़ित लोगों को आशीष देता है। वह इस खुबसूरत सुसमाचार प्रचार करने, टूटे मन वालों को चंगा करने और पापों की गुलामी में पड़े लोगों को स्वतंत्र करने के लिए केवल उन लोगों की अगुवाई करता है जिन्होंने पवित्र आत्मा पाया है।
इस संसार में हमारा अस्तित्व हमारे प्रभु से माफ़ी पाने और पापों में जकडे लोगों को खुबसूरत सुसमाचार प्रचार करने और उन्हें पापों से छूडाकर शान्ति देने के लिए है। परमेश्वर हमसे कहता है की भले ही हमारा जीवन छोटा है, लेकिन वह बेकार नहीं है। परमेश्वर ने तैयार की हुई पापों की माफ़ी और मनुष्यजाति के लिए आशीष इस हकीकत का सबूत है।
हमारे परमेश्वर ने दुखी लोगों को महिमा का मुगुट भी वसीयत में दिया है। इसका मतलब है की पापियों को उनके पापों से माफ़ी मिल चुकी है, यीशु के बपतिस्मा के लिए धन्यवाद और इसतरह स्वर्ग के राज्य में प्रवेश कर सकते है। यदि व्यक्ति अपने पापों से माफ़ी पा चुका है तो वह अपने मन में प्रसन्न होगा और इस अद्भुत आशीष की सराहना करेगा। हमारे प्रभु ने उसे महिमा का मुगुट दिया है। उसने पापियों को पानी और आत्मा का सुसमाचार दिया है और उस पर विश्वास करने वालों को अपनी संतान बनाया है। इस खुबसूरत सुसमाचार पर विश्वास करने वाले दुःख नहीं लेकिन आनन्द का अनुभव करते है।
जैसे की हर मनुष्य रोते हुए जन्म लेता है और मर जाता है, आनन्द क्षणिक है, और उनके मन दुःख से भरे हुए हिते है। हालाँकि, परमेश्वर ने उनसे मुलाक़ात की और उन्हें आशा और प्रकाश से नया जन्म दिया। इसी तरह, खुबसूरत सुसमाचार पर विश्वास करके नया जन्म पाए हुए लोग जीवन जीते है और नया कार्य प्राप्त करते है। उसके अतिरिक्त, वे वह करपाते है जो परमेश्वर इच्छा रखता है, और वह है जगत के सारे पापियों को पानी और आत्मा के सुसमाचार का प्रचार करना, उनके दिलों से सरे दुःख को बहार निकालना और इसके बदले उन्हें सारे आनन्द का अनुभव करवाना।
जिनके पाप परमेश्वर के द्वारा माफ़ किए गए है वे परमेश्वर को महिमा दे। उसने धर्मी को खुबसूरत सुसमाचार प्रचार करने के लिए कहा है। उसने अपने बारे में जैसा है वैसे ही प्रचार करने के लिए कहा है, उसने जो सुसमाचार दिया है, और उसने हमारे लिए कैसा महिमावान स्वर्ग का राज्य तैयार कर के रखा है वह। हम उसके द्वारा माफ़ी पाए हुए व्यक्ति के अन्दर परमेश्वर की महिमा देख सकते है। जो लोग पवित्र आत्मा पाने से पहले अपने जीवन में दुखी थे अब वह आनन्द करते है, जो लोग पापों से घिरे हुए थे वे अब स्वतंत्र हुए है, और जो बेकार का जीवन जी रहे थे वे अब धर्मी जीवन जी रहे है। यह सब परमेश्वर की महिमा को दिखाता है। परमेश्वर ने धर्मी व्यक्ति को टूटे हुओ को फिरसे बनाने वाले, उजड़े हुओ को फिर से खड़ा करने वाले, और नष्ट किए हुए शहर को बनाने वाले के रूप में दर्शाया है।
वास्तव में, पानी और आत्मा का सुसमाचार आरम्भ की कलीसिया के समय में प्रेरितों के द्वारा प्रचार किया गया था। यीशु को तक़रीबन दो हजार साल पहले इस संसार में भेजा गया था। ई.स. ३०० तक पानी और आत्मा का सुसमाचार इस जगत में प्रचार होता रहा। आज धर्मी के द्वारा जो सुसमाचार प्रचार किया जाता है यह वाही सुसमाचार है जो प्रेरित उन समय में प्रचार करते थे। हालाँकि, ४थी शताब्दी के रोमन साम्राज्य के आरम्भ में, जब रोम ने मसीहियत को राज्य धर्म बनाया और नागरिकों को धार्मिक स्वतंत्रता दी तब यीशु के बपतिस्मा का सुसमाचार मलिन हो गया और धीरे धीरे गायब हो गया। यह इसके बाद हुआ था, जब मसीहियत एक स्थापित धर्म के रूप में ज्यादा समृध्ध हुआ, तब जिन्होंने सच्चा सुसमाचार प्रचार किया था वे नष्ट हो गए।
क्यों सच्ची मसीहियत और सच्चे सुसमाचार का प्रचार करने वालों का विश्वास बदल गया? मसीहियत रोमन साम्राज्य का राज्य धर्म बनने के बाद, मसीही लोग कई बन्धनों से स्वतंत्र हो गए और रोमन नागरिकों के जैसे अधिकारों का उपयोग करने लगे। उसके बाद मसीही रोमन लोगों से शादी कर पाए, और सरकारी सेवा में भी प्रवेश कर पाए। इस अधिकारों के कारण, उनका पुनरुत्थान का विश्वास केवल साधारण विश्वास बनकर रह गया। तब से लेकर, पानी और आत्मा का सुसमाचार गायब हो गया, और धर्मनिरपेक्ष मसीहियत बढ़ने लगी।
परमेश्वर ने अपने दुसरे आगमन के आख़री समय के हम मसीहियों को पानी और आत्मा के खुबसूरत सुसमाचार का प्रचार करने के लिए कहा है जो बड़े लम्बे समय से नष्ट हो गया था, और ऐसे मनुष्यजाति को उनके पापों से बचाया। वह पानी और आत्मा के खुबसूरत सुसमाचार को फिर से प्रचलित करेगा जो प्रेरितों के समय में प्रचार किया गया था। प्रेरितों के समय में खुबसूरत सुसमाचार यीशु के बपतिस्मा और क्रूस पर के उसके लहू का सुसमाचार था। उसने हम मनुष्यों को बुलाया है जो नाबाह किए गए शहर को फिर से बनाएंगे। उसने हमें पानी और आत्मा के सुसमाचार को सिखाया और विश्वास करना सिखाया, और हमें उनकी दाख की बारी में किसान बनाया है।
परमेश्वर ने हमें प्रेरितों के समान ही कार्य दिया है। उसने आपको और मुझे पानी और आत्मा का यह मूल सुसमाचार प्रचार करने के लिए कहा है। “प्रभु यहोवा का आत्मा मुझ पर है; क्योंकि यहोवा ने सुसमाचार सुनाने के लिये मेरा अभिषेक किया”। परमेश्वर ने उन लोगों को सुसमाचार प्रचार करने के लिए कहा है जिन्होंने पहले से पवित्र आत्मा पाया है और हमें पवित्र आत्मा दिया है।
परमेश्वर ने हमें फूलों का मुगुट पहनाया है, सारे दुःख को दूर किया है, और हमें आनन्द देने के द्वारा हमें स्तुति के पोशाक पहनाए है। जिनके हृदय के अन्दर पवित्र आत्मा है वे दूसरो के लिए इस खुबसूरत सुसमाचार का बिज बोते है। तब वे भी हमारे प्रभु के द्वारा सुसमाचार स्वीकार करेंगे, और अन्त में पवित्र आत्मा पाएंगे।
हम परमेश्वर के लिए कार्य करनेवाले बन गए है। आप और मैं स्वर्ग के राज्य की महिमा से आशीषित है। हालाँकि, परमेश्वर ने उनको अन्धा कर दिया है जिनके पास पवित्र आत्मा नहीं है जिससे की वे इस खुबसूरत सुसमाचार को न जान सके, न देख सके, और न सकझ सके। वे दुसरे लोगों को यीशु पर विश्वास करने के योग्य बना सकते है, लेकिन खुद पवित्र आत्मा नहीं प्राप्त कर सकते।
जिन्होंने पवित्र आत्मा पाया है उनके द्वारा परमेश्वर निम्नलिखित कार्य करता है। वह उनसे गरीबों को खुबसूरत सुसमाचार प्रचार करवाता है और पानी और आत्मा के सुसमाचार के द्वारा टूटे मन वालों को चंगा करता है। उसने पाप की गुलामी में पड़े लोगों को उद्धार की सच्ची स्वतंत्रता दी है और दुखी लोगों को पानी और आत्मा के सुसमाचार के द्वारा शान्ति दी है। उसने जो लोग अपनी कमजोरी के कारण पाप में बंधे हुए है उन्हें स्वतंत्र किया है, उन्हें आनन्द और आशा दी है और स्वर्ग में उठा लिया है।
इसके अनुसार, पवित्र आत्मा जो हमारे अन्दर बसता है वह हमें सारे लोगों को पानी और आत्मा का सुसमाचार प्रचार करने के लिए कहता है। जिनके पाप माफ़ हो गए है और जिन्होंने पवित्र आत्मा पाया है उनको यीशु मसीह ने कहा है की वे सारे पापियों को उनके पापों से बचाए। प्रभु अपनी योजना के लिए उन लोगों को चुनता है और सशक्त करता है जिन्होंने पवित्र आत्मा का अंतर्निवास पाया है। उन्होंने सारे धर्मी व्यक्ति को अपना कार्य करने के लिए कहा है। हम उनके कार्य करनेवाले है, वे जो उनकी दाख की बारी यानी की परमेश्वर की कलीसिया के कारभारी के रूप में है। हम उसके सेवक है। परमेश्वर ने हमें यह अद्भुत आशीष दी है।
जब हम अपनी देह की ओर देखते है तब हमें हमारी कमजोरी का एहसास होता है, लेकिन परमेश्वर हमारे साथ कार्य करता है, इसलिए हमें उसमें विश्वास करना है और विश्वास से उसके सेवक बनना है। हम विश्वास करते है की परमेश्वर हमारे द्वारा कई महान कार्य करेंगे और हम पर उसके राज्य का विस्तार करेंगे।
परमेश्वर ने नष्ट हुए शहरों में बर्बाद किए गए सुसमाचार के किल्ले को फिरसे बनाने का फ़ैसला कर लिया है। उसने वादा किया है की वह उजड़े स्थान को और नष्ट किए गए शहरों को फिर से बनाएगा। मैं विश्वास करता हूँ की पूरी दुनिया में फिर से सुसमाचार की जागृति फैलेगी!
हालाँकि यह मेरी इच्छा नहीं है। मैं यह विश्वास करता हूँ क्योंकि परमेश्वर ने ऐसा कहा है इसलिए। हमारा प्रभु उनसे पूरी दुनिया में खुबसूरत सुसमाचार का प्रचार करवाएगा जिनके पास पवित्र आत्मा है। उसने अपने बेटे को इस जगत में भेजा और सुसमाचार को परिपूर्ण किया, और मैं विश्वास करता हूँ की वह एक बार फिर हमारे द्वारा जिन्होंने पवित्र आत्मा पाया है उनके द्वारा अपनी इच्छा को पूरा करेगा। जो लोग इस खुबसूरत सुसमाचार में विश्वास करते है वे परमेश्वर की महिमा देखेंगे। हाल्लेलूया!