उपदेश

विषय ८ : पवित्र आत्मा

[8-18] (यहोशू ४:२३) सत्य जो पवित्र आत्मा को आप के अन्दर रखने के लिए आपकी अगुवाई करता है

(यहोशू ४:२३)
“क्योंकि जैसे तुम्हारे परमेश्‍वर यहोवा ने लाल समुद्र को हमारे पार हो जाने तक हमारे सामने से हटाकर सुखा रखा था, वैसे ही उसने यरदन का भी जल तुम्हारे पार हो जाने तक तुम्हारे सामने से हटाकर सुखा रखा”।

यरदन नदी की घटना हमें 
क्या सिखाती है?
यह हमें सिखाती है की यीशु मसीह ने मनुष्य जाति के पापों के 
परिणाम जो मौत आई थी उसे सम्पूर्ण रीति से हराया है।
 
मै सत्य के खुबसूरत सुसमाचार के बारे में बोलना चाहता हूँ जो हमें पवित्र आत्मा का अंतर्निवास प्रदान करता है। मूसा के मृत्यु के बाद, परमेश्वर ने यहोशू को इस्राएल के अगवे के रूप में नियुक्त किया। मूसा पुराने नियम की व्यवस्था का प्रतिनिधि था। यदि मूसा इस्राएल के लोगों के साथ यरदन नदी पार करके कनान देश में आता, तो यहोशू को लोगों का अगुवा बनने की जरुरत नहीं होती। हालाँकि, परमेश्वर ने मूसा को केवल कनान देश के सामने के भाग में आने दिया, और उसे अन्दर प्रवेश करने से रोका।
 

हमारे प्रभु ने हमें मूसा और यहोशू दिए
 
मूसा, पुराने नियम की व्यवस्था का प्रतिनिधि, इस्राएल के लोगों को कनान के देश में नहीं ले जा सका। यदि उसने व्यवस्था के आधीन रहकर ऐसा किया होता, तो वह हमारे उद्धार के लिए परमेश्वर की योजना के खिलाफ में होता। कोई भी व्यवस्था के सामने अपने पापों से मुक्त नहीं हो सकता था क्योंकि कोई भी व्यवस्था का पालन नहीं करा सकता था। क्योंकि व्यवस्था पापों की पहिचान करने के लिए है (रोमियों ३:२०)।
परमेश्वर ने मनुष्य को व्यवस्था दी उसका कारण था उसे पाप का ज्ञान देना था, व्यवस्था को सिखानेवाला बनाया और उसे मसीह की ओर अगुवाई की जिससे की वह विश्वास के द्वारा न्यायी बने (गलातियों ३:२४)। हालाँकि व्यवस्था यीशु को ढूँढने के मार्गदर्शन के अलावा और कुछ भी नहीं है, लोगों को यीशु की जरुरत थी, और इसलिए यीशु को इस जगत में आना पडा। परमेश्वर ने यहोशू को आदेश दिया था की वह इस्राएल के लोगों को यरदन नदी पार करे और कनान देश में प्रवेश करे।
परमेश्वर उन्हें मूसा के मृत्यु के बाद, उनके नए अगुवे के साथ कनान देश में लेकर गए। यहोशू ने लोगों के सरदारों को आदेश दिया, “छावनी में इधर उधर जाकर प्रजा के लोगों को यह आज्ञा दो, कि अपने अपने लिये भोजन तैयार कर रखो; क्योंकि तीन दिन के भीतर तुम को इस यरदन के पार उतरकर उस देश को अपने अधिकार में लेने के लिये जाना है जिसे तुम्हारा परमेश्‍वर यहोवा तुम्हारे अधिकार में देनेवाला है” (यहोशू १:११)।
मूसा से असम्भव हुआ तब परमेश्वर ने यहोशू को कनान देश में प्रवेश करने का आदेश दिया, और कहा, “और तू वाचा के सन्दूक के उठानेवाले याजकों को यह आज्ञा दे, ‘जब तुम यरदन के जल के किनारे पहुँचो, तब यरदन में खड़े रहना’।” तब यहोशू ने इस्राएलियों से कहा, “पास आकर अपने परमेश्‍वर यहोवा के वचन सुनो।” और यहोशू कहने लगा, “इससे तुम जान लोगे कि जीवित ईश्‍वर तुम्हारे मध्य में है, और वह तुम्हारे सामने से नि:सन्देह कनानियों, हित्तियों, हिब्बियों, परिज्जियों, गिर्गाशियों, एमोरियों, और यबूसियों को उनके देश में से निकाल देगा” (यहोशू ३:८-१०)।
मूसा के मृत्यु के बाद, परमेश्वर ने यहोशू को इस्राएल के अगुवे के रूप में नियुक्त किया और उसे इस्राएल के लोगों के साथ कनान देश में प्रवेश करने का आदेश दिया। यहोशू नाम का मतलब है “उद्धारकर्ता”, “यीशु”, और “होशे” का समानार्थी। परमेश्वर के सेवक, यहोशू ने याजकों को आदेश दिया की वे वाचा के संदूक को उठाले और इस्राएल के लोगों के साथ यरदन नदी को पार करे। जब याजकों ने संदूक को उठाया और उनके पाँव यरदन तीर के जल में डूब गए (यरदन का जल तो कटनी के समय के सब दिन अपने तट के ऊपर ऊपर बहा करता था), तब जो जल ऊपर की ओर से बहा आता था वह बहुत दूर, अर्थात् आदाम नगर के पास जो सारतान के निकट है रुककर एक ढेर हो गया। तब जो जल ऊपर की ओर से बहा आता था वह बहुत दूर, अर्थात् आदाम नगर के पास जो सारतान के निकट है रुककर एक ढेर हो गया, और दीवार–सा उठा रहा, और जो जल अराबा का ताल जो खारा ताल भी कहलाता है, उसकी ओर बहा जाता था, वह पूरी रीति से सूख गया; और प्रजा के लोग यरीहो के सामने पार उतर गए (यहोशू ३:१५-१६)।
इस घटना के द्वारा, परमेश्वर हमें यह सिखाता है की उसने पाप और मनुष्यजाति के न्याय के कारण जो मृत्यु आई थी उसे सम्पूर्ण रीति से हरा दिया था। दुसरे शब्दों में, यीशु मसीह हमारे उद्धारकर्ता ने यूहन्ना द्वारा बपतिस्मा लेने के द्वार मनुष्यजाति के सारे पापों को ले लिया था और क्रूस पर मारा था। इस रीति से, उसने मनुष्यजाति को कनान देश में अगुवाई देकर उनके पापों से बचाया, जो स्वर्ग का राज्य है।
 

यरदन नदी वो जगह है जहाँ मनुष्यजाति को शुध्ध किया गया
 
पुराने और नए नियम मी दर्ज यरदन नदी के आसपास की ऐतिहासिक घटना, मनुष्यजाति के पापों के कारण उत्पन्न हुए श्राप और न्याय से उद्धार पाने के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है।
यरदन नदी को मृत्यु की नदी, और मृत सागर के रूप में दर्शाया गया है। यरदन शब्द का मतलब है “ऐसी नदी जो केवल निचे की ओर बहती है, मृत्यु की ओर” या “डूबना, दबाना, दबाव डालना, छोड़ना”। यह स्पष्ट रूप से मनुष्यजाति के पापों का इतिहास दर्शाता है। इस नदी में, यीशु ने, अपने बपतिस्मा के द्वारा, मनुष्य के द्वारा नहीं रोका जाने वाला पाप का बहाव पाया था, और फिर क्रूस पर मरा और मनुष्यजाति के बदले में पापों का न्याय उठाया।
हम आदम और हव्वा के वंशज कहा की ओर जा रहे है? हालाँकि सारी सृष्टि पाप के साथ पैदा हुई थी, इसलिए वे पाप करते है, और उस पापों की किंमत के रूप में, वे मृत्यु की ओर आगे बढ़ रहे है। मनुष्यजाति के इतिहास में, सारे प्राणी अपने जन्म से ही नाश की ओर जा रहे है। भले ही वे अपने पापी स्वभाव को नियंत्रित करने का कठिन प्रयाश करे, लेकिन वे नहीं कर सकते, और इसलिए वे अपने पापों के लिए आख़री न्याय की ओर आगे बढ़ रहे है।
हालाँकि, परमेश्वर ने पाप और न्याय के प्रवाह को काट दिया है। परमेश्वर ने यहोशू को इस्राएल के लोगों के साथ यरदन नदी पार करके कनान देश में ले गया। यहोशू के लिए यह परमेश्वर की इच्छा थी। यह कहानी सुझाव देती है की पाप से मुक्त होने के लिए, हमें पाप का मूल्य चुकाना चाहिए, जो मृत्यु है, और इस किंमत के द्वारा हम हमारे सारे पापों से शुध्द होंगे और स्वर्ग में प्रवेश करेंगे।
पुराने नियम में, नदी का बहाव रुक गया, और जब याजकों ने वाचा के संदूक के साथ नदी में पाँव रखा तब वह कोरी भूमि में बदल गई। इसने इस्राएल के लोगों को नदी पार करने की अनुमति दी। यह पापों की माफ़ी थी जो केवल उन लोगों को दी गई थी जो खुबसूरत सुसमाचार में विश्वास करते थे। वह पानी और आत्मा का सुसमाचार था जिसने मनुष्यजाति के लिए पाप की किंमत चुकाई, और हम इस खुबसूरत सुसमाचार में विश्वास करके पवित्र आत्मा का अंतर्निवास पा सकते है।
 
 
सेनापति नामान
 
नामान, जो २ राजाओं अध्याय ५ में दिखाई देता है, जो सीरिया का महान और सन्मानित सेनापति था जिसने अपने देश को दुश्मनों से बचाया था। वह के कोढ़ी भी था जो अपने शाप के कारण सब कुछ खोने के लिए नियोजित किया गया था। लेकिन बाद में उसने खुबसूरत समाचार सुने की वह इस शाप से बच सकता है। उसे कहा गया की यदि वो इस्राएल में जाकर परमेश्वर के सेवक से मिले तो वह चंगा हो सकता है। वह एक छोटी बंधक लड़की थी जिसने यह खबर दी थी। उसने कहा, “यदि मेरा स्वामी शोमरोन के भविष्यद्वक्‍ता के पास होता, तो क्या ही अच्छा होता! क्योंकि वह उसको कोढ़ से चंगा कर देता” (२ राजा ५:३)।
उसने इस समाचार पर विश्वास किया और वह इस्राएल गया। जब वह एलिशा के घर के सामने पहुँचा, तब एलिशा ने एक दूत को उसके पास कहला भेजा, “तब एलीशा ने एक दूत से उसके पास यह कहला भेजा, “तू जाकर यरदन में सात बार डुबकी मार, तब तेरा शरीर ज्यों का त्यों हो जाएगा, और तू शुद्ध होगा” (२ राजओं ५:१०)। चमत्कारिक चंगाई की आशा से, नामान क्रोधित हो गया और अपने देश वापस जा रहा था। हालाँकि, उसके सेवक के आग्रह के कारण, उसने एलिशा की बात मानी और यरदन नदी में सात बार डुबकी लगाईं। तब उसका शरीर छोटे लडके का सा हो गया।
इसी तरह, हमें यह जानना चाहिए की हमारे सारे पापों से माफ़ी पाने के लिए, हमें हमारे खुद के विचारों को छोड़ना होगा और बाइबल में जो लिखा है उसे स्वीकार करना होगा। तब हमें खुबसूरत आशीष दी जाएगी। जो कोई भी उद्धार पाना चाहता है उसे परमेश्वर के वचन का पालन कारण है और पूरी रीति से उस पर विश्वास करना है।
बाइबल कहती है की यीशु के बपतिस्मा और लहू के सुसमाचार से जगत के सारे पाप शुध्ध हो गए है। हमें अनाज्ञाकारी नामान की तरह नहीं सोचना है। हम पानी और आत्मा के सुसमाचार के बगैर हमारे पापों से शुध्ध नहीं हो सकते। इसलिए, हमारे सारे पापों से माफ़ी पाने के लिए, हमें पानी और आत्मा के खुबसूरत सुसमाचार में विश्वास करना चाहिए। जैसे नामान पानी में सात बार डूबकी लगाने से शुध्ध हुआ, उसी तरह हमें भी विश्वास करना चाहिए की यीशु के बपतिस्मा, क्रूस पर उसकी मौत, और पुनरुत्थान के खुबसूरत सुसमाचार पर विश्वास करके हम भी शुध्द हो सकते है।
यरदन नदी में हुए इस चमत्कार की वजह से आदम के सरे वंशजों को आशीष मिली है की उनके सारे पापों को मिटा दिया गया है और न्याय का अन्त हुआ है। आदम और हव्वा ने शैतान के प्रलोभन में गिराकर पाप करने के बाद सारी मनुष्य जाति को एदन की वाटिका में से बहार निकाल दिया था। हालाँकि, यरदन नदी में जो घटना हुई थी वह खुबसूरत सुसमाचार था जिसने सारी मनुष्यजाति को एदन वाटिका में वापस लौटने की अगुवाई की।
 
 
यरदन नदी की घटना
 
बाइबल में खुबसूरत समाचार दर्ज है की यीशु ने यरदन में सारे पाप ले लिए। “यीशु ने उसको यह उत्तर दिया, “अब तो ऐसा ही होने दे, क्योंकि हमें इसी रीति से सब धार्मिकता को पूरा करना उचित है।” तब उसने उसकी बात मान ली” (मत्ती ३:१५)। बाइबल बताती है की जब यीशु ने यरदन में बपतिस्मा लिया तब सारे पाप उसके ऊपर डाले गए। दुसरे शब्दों में, यीशु का बपतिस्मा वह घटना थी जिसने उन पापों को निकाल दिया जिसने मनुष्यजाति को बांध के रखा था। इस तरह यीशु ने पापों का अन्त किया और फिर क्रूस पर अपने लहू से हमें उद्धार दिया।
यरदन नदी बपतिस्मा की नदी है जिसने हमारे सारे पापों को साफ़ किया है। हम परमेश्वर की व्यवस्था को पूरा कर पाए, “क्योंकि पापों की मजदूरी मृत्यु है” (रोमियों ६:२३), क्योंकि यीशु ने यरदन नदी में बपतिस्मा लेकर और क्रूस पर मरने के द्वारा किंमत चुकाई है। यह खुबसूरत सुसमाचार है जो हमारे प्रभु ने मनुष्यजाति को दिया है।
मनुष्यजाति के सारे पाप आदम से शुरू हुए है, लेकिन यरदन में यीशु के बपतिस्मा और क्रूस पर उसके लहू से वह खत्म हो गए। क्या ही धन्य और खुबसूरत समाचार है यह। हम, इस खुबसूरत सुसमाचार पर विश्वास करके, पाप के चक्र से बच गए है, हमारे सारे पापों से शुध्द हुए है, और परमेश्वर की छुटकारे की व्यवस्था में पवित्र हुए है। यीशु का बपतिस्मा और क्रूस पर उसका लहू सुसमाचार है जो सारी मनुष्यजाति को बचाता है। हमें सच में इस पर विश्वास करना चाहिए। परमेश्वर कहता है, “और जो कुछ विश्वास नहीं वह पाप है” (रोमियों १४:२३)। इसी तरह, हम केवल तभी आशीषित होंगे जब हम इस खुबसूरत सुसमाचार में विश्वास करेंगे।
इस हकीकत को जानते हुए की यीशु ने यूहन्ना द्वारा बपतिस्मा लेने के द्वारा सारे पापों को उठा लिया था क्या अभी भी आप के दिल में पाप है? यीशु ने जगत के सारे पापों को उठा लिया। बाइबल में जो लिखा है उसे आपको मानना चाहिए। केवल यीशु के बपतिस्मा और उसके लहू का सुसमाचार आपके पापों को मिटा सकता है और आपको मृत्यु और दुसरे शापों से बचा सकता है। बपतिस्मा लेने का मतलब है, साफ़ होना, डूबना, गड़ाना, के ऊपर डालना, और स्थानांतरित करना”।
सारी मनुष्यजाति यीशु ने दिए हुए खुबसूरत सुसमाचार पर विशवास करके माफ़ी पा सकती है। इसी लिए यीशु ने खुद को ‘स्वर्ग का द्वारा’ कहा है। हम उस पर विश्वास करके स्वर्ग में प्रवेश कर सकते है और अनन्त जीवन पा सकते है। वह हमारा प्रभु है, जिसने हमें पवित्र आत्मा का अंतर्निवास दिया है। हम उसके बपतिस्मा और लहू पर विश्वास करने की वजह से सारे न्याय और हमारे पापों से बच गए है।
शाप ख़त्म हुआ और नदी कोरी भूमि बन गई क्योंकि याजकों ने वाचा का संदूक उठाके विश्वास से पानी में अपने पाँव रखे थे। परमेश्वर ने यह योजना बनाई थी, और यीशु के बपतिस्मा और उसके लहू ने यह योजना को पूरा किया। यह कितना खुबसूरत सुसमाचार है। यह उद्धार की व्यवस्था थी और इसके बिना हमारा उद्धार असंभव होता। जो लोग इस खुबसूरत सुसमाचार में विश्वास करते है वे अब यरदन नदी पार कर सकते है और कनान देश में प्रवेश कर सकते है। नदी कोरी भूमि बन गया इसका मतलब है की जगत के सारे पाप यीशु पर चले गए और हमारे लिए उसका न्याय हुआ। यही वह सुसमाचार है जो हमें पवित्र आत्मा का अंतर्निवास देता है।
परमेश्वर, जिसने मनुष्यजाति को बनाया, वह जानता है की साधारण मनुष्य का IQ तक़रीबन ११० से १३० है। इसलिए, वह पवित्र आत्मा के इस सत्य को पेचीदा नहीं बना सकता। परमेश्वर ने यीशु के बपतिस्मा और क्रूस पर के उसके लहू से उनके सारे पापों को उठा लिया। उसने पानी और पवित्र आत्मा के सुसमाचार पर विश्वास करने के द्वारा पवित्र आत्मा को पाना सम्भव बनाया जिससे वे सभी यह जान सके। आप भी इस खुबसूरत सुसमाचार पर विश्वास करने के द्वारा पवित्र आत्मा के अंतर्निवास को जान पाएंगे।
बाइबल में जो लिखा है उसके मुताबिक़, हम केवल पश्चाताप की प्रार्थना करके पवित्र आत्मा नहीं पा सकते। लोग सोचते है की जब वे बहुत ज्यादा प्रार्थना करेंगे तब उन्हें पवित्र आत्मा मिलेगा। पवित्र आत्मा उनको दिया जाता है जो खुबसूरत सुसमाचार पर विश्वास करते है, और यह उन्हें परमेश्वर की संतान बनने के लिए जरुरी है। इसीलिए कहा है की, जिसने पवित्र आत्मा पाया है वह निश्चित तौर पर परमेश्वर की सन्तान बनेगा। जो लोग खुबसूरत सुसमाचार पर विश्वास करते है उनको परमेश्वर ने पवित्र आत्मा इस लिए दिया है की उन्हें यह निश्चित हो की वे परमेश्वर की संतान है।
यदि लोग यीशु पर विश्वास करते है लेकिन सुसमाचार को नहीं जानते या विश्वास नहीं करते, वे इस बात में सुनिश्चित नहीं हो सकते की उनके पाप यीशु पर चले गए है। इसलिए, सारे लोगों को यह जानना है और विश्वास करना है की यीशु का बपतिस्मा और क्रूस पर उसका लहू खुबसूरत सुसमाचार है जिसने हमारे पापों को मिटाया है।
यीशु ने जगत के सारे पापों को उठा लिया है इस बात की गवाही कौन दे सकता है? वह यूहन्ना के द्वारा बपतिस्मा ले और जगत के सारे पापों को उठाए यह योजना परमेश्वर हमारे पिता ने बनाई थी (लैव्यव्यवस्था ४:१३-२१, १६:१-३०)। उसकी योजना को किसने पूरा किया? यीशु ने किया। इस योजना की परिपूर्णता की निश्चितता कौन देता है? पवित्र आत्मा देता है। त्रिएक परमेश्वर ने हमें अपनी संतान बनाने के लिए यीशु के बपतिस्मा और उसके लहू से पापों की माफ़ी की इस योजना को परिपूर्ण किया। पवित्र आत्मा हमारे अन्दर बसता है और निश्चितता देता है की जब यीशु ने परमेश्वर की योजना को परिपूर्ण किया तब हम हमारे पापों से बचाए गए।
क्या इस संसार की दिखाई देनेवाली चीजे असाधारण है? और आपके विचार कितने असंगत है? व्यक्ति तब तक खुबसूरत सुसमाचार पर विश्वास नहीं कर सकता जब तक वह अपने विचारों को छोड़ न दे। कई सारे लोग आज मसीहियत के जिस सिध्धांत पर विश्वास करते है वह यह है की ‘मूल पाप चले गए है, लेकिन वास्तविक पाप तब जाएंगे जब व्यक्ति पाश्चाताप की प्रार्थना करे’। हालाँकि, यह सम्पूर्ण सत्य से कोसो दूर है; यह झूठा सुसमाचार है। यदि आप इसपर विश्वास करते है तो, आप बाइबल को शुरू से लेकर अन्त तक नहीं समझ सकते, और जैसे समय बीतेगा वैसे यीशु का अनुसरण करने में आपको ज्यादा मुश्केली होगी। इसलिए मसीहियों में कुछ लोग ऐसे है जो भिन्न सुसमाचारों और भिन्न परमेश्वर में विश्वास करते है।
कुछ लोग कहते है की उन्होंने ‘प्रार्थना’ के द्वारा पवित्र आत्मा का अंतर्निवास पाया। हो सकता है की यह मुमकिन लगे, लेकिन बाइबल बताती है की जब यीशु बपतिस्मा लेकर पानी से बहार आया तब पवित्र आत्मा कबूतर की नाई उस पर उतारा। यह सच्चा सुसमाचार है और पवित्र आत्मा उन पर आता है जो इस सुसमाचार पर विश्वास करते है।
इसके अतिरिक्त, कुछ लोग कहते है की उन्होंने पाश्चाताप की प्रार्थना करके पवित्र आत्मा को पाया है। क्या पवित्र आत्मा तब दिया जाता है जब लोग केवल माफ़ी की भीख मांगे? परमेश्वर न्यायी है। पवित्र आत्मा इस तरह नहीं आ सकता क्योंकि उसे उन पर दया आती है। भले ही लोग कठिन रीति से रोते हो या प्रार्थना करते हो, लेकिन पवित्र आत्मा उन पर नहीं आ सकता। वे उन पर आता है जो विश्वास करते है की परमेश्वर ने उन्हें बचाने के लिए अपनी योजना परिपूर्ण की। आपको यह दिमाग में रखना होगा की आप भले ही लम्बे समय से परमेश्वर के लिए रो रहे है या कठिन प्रार्थना कर रहे है, लेकिन आप पवित्र आत्मा नहीं पा सकते। पवित्र आत्मा मनुष्य की इच्छा पर निर्भर है।
हालाँकि इस जगत में मनुष्यजाति का ऐतिहासिक फैसला भी बदल सकता है, लेकिन खुबसूरत सुसमाचार और पवित्र आत्मा के अंतर्निवास के नियम कभी नहीं बदल सकते; उसे वे कभी नहीं बदल सकते। यदि लोग खुबसूरत सुसमाचार को नहीं समझते, तो उनके लिए सच्चे विश्वास की ओर वापस लौटना कठिन है। यह इस कारण है की कई लोग पवित्र आत्मा का अंतर्निवास नहीं पा सकते है। आपके लिए यह कितने शर्म की बात होगी की यदि आप यीशु पर विश्वास करते है लेकिन अप खुबसूरत सुसमाचार को नहीं जानते इस लिए आपका नाश होगा? बाइबल यह कहती है की कुछ लोगों के लिए खुबसूरत सुसमाचार अवरोध और हानि का पत्थर है।
यदि आप यूहन्ना के द्वारा यीशु के बपतिस्मा के रहस्य को समझ गए है, तो आप के पापों को भी माफ़ किया जाएगा और आप पवित्र आत्मा का अंतर्निवास पाएंगे। उसने बपतिस्मा लेकर, क्रूस पर मरके और पुनरुत्थित होकर सारे पापियों को बचाया। यीशु ने हमें जो छूटकारा दिया है वह उद्धार की उचित रीत है। वह सारे पापियों का सच्चा उद्धारकर्ता बन गया, और पवित्र आत्मा के अंतर्निवास को सुनिश्चित किया। 
 
 
केवल यदि आप इसमें विश्वास करते है!
 
पुराने नियम में यह दर्ज है की जब याजकों ने अपने पैर पानी में रखे, तब नदी कोरी भूमि बन गई। पानी इकठ्ठा हो गया यह चमत्कार काफी है, लेकिन और चमत्कार होने वाले थे। सबसे अद्भुत बात यह थी की नदी कोरी भूमि में तबदील हो गई। यह घटना परमेश्वर के उद्धार की निश्चितता बनी, जिसके बाद यीशु के बपतिस्मा और क्रूस पर के उसके लहू से पाप की माफ़ी मिली। कोरी भूमि दर्शाती है की जगत के पाप कैसे माफ़ होने वाले है यीशु के बपतिस्मा और क्रूस पर उसके लहू को धन्यवाद। आदम से निकल कर सारे पाप मनुष्यजाति में चल गए, लेकिन न्याय का शाप यीशु के बपतिस्मा के साथ ख़त्म हुआ। अब, हमें विश्वास के द्वारा हमारे पापों की माफ़ी पानी है और पवित्र आत्मा का अंतर्नियम पाना है। क्या आप खुबसूरत सत्य पर विश्वास करते है की यीशु ने यरदन में अपने बपतिस्मा से आपके सारे पापों को ले लिया है?
आपको विश्वास करना चाहिए की जगत के सारे पापों को उठाने के लिए यीशु ने बपतिस्मा लिया। इसके अतिरिक्त, आपको यह भी जानना, समझना और विश्वास करना होगा की उसका बपतिस्मा कितना महत्वपूर्ण है। यदि याजक यरदन में प्रवेश नहीं करते, तो इस्राएल के लोग कनान देश में सफलता के साथ प्रवेश नहीं कर पाए होते। कनान देश में प्रवेश करने के लिए पहला कदम था यरदन नदी को पार करना। इसलिए, जब हम वाचा के संदूक के साथ नदी को पार करते है केवल तभी हम कनान में प्रवेश कर सकते है। यह हमें सिखाता है की व्यक्ति पानी और आत्मा के सुसमाचार पर विश्वास करके अपने पापों से माफ़ी पा सकता है।
बाइबल बताती है की यीशु का बपतिस्मा परमेश्वर का कार्य था। याजकों के संबंध में भी यही था। जैसे याजकों ने पानी में अपने पैर को रखा तब यरदन का पानी इकठ्ठा हो गया वैसे ही जगत के लोग इस सुसमाचार पर विश्वास करने क द्वारा बचाए जाते है।
पवित्र आत्मा का अंतर्निवास इस खुबसूरत सुसमाचार पर विश्वास के आधार पर दिया जाता है। यीशु का बपतिस्मा और क्रूस पर उसका लहू आपको पापों की माफ़ी और पवित्र आत्मा पाने में आपकी अगुवाई करेंगे। पवित्र आत्मा का अंतर्निवास पाने के लिए यह पानी और आत्मा का खुबसूरत सुसमाचार अनिवार्य है।