उपदेश

विषय ११ : मिलापवाला तम्बू

[11-6] (उत्पत्ति १७:१-१४) ख़तने की वाचा में परमेश्वर का जो वायदा था वो आज भी हमारे लिए लागू है

(उत्पत्ति १७:१-१४)
“जब अब्राम निन्यानवे वर्ष का हो गया, तब यहोवा ने उसको दर्शन देकर कहा, “मैं सर्वशक्‍तिमान् ईश्‍वर हूँ; मेरी उपस्थिति में चल और सिद्ध होता जा। मैं तेरे साथ वाचा बाँधूँगा, और तेरे वंश को अत्यन्त ही बढ़ाऊँगा।” तब अब्राम मुँह के बल गिरा : और परमेश्‍वर उस से यों बातें करता गया, “देख, मेरी वाचा तेरे साथ बन्धी रहेगी, इसलिये तू जातियों के समूह का मूलपिता हो जाएगा। इसलिये अब से तेरा नाम अब्राम न रहेगा, परन्तु तेरा नाम अब्राहम होगा; क्योंकि मैं ने तुझे जातियों के समूह का मूलपिता ठहरा दिया है। मैं तुझे अत्यन्त फलवन्त करूँगा, और तुझ को जाति जाति का मूल बना दूँगा, और तेरे वंश में राजा उत्पन्न होंगे। और मैं तेरे साथ, और तेरे पश्‍चात् पीढ़ी-पीढ़ी तक तेरे वंश के साथ भी इस आशय की युग-युग की वाचा बाँधता हूँ, कि मैं तेरा और तेरे पश्‍चात् तेरे वंश का भी परमेश्‍वर रहूँगा। और मैं तुझ को, और तेरे पश्‍चात् तेरे वंश को भी, यह सारा कनान देश जिसमें तू परदेशी होकर रहता है, इस रीति दूँगा कि वह युग-युग उनकी निज भूमि रहेगी, और मैं उनका परमेश्‍वर रहूँगा।” फिर परमेश्‍वर ने अब्राहम से कहा, “तू भी मेरे साथ बाँधी हुई वाचा का पालन करना; तू और तेरे पश्‍चात् तेरा वंश भी अपनी-अपनी पीढ़ी में उसका पालन करे। मेरे साथ बाँधी हुई वाचा, जिसका पालन तुझे और तेरे पश्‍चात् तेरे वंश को करना पड़ेगा, वह यह है : तुम में से एक एक पुरुष का खतना हो। तुम अपनी अपनी खलड़ी का खतना करा लेना : जो वाचा मेरे और तुम्हारे बीच में है, उसका यही चिह्न होगा। पीढ़ी पीढ़ी में केवल तेरे वंश ही के लोग नहीं पर जो तेरे घर में उत्पन्न हुआ हो, अथवा परदेशियों से रूपा देकर मोल लिया जाए; ऐसे सब पुरुष भी जब आठ दिन के हो जाएँ, तब उनका खतना किया जाए। जो तेरे घर में उत्पन्न हो, अथवा तेरे रूपे से मोल लिया जाए, उसका खतना अवश्य ही किया जाए; इस प्रकार मेरी वाचा जिसका चिह्न तुम्हारी देह में होगा वह युग-युग रहेगी। जो पुरुष खतनारहित रहे, अर्थात् जिसकी खलड़ी का खतना न हो, वह प्राणी अपने लोगों में से नष्‍ट किया जाए, क्योंकि उसने मेरे साथ बाँधी हुई वाचा को तोड़ दिया।”
 
 
उत्पत्ति के पुस्तक के अध्याय १७ में, परमेश्वर ने अब्राहम से ख़तने की वाचा बाँधी थी जो हमें आत्मिक ख़तना दिखाती है जिसके द्वारा मिलापवाले तम्बू में बलिदान के सिर पर हाथ रखने के द्वारा इस्राएलियों के सारे पाप दूर हो जाते थे और वैसे वे अपने पाप उसके ऊपर डालते थे। दुसरे शब्दों में, परमेश्वर ने अब्राहम से जो वाचा बाँधी थी वह पापबलि का और होमबलि का प्रतिबिम्ब था। परमेश्वर ने ख़तने के द्वारा अब्राहम से जो वायदा किया था, की वह उसका परमेश्वर होगा और उसके वंशजों का परमेश्वर होगा, मिलापवाले तम्बू को आदर देते हुए भविष्यवाणी की गई, की अब्राहम के वंशजों को बलिदान के सिर पर हाथ रखकर अपने सारे पाप उसके सिर पर डालने होगे। हमें भी यह जानना और विश्वास करना चाहिए की यह हमें दिखाता है की नए नियम के समय में यीशु यूहन्ना से बपतिस्मा लेकर जगत के सारे पापों को अपने ऊपर उठाएगा।
परमेश्वर ने अब्राहम से वायदा किया, “और उसने उसको बाहर ले जा के कहा, “आकाश की ओर दृष्‍टि करके तारागण को गिन, क्या तू उनको गिन सकता है?” फिर उसने उससे कहा, “तेरा वंश ऐसा ही होगा” (उत्पत्ति १५:५)। अब्राहम के सामने फिर से प्रगट होकर, परमेश्वर ने फिर से एक बार वायदा किया, “मैं तुझे अत्यन्त फलवन्त करूँगा, और तुझ को जाति जाति का मूल बना दूँगा, और तेरे वंश में राजा उत्पन्न होंगे। और मैं तेरे साथ, और तेरे पश्‍चात् पीढ़ी-पीढ़ी तक तेरे वंश के साथ भी इस आशय की युग-युग की वाचा बाँधता हूँ, कि मैं तेरा और तेरे पश्‍चात् तेरे वंश का भी परमेश्‍वर रहूँगा” (उत्पत्ति १७:६-७)।
परमेश्वर ने अब्राहम और उसके वंशजों से किया हुआ वायदा ख़तने से आया। ख़तना और इस्राएल के लोग जब परमेश्वर के सामने बलि पर हाथ रखकर बलिदान अर्पण करते थे उसके अनुरूप है। यह नए नियम के समय के लिए भविष्यवाणी भी हुआ था, की यीशु यूहन्ना से बपतिस्मा प्राप्त करके पापों को अपने ऊपर उठाकर पापों की माफ़ी को परिपूर्ण करेगा। हमें यह जानना और विश्वास करना चाहिए की पुराने नियम का ख़तना जो अब्राहम को परमेश्वर के द्वारा वायदा किया गया था वह नए नियम में यीशु के बपतिस्मा के द्वारा पापों के धोने से आत्मिक ख़तना करने में प्रगट हुआ। और उसके अतिरिक्त यह हमें कहता है की जब मिलापवाले तम्बू में बलिदान चढ़ाना था तब इस्राएलियों को अब्राहम के विश्वास की आवश्यकता थी।
परमेश्वर ने अब्राहम से कहा, “तुम अपनी अपनी खलड़ी का खतना करा लेना : जो वाचा मेरे और तुम्हारे बीच में है, उसका यही चिह्न होगा। पीढ़ी पीढ़ी में केवल तेरे वंश ही के लोग नहीं पर जो तेरे घर में उत्पन्न हुआ हो, अथवा परदेशियों से रूपा देकर मोल लिया जाए; ऐसे सब पुरुष भी जब आठ दिन के हो जाएँ, तब उनका खतना किया जाए” (उत्पत्ति १७:११-१२)। दुसरे शब्दों में, परमेश्वर ने ख़तने के द्वारा अब्राहम और उसके वंशजों के साथ वाचा बाँधी। उसने वायदा किया की वह अन्रहम का परमेश्वर होगा और उसके वंशजों का परमेश्वर होगा, लेकिन उसके बदले में, अब्राहम और उसके वंशजों को ख़तना करवाना होगा: “जो तेरे घर में उत्पन्न हो, अथवा तेरे रूपे से मोल लिया जाए, उसका खतना अवश्य ही किया जाए; इस प्रकार मेरी वाचा जिसका चिह्न तुम्हारी देह में होगा वह युग-युग रहेगी” (उत्पत्ति १७:१३)।
इसी लिए संसार के सरे लोगों में केवल इस्राएली पुरुषों को अब्राहम के दिन से ख़तना करवाना पडा। वर्त्तमान समय में, ख़तना सेहत के फायदे की वजह से ज्यादा प्रचलित है, लेकिन उस समय, केवल इस्राएली पुरुष खतना करवाते थे। यह परमेश्वर के द्वारा अब्राहम को किए गए वायदे का चिह्न था, और परमेश्वर ने उसे और उसके वंशजों को वाचा की यह निशानी रखने के लिए कहा जो उसने उन लोगों के साथ बाँधी थी।
उत्पत्ति ७:११ कहता है, “तुम अपनी अपनी खलड़ी का खतना करा लेना : जो वाचा मेरे और तुम्हारे बीच में है, उसका यही चिह्न होगा।” इसलिए ख़तना वाचा का चिह्न था। संक्षेप में, इस तरह परमेश्वर ने अपनी वाचा बाँधी थी: “आप कैसे जानते है की आप मेरे लोग है? आप अपने ख़तने के चिह्न की वजह से जानते है। अब से, जो भी पुरुष तुम्हारे बिच जन्म ले उसे अपने खलड़ी का ख़तना करवाना होगा। इस तरह से, मेरी वाचा अनंतकाल तक तुम्हारी देह में रहेगी। मैं तुम्हें वादा करता हूँ की मैं तुम्हारा और तुम्हारे वंशजों का परमेश्वर बनूँगा। और मैं तुम्हें वादा करता हूँ की मैं तुम्हें आशीष दूंगा, तुम्हें फलवन्त करूँगा, तुम्हें कनान देश में प्रवेश कराऊँगा और अनंतकाल वहाँ जीवन जीने के योग्य बनाऊँगा, और तुमसे बड़ी जातियाँ बनाऊँगा और उनमें से राजा खड़ा करूँगा” (उत्पत्ति १७:४-१४)।
परमेश्वर ने कहा की उसने अब्राहम और उसके वंश के साथ जो वाचा बाँधी थी वह उनकी देह में पाई जाति है। दुसरे शब्दों में, परमेश्वर की वाचा इस्राएली पुरुष की देह में चिह्न के रूप में थी। परमेश्वर ने इस्राएली लोगों के ख़तने के द्वारा उनसे वाचा बाँधी, और उसी तरह, पुरुष ने खतना किया है की नहीं किया है उससे तय होता था की वह अब्राहम का वंश है या नहीं। इसलिए, जिन्होंने ख़तना करवाया था वह परमेश्वर के द्वारा अब्राहम के वंश के रूप में जाने और स्वीकारे गए थे, जब की ख़तना रहित लोग वैसे नहीं जाने जाते थे।
 
 
वास्तव में अब्राहम इस्राएल के लोगों के लिए महत्वपूर्ण व्यक्ति है
 
इस्राएल के लोगों के लिए, मूसा से भी अधिक महत्वपूर्ण मनुष्य, व्यवस्था का पिता, यानी की अब्राहम था जो विश्वास का पिता था। हालाँकि बहुत सारे ऐसे इस्राएली है जिन्हें नूह याद नहीं लेकिन ऐसे बहुत कम इस्राएली है जिन्हें अब्राहम याद ना हो। उनमें से केवल कुछ लोग शेम, सेत, या मतूशेलह को याद करते है, लेकिन अब्राहम सारे इस्राएलियों के लिए विश्वास के पिता के रूप में याद रहेगा। वे सब लोग उनके राष्ट्रपिता के रूप में उसे पहचानते है, विश्वास करते है और उसका अनुसरण करते है। वैसे ही, अब्राहम के साथ परमेश्वर ने जो वाचा बाँधी थी वह आज भी लागू है।
इस्राएल के लोग पूरी तौर पर यह मानते है और विश्वास करते है की, “हम अब्राहम की संतान है। हमारे लोग अपनी देह में ख़तने के चिह्न को लेकर चलते है। इसलिए परमेश्वर हमारा परमेश्वर है, और हम उनके अपने लोग है।” इस्राएल के लोग अपने आप को चुने हुए लोग मानते है उसका कारण है की वे आज भी परमेश्वर ने ख़तने के द्वारा अब्राहम से जो वाचा बाँधी थी उस पर विश्वास करते है।
अब्राहम की दो पत्नियाँ थी: उसकी उचित पत्नी सारा जिसका नाम परमेश्वर के द्वारा बाद में सारा रखा गया, और उसकी दूसरी पत्नी हाजिरा, जो सारा की दासी थी। सारा बच्चा पैदा नहीं कर सकती थी इसलिए अब्राहम ने सोचा की वह हाजिरा के द्वारा बच्चा पैदा करे (उत्पत्ति १६:१-४)। लेकिन परमेश्वर ने स्पष्ट रूप से कहा की क्योंकि सारा अब्राहम की उचित पत्नी है, इसलिए उसके द्वारा उसका निज संतान अब्राहम को देगा जिसके द्वारा वह आशामान के तारों जितने वंश देगा। जब की परमेश्वर ने वायदा किया था की वह सारा के पेट से जन्मे बच्चे को ही पहचानेगा, इसलिए, इश्माएल, जो उसकी दूसरी पत्नी हाजिरा से पैदा हुआ था, वह परमेश्वर के आगे नहीं पहचाना गया।
यदि इस्राएल के लोग ख़तना नहीं करवाते, तो परमेश्वर ने उनके साथ जो वाचा बाँधी थी वह लागू नहीं होती। परमेश्वर ने उनसे वाचा के चिह्न के रूप में ख़तना करने को कहा जिससे की यह वाचा उनकी देह में रहे। वैसे ही, इस्राएल के लोगों को निश्चित रूप से ख़तना करवाना था, क्योंकि ख़तना रहित व्यक्ति परमेश्वर की वाचा से वंचित हो जाता। शायद तक इस्राएल के लोगों में ऐसा कोई नहीं है जिसने ख़तना ना करवाया हो, क्योंकि वे अच्छी तरह से जानते है की ख़तना रहित व्यक्ति अन्यजाति के समान है, जो परमश्वर के वायदों से वंचित है।
 
 
आत्मिक खतना
 
परमेश्वर ने अब्राहम और उसके वंश के साथ जो वाचा बाँधी थी वह तब परिपूर्ण हुई जब यीशु मसीह इस पृथ्वी पर आए और यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाले से बपतिस्मा लेकर मनुष्यजाति के सारे पापों को अपने ऊपर उठाया और पापों की माफ़ी दी।
परमेश्वर ने इस्राएलियों से कहा की वे मिलापवाले तम्बू के आँगन का द्वार नीले, बैंजनी, और लाल रंग के कपड़े और बटी हुई सनी के कपड़े से बुने (निर्गमन २६:३१, २७:१६)। मिलापवाले तम्बू के इस विगत से परमेश्वर ने हमें सिखाया की उद्धार यीशु मसीह के द्वारा आएगा। जो लोग इस सत्य पर विश्वास करते है की प्रभु इस पृथ्वी पर आए, ३० साल की उम्र में यूहन्ना से बपतिस्मा लेकर मनुष्यजाति के सारे पाप अपने ऊपर उठाए, क्रूस पर मरा, मृत्यु में से जीवित हुआ, और ऐसे हमारे सारे पापों को माफ़ किया – वे सब अब्राहम के वंशज है। परमेश्वर उनका परमेश्वर बना है जो मिलापवाले तम्बू के नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े और बटी हुई सनी के कपड़े पर विश्वास करता है।
यीशु के बपतिस्मा पर विश्वास करने के द्वारा, हमें आत्मिक ख़तना करवाना चाहिए। यह आत्मिक ख़तना ओर कुछ नहीं लेकिन यीशु के बपतिस्मा द्वारा हमारे सारे पाप यीशु पर चले गए है ऐसा विश्वास करने के द्वारा हमारे हृदय से पापों को दूर करना है (रोमियों २:२९)।
वैसे ही, जिन्होंने आज नीले, बैजनी, और लाल कपड़े और बटी हुई सनी के कपड़े में प्रगट हुए पानी और आत्मा के सुसमाचार पर विश्वास करने के द्वारा पापों की माफ़ी पाई है वे सब परमेश्वर के राज्य के राजा है और उनकी संतान है। जैसे परमेश्वर ने वायदा किया था, “तेरे वंश में से राजा उत्पन्न होंगे (उत्पत्ति १७:६),” वास्तव में उसके लोग पूरे दुनिया में उठ खड़े हुए।
यदि हम अब्राहम के वंश बनना चाहते है, तो हमें यीशु के बपतिस्मा पर जो उसने इस पृथ्वी पर लिया था, और क्रूस पर के उसके लहू पर विश्वास करना होगा। उसी रूप से, यीशु के बपतिस्मा पर विश्वास करना कितना जरुरी है इस बात को मैं ज्यादा जोर नहीं दे सकता। यीशु मसीह राजाओं का राजा है। वह राजाओं का राजा है जो बैंजनी वस्त्र पहिनकर आया (यूहन्ना १९:५)। यीशु मसीह ब्रह्मांड का राजा और सृष्टिकर्ता है। वह परमेश्वर का एकलौता बेटा है, वह पिता की इच्छा को पूरा करने के लिए इस पृथ्वी पर आया, और हमें हमारे पापों से छुडाने के लिए, उसने अपने बपतिस्मा के द्वारा एक ही बार में हमारे पापों को अपने ऊपर उठा लिए। हमारे पापों को दूर करने के लिए, उसने हमारे हृदय से सारे पापों को निकाल दिया और अपने बपतिस्मा से उसे अपने ऊपर उठा लिया, और क्रूस पर लहू बहाने के द्वारा हमारे सारे पापों की वजह से उसका न्याय हुआ। उसी रूप से, इस सत्य पर विश्वास करनेवाले सभी लोग अब्राहम का वंश बन सकते है।
अब्राहम, उसका परिवार, और उसके वंश ने शारीरिक रूप से ख़तना करवाया था। यहाँ तक की पैसे देकर ख़रीदे गए अन्यजाति के गुलामो ने भी ख़तना करवाया था। जब उन्होंने वाचा पर विश्वास किया और ख़तना करवाया, तब यह अन्यजाति के गुलाम भी आशीषित हुए, और परमेश्वर उनका भी परमेश्वर बना। उसी रूप से, विश्वास से हम परमेश्वर की संतान बने है, विश्वास से हमने परमेश्वर से आशीष पाई है, विश्वास से हमने स्वर्ग में प्रवेश किया है, और विश्वास से हम इस पृथ्वी पर राजा की तरह जी रहे है। नए नियम के समय में, यह उन लोगों का विश्वास है जो मानते है की यीशु ने अपने बपतिस्मा के द्वारा जगत के सारे पापों को अपने ऊपर उठा लिया।
हालाँकि, कुछ लोग दावा करते है की केवल क्रूस पर के यीशु के लहू में विश्वास करने के द्वारा उनके पाप माफ़ किए गए है। ऐसा होने पर भी वे मिलापवाले तम्बू के युग में बलि के सिर पर हाथ रखे जाने की विधि पर विश्वास करते है, और यीशु के बपतिस्मा को थोड़ा सा ही महत्त्व देते है। इसलिए वे आग्रह करते है की यीशु के पृथ्वी पर के पहले आगमन से पहले और मूसा के मिलापवाले तम्बू के पहले अब्राहम के विश्वास को स्वीकार किया गया था, इसलिए यीशु के बपतिस्मा के स्पष्ट वचन पर विश्वास किए बिना केवल क्रूस पर के लहू के वचन पर विश्वास करने के द्वारा उनको उद्धार मिला है।
लेकिन हमें याद रखना है की जब परमेश्वर ने अब्राहम को तिन साल का बछड़ा, तिन साल की मादा बकरी, तिन साल की भेड़, एक जंगली कबूतर, और एक कबूतर लाने के लिए कहा – ताकि वह अब्राहम को समझा सके की वह अब्राहम और उसके वंश को कनान देश वारिस में से रहा है – होमबलि को एजी से जलाना परमेश्वर के मन में था। उत्पत्ति १७:१५ कहता है, “और ऐसा हुआ कि जब सूर्य अस्त हो गया और घोर अन्धकार छा गया, तब एक अंगीठी जिसमें से धूआँ उठता था और एक जलती हुई मशाल दिखाई दी जो उन टुकड़ों के बीच में से होकर निकल गई।” परमेश्वर ने हाबेल की होमबलि और उसके विश्वास को भी स्वीकार किया, लेकिन उसने कैन के विस्वास का अस्वीकार किया, जो होमबलि के अर्पण पर विश्वास नहीं करता था।
आज के मसीहियों के बिच में, बहुत सारे ऐसे लोग है जिन्हें गलतफहमी है की विश्वास से आत्मिक ख़तना करवाए बिना केवल आँख बंद करके यीशु पर विश्वास करने से वे बचाए गए है। यीशु के बपतिस्मा के द्वारा उनके सारे पाप उसके ऊपर डाले गए है इस बात पर विश्वास किए बिना वे केवल यीशु को क्रूस पर चढ़ाए जाने पर विश्वास करते है। यह लोग कभी भी परमेश्वर के लोग नहीं बन सकते क्योंकि वे इस तरह से विश्वास करते है जिससे उनके हृदय से पाप दूर नहीं होता। जैसे परमेश्वर ने कहा है की ख़तना उसकी वाचा का चिह्न है, इसलिए ख़तना रहित व्यक्ति का परमेश्वर की वाचा से कोई लेनादेना नहीं है।
क्या यीशु ने यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाले से जो बपतिस्मा लिया था उस पर विश्वास किए बिना लोग पाप से बच सकते है? क्या ऐसे लोग परमेश्वर की संतान बन सकते है? क्या बे स्वर्ग में प्रवेश कर सकते है? क्या वे उसके राज्य में राजा बन सकते है? इन प्रश्नों का उत्तर है ना! आज हमने जो मुख्य भाग पढ़ा वह हमें इस उत्तर के लिए स्पष्ट प्रमाण देता है। आज, परमेश्वर ने अब्राहम से वाचा बाँधी थी वह वाही वाचा है जो उसने आपसे और मुझसे बाँधी है, जिन्होंने यीशु को अपना उद्धारकर्ता स्वीकार किया है, उसके बपतिस्मा और उसके लहू पर विश्वास किया है। जो लोग ऐसा विश्वास करते है, उनको परमेश्वर ने अब्राहम को जो आशीष दी थी वही आशीष मिलेगी।
 
 
यीशु के सच्चे विश्वासी खुद के बनाए हुए सिद्धांत पर नहीं चलते
 
बाइबल में जो परमेश्वर का वचन है वह उद्धार का पुख्ता और स्पष्ट प्रमाण है; जितना ज्यादा हम इसे पढेंगे और मनन करेंगे, उतना ही ज्यादा वह पुख्ता और स्पष्ट होता जाएगा। आजके मसीहियों के बिच में, बहुत सारे ऐसे लोग है जिनका विश्वास गलत है, जो अपने विचार के मुताबिक़ परमेश्वर पर विश्वास करते है और उसका अनुसरण करते है, और फिर भी इस बात से अनजान है की वे जो भी विश्वास करते है वह गलत है। ऐसे लोगों के विश्वास की नींव ही गलत है। आँखे बंद करजे विश्वास करना की किसी भी तरह से यीशु उन्हें बचा लेगा यह उनके विवेक को तृप्त करने के लिए काफी है, लेकिन उन्हें यह जानना चाहिए की परमेश्वर उनके अंधे विश्वास का स्वीकार नहीं करता।
हमारे प्रभु ने कहा है की जो कोई भी उसके पीछे आना चाहे उसे पहले अपने आप का इनकार करना होगा और अपना क्रूस उठाना होगा। जो व्यक्ति परमेश्वर के वचन पर विश्वास करता है उसे अपने विचारों को छोड़ना चाहिए और वास्तव में परमेश्वर का वचन क्या कहता है उस पर विश्वास करना चाहिए। आज, आपको और मुझे पाप की माफ़ी पर विश्वास करना चाहिए जो यीशु ने इस पृथ्वी पर आकर अपने बपतिस्मा के द्वारा जगत के सारे पापों को अपने ऊपर उठाकर, क्रूस पर अपना लहू बहाकर, और मृत्यु से जीवित होकर हमें दिया है।
इन दिनों, बहुत से ऐसे लोग है जो इस पर विश्वास नहीं करते, लेकिन वे आँखे बंद करके यीशु के नाम को थामकर कहते है की विश्वास करने का उनका अपना तरिका है। ऐसे लोगों के विश्वास का पानी और आत्मा के सुसमाचार से कोई लेनादेना नहीं है जो यीशु ने दिया है। उदाहरण के तौर पर, कुछ लोग है जो दावा करते है की जब वे पहाड़ पर प्रार्थना कर रहे थे तब उन्हें यीशु दिखाई दिए, और आग्रह करते है की इसी तरह से उनका उद्धार हुआ है। दुसरे उदाहरण में, ऐसे लोग है जो दावा करते है की जब वे कलीसिया में जाते है, उपवास करते है, और रात भर प्रार्थना करते है इसलिए उनके पाप दूर हुए है, वे अपने पापों से इतने पीड़ित है की वे पश्चाताप की प्रार्थना करना बांध नहीं कर सकते।
इस प्रकार के विश्वास का सच्चे उद्धार से कोई लेनादेना नहीं है को पानी और आत्मा के सुसमाचार से आता है जो प्रभु ने हमें दिया है। परमेश्वर के वचन में कहाँ ऐसा कहा गया है की यदि हमारे पास ऐसा विश्वास होगा तो वह हमें माफ़ करेगा? कही नहीं! यह लोग, अस्पष्ट रूप से सचेत है की परमेश्वर सम्पूर्ण है और यीशु सर्वसामर्थी है, और परमेश्वर के बारे में अपने अस्पष्ट और खोखले ज्ञान को अस्थिर विश्वास के साथ जोड़ते है – इस प्रकार से वे परमेश्वर का नाम व्यर्थ में लेते है, अपने पाप को भूल के, और भी ज्यादा परमेश्वर के क्रोध को अपने ऊपर लाते है। ऐसे लोगों ने मिथ्या यीशु को बनाया है और उद्धार को अपनी रीति से अनूदित किया है, और अपनी मन घड़न कल्पना पर विश्वास करत है।
उत्पत्ति १७:१४ में लिखा है, “जो पुरुष खतनारहित रहे, अर्थात् जिसकी खलड़ी का खतना न हो, वह प्राणी अपने लोगों में से नष्‍ट किया जाए, क्योंकि उसने मेरे साथ बाँधी हुई वाचा को तोड़ दिया।” परमेश्वर ने स्पष्ट रूप से हमें वायदा किया है की वह आत्मिक ख़तने के द्वारा हमें हमारे पापों से बचाएगा। और परमेश्वर ने सुस्पष्ट ढंग से हमें यह भी वायदा किया है की जिन्होंने पानी और आत्मा से नया जन्म पाया है कवक वे ही उसकी संतान बन सकते है। उसी रूप से, जो लोग यीशु के बपतिस्मा पर विश्वास किए बिना केवल क्रूस पर उसके लहू पर विश्वास करते है वे कभी भी परमेश्वर की संतान नहीं बन सकते। ऐसे लोगों ने परमेश्वर को धोख़ा दिया है, क्योंकि वे परमेश्वर के द्वारा वायदा किए हुए सुसमाचार पर विश्वास नहीं करते, और इसलिए वे परमेश्वर के लोगों में से बहार निकाल दिए गए और उसके द्वारा शापित है।
विश्वास की नींव जो हमें हमारे पापों से बचाती है वह ओर कुछ नहीं लेकिन पानी और आत्मा का सुसमाचार है। जब पानी और आत्मा के सुसमाचार को हमारे नींव के तौर पर रखा जाए केवल तभी हम द्रढता से परमेश्वर के वचन पर विश्वास कर पाएंगे। कैसे आत्मिक अन्यजाति के लोग जिनके हृदय आत्मिक ख़तना रहित है वे परमेश्वर के वचन को उनके हृदय में रख सकते है? वे ऐसा कभी नहीं कर सकते! क्योंकि पानी और आत्मा का सुसमाचार हमें आत्मिक ख़तना करने के लिए अनुमति देता है, परमेश्वर की संतान बनने के योग्य बनता है, इस पुख्ता नींव के बगैर, परमेश्वर का वचन केवल बौध्धिक ज्ञान के रूप में हमारे पास आता है।
इसी लिए नया जन्म पाए हुए सेवक की शिक्षा केवल उन लोगों के लिए स्पष्ट और उपलब्ध है जो पानी और आत्मा के सुसमाचार पर विश्वास करते है। दुसरे शब्दों में, पानी और आत्मा के सुसमाचार से नया जन्म पाए हुए लोग परमेश्वर के वचन को सुन और समझ सकते है। जब हम ऐसे लोगों से मिलते है जो पानी और आत्मा के सुसमाचार का अनादर करते है, जो केवल क्रूस के लहू से नया जन्म पाने का दावा करते है, और कहते है की हम सब एक ही परमेश्वर पर विश्वास करते है, तब हमें ऐसा लगता है की हम पूरे तौर से अलग परमेश्वर के बारे में बात कर रहे है। यहाँ सच्चा परमेश्वर कौन है? सच्चा परमेश्वर वह है जिसने अब्राहम को वाचा दी थी।
परमेश्वर ने अब्राहम और उसके वंश को वायदा किया था की, “इस प्रकार मेरी वाचा जिसका चिह्न तुम्हारी देह में होगा वह युग-युग रहेगी” (उत्पत्ति १७:१३)। वह चिह्न कहा है जो हमें कहता है की हमने हमारे पापों की माफ़ी पाई है? यह हमारे दिल में है। हमारे पूरे दिल से यीशु के बपतिस्मा पर विश्वास करने के द्वारा, हम परमेश्वर की संतान बने है, जिनके हृदय ने सच्चे सुसमाचार पर विश्वास करने के द्वारा आत्मिक ख़तना पाया है। हम हमारे दिल में यह विश्वास करने के द्वारा उसकी संतान बने है की हमारे पापों के कारण प्रभु ने बपतिस्मा लिया ताकि वह हमारे पापों को अपने ऊपर उठा सके और हम आत्मिक ख़तना किए हुए व्यक्ति बने।
इस सत्य पर हमारे विश्वास के द्वारा हमने हमारे सारे पाप यीशु मसीह पर डाले, और बदले में यीशु यह पाप को क्रूस तक उठाकर गया, हमारी जगह क्रूस पर चढ़ा, मृत्यु से जीवित हुआ, दुसरे शब्दों में, हम परमेश्वर की संतान बने। विश्वास के द्वारा हम पापरहित बने। क्या अब हमारे अन्दर कोई पाप बचा है? बिलकुल नहीं! यह सब सुसमाचार के अद्भुत सत्य की वजह से परिपूर्ण हुआ।
 
 
कैसे आप और मैं अब्राहम के वंशज बन सकते है?
 
हम अब्राहम के वंश बने क्योंकि हम तम्बू के नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े में प्रगट हुए यीशु के कार्य पर विश्वास करने के द्वारा ख़तना करवाए हुए व्यक्ति है। यह इसलिए है क्योंकि हम यीशु के बपतिस्मा और क्रूस पर के उसके लहू में विश्वास करते है की हमारा आत्मिक ख़तना हुआ है और हम परमेश्वर की संतान बने है। यह इसलिए है क्योंकि हम विश्वास करते है की यीशु ने अपने बपतिस्मा के द्वारा हमारे सारे पाप अपने ऊपर उठा लिए और क्रूस पर हमारे पापों की वजह से उसका न्याय हुआ और हमने पापों की माफ़ी पाई। इस रीति से आप और मैं आत्मिक तौर पर अब्राहम के वंशज बने है।
जिन्होंने पानी और आत्मा से नया जन्म पाया है उन्हें यह जानना चाहिए की वास्तव में वे कौन है। आप और मै, जो पानी और आत्मा के सुसमाचार पर विश्वास करते है, वे सब परमेश्वर की संतान और उनके लोग है, जिन्होंने विश्वास से आत्मिक ख़तना करवाया है।
हम आनेवाले हजार साल के राज्य के राजा है, जो परमेश्वर की सारी सृष्टि पर राज करेंगे और उसके वैभव का आनन्द उठाएंगे। इसतरह अब हमारी अवस्था बदल गई है। क्या संसार के लोग जानते है की हम वास्तव में कौन है? वे नहीं जानते। लेकिन परमेश्वर के वचन पर विश्वास करने के द्वारा हमारी अवस्था बदल गई है। उसी रूप से, अब हम खुद को स्पष्ट रूप से जान सकते है।
जिन्होंने परमेश्वर के वचन के द्वारा नया जन्म पाया है वे जानते है की वास्तव में वे कौन है। हम मूल रूप से उन लोगों से अलग है जो अपनी सांसारिक धार्मिक समाज में दिखावा करते है, जो झूठे सिद्धांत का प्रचार करते है जिसको नकारा जाता है, और जो नया जन्म पाए हुए परमेश्वर के सच्चे लोगों के सामने बिना उत्साह के दिखाई देते है। जिसे इस्राएल के लोग विश्वास करते थे की वे चुने हुए लोग है और इश्माएल के वंशजों को अलग तरीके से देखते थे, वैसे ही हम जो अब्राहम के आत्मिक वंश है उन्हें अपने आप को परमेश्वर के द्वारा चुने हुए लोग मानने का अधिकार है।
हम में से जो लोग पानी और आत्मा के सुसमाचार पर विश्वास करते है वे सौभाग्य से हमारे विश्वास के द्वारा अब्राहम का वंशज बन जाता है। मिलापवाले तम्बू में प्रगट हुए नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े के सुसमाचार पर विश्वास करने के द्वारा हम स्वर्ग के राज्य में प्रवेश कर सकते है।
और जैसे परमेश्वर ने अब्राहम को वायदा किया था की वह उसके वंश को आशामान के तारों के समान बनाएगा, हम अपनी आँखों से इस वाचा की परिपूर्णता का प्रमाण देख सकते है। यह वो आशीष है जो परमेश्वर ने हमें दी है।
हमारे हृदय के ख़तने के द्वारा, परमेश्वर ने हमें जगत के पापों से बचाया है। और विश्वास का यह ख़तना मिलापवाले तम्बू के द्वार को बनाने के लिए इस्तेमाल किए गए नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े और बटी हुई सनी के कपड़े से बना है।