Sermões

विषय ११ : मिलापवाला तम्बू

[11-33] ( निर्गमन २८:१-१४ ) महायाजक के वस्त्रों के लिए इस्तेमाल हुई सामग्री

( निर्गमन २८:१-१४ )
“फिर तू इस्राएलियों में से अपने भाई हारून, और नादाब, अबीहू, एलीआज़ार और ईतामार नामक उसके पुत्रों को अपने समीप ले आना कि वे मेरे लिये याजक का काम करें। और तू अपने भाई हारून के लिये वैभव और शोभा के निमित्त पवित्र वस्त्र बनवाना। और जितनों के हृदय में बुद्धि है, जिनको मैं ने बुद्धि देनेवाली आत्मा से परिपूर्ण किया है, उनको तू हारून के वस्त्र बनाने की आज्ञा दे कि वह मेरे निमित्त याजक का काम करने के लिये पवित्र बने। जो वस्त्र उन्हें बनाने होंगे वे ये हैं, अर्थात् सीनाबन्द, और एपोद, और बागा, चारखाने का अंगरखा, पगड़ी और कमरबन्द; ये ही पवित्र वस्त्र तेरे भाई हारून और उसके पुत्रों के लिये बनाए जाएँ कि वे मेरे लिये याजक का काम करें। और वे सोने और नीले और बैंजनी और लाल रंग का और सूक्ष्म सनी का कपड़ा लें। “वे एपोद को सोने और नीले, बैंजनी और लाल रंग के कपड़े का और बटी हुई सूक्ष्म सनी के कपड़े का बनाएँ, जो कि निपुण कढ़ाई के काम करनेवाले के हाथ का काम हो। वह इस तरह से जोड़ा जाए कि उसके दोनों कन्धों के सिरे आपस में मिले रहें। और एपोद पर जो काढ़ा हुआ पटुका होगा उसकी बनावट उसी के समान हो, और वे दोनों बिना जोड़ के हों, और सोने और नीले, बैंजनी और लाल रंगवाले और बटी हुई सूक्ष्म सनीवाले कपड़े के हों। फिर दो सुलैमानी मणि लेकर उन पर इस्राएल के पुत्रों के नाम खुदवाना, उनके नामों में से छ: एक मणि पर और शेष छ: नाम दूसरे मणि पर, इस्राएल के पुत्रों की उत्पत्ति के अनुसार खुदवाना। मणि खोदने वाले के काम के समान जैसे छापा खोदा जाता है, वैसे ही उन दो मणियों पर इस्राएल के पुत्रों के नाम खुदवाना; और उनको सोने के खानों में जड़वा देना। और दोनों मणियों को एपोद के कन्धों पर लगवाना, वे इस्राएलियों का स्मरण दिलवाने वाले मणि ठहरेंगे; अर्थात् हारून उनके नाम यहोवा के आगे अपने दोनों कन्धों पर स्मरण के लिये लगाए रहे। “फिर सोने के खाने बनवाना, और डोरियों के समान गूँथे हुए दो जंजीर चोखे सोने के बनवाना; और गूँथे हुए जंजीरों को उन खानों में जड़वाना।”
 

आइए अब हम हमारा ध्यान महायाजक के वस्त्रों को बनाने के लिए इस्तेमाल हुए सामग्री की ओर लगाते है। महायाजक के द्वारा पहने जानेवाले वस्त्रों में से एपोद अनूठा था। यह एपोद सोने, नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े और बटी हुई सनी के कपड़े से बुना हुआ था। महायाजक का यह पवित्र वस्त्र निपुण कढ़ाई के काम करनेवाले के हाथों से बनाया गया था।
बाइबल में सोने का कपड़ा सच्चे विश्वास के बारे में बताता है। महायाजक के वस्त्रों के लिए इस्तेमाल हुआ नीला कपड़ा मनुष्यजाति के पापों को उठाने के लिए यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाले से यीशु ने लिए हुए बपतिस्मा को दर्शाता है (मत्ती ३:१५)। बैंजनी कपड़ा राजाओं के राजा के बारे में बात करता है और लाल कपड़ा बलिदान के बारे में बात करता है जो यीशु मसीह ने मनुष्यजाति के पापों के दण्ड को सहने के लिए दिया था। महायाजक के वस्त्रों के लिए इस्तेमाल हुआ सफ़ेद सनी का कपड़ा परमेश्वर की धार्मिकता को दर्शाता है की परमेश्वर ने नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े से प्रत्येक व्यक्ति के पापों को मिटाया था।
महायाजक के कार्यों में, सबसे महत्वपूर्ण कार्य था परमेश्वर को बलिदान अर्पण करना। बलिदान की प्रथा के मुताबिक़ परमेश्वर को बलिदान अर्पण करने के कार्यों की परिपूर्णता के द्वारा, महायाजक न केवल परमेश्वर की सेवा करता था, लेकिन इसका मतलब यह भी है की उसने इस्राएल के लोगों को उनके पापों से छूटकारा पाने के लिए भी मदद की। हमें यह याद रखना चाहिए की महायाजक के कार्यों में सबसे महत्वपूर्ण कार्य था परमेश्वर को बलिदान अर्पण करना और उसकी आराधना करना।
इस बात को साबित करने के लिए, मैं आपको निर्गमन ३२ में बनी घटना का सन्दर्भ देता हूँ। जब मूसा सिनै पर्वत पर दस आज्ञाए प्राप्त करने के लिए गया, तब इस्राएल के लोगों ने देखा की वह पर्वत से निचे उतरन में देरी कर रहा है, और हारुन से कहा, “अब हमारे लिये देवता बना, जो हमारे आगे आगे चले; क्योंकि उस पुरुष मूसा को जो हमें मिस्र देश से निकाल ले आया है, हम नहीं जानते कि क्या हुआ? (निर्गमन ३२:१)” फिर हारून ने इस्राएलियों के कंगन, बालियाँ, और अंगूठियाँ ली और उन्हें ढालकर सोने का बछड़ा बनाया। फिर इस्राएल के लोगों ने कहा, “हे इस्राएल, तेरा इश्वर जो तुझे मिस्र देश से छुडा ले आया है, वह यही है! (निर्गमन ३२:४)” यह देखकर, हारून ने बछड़े के सामने एक वेदी बनाई और दुसरे दिन यहोवा परमेश्वर के लिए पर्व की घोषणा की। 
जब दूसरा दिन हुआ, तब इस्राएल के लोगों ने होमबलि अर्पण की और मेलबलि अर्पण की; फिर वे खाने और पिने के लिए बैठ गए, और फिर उठाकर खेलने लगे। यह परमेश्वर के सामने बहुत बड़ा पाप ठहरा, इस्राएल के लोगों को उनके पापों के लिए आग का न्याय दिया। हमें इस घटना को अपने दिमाग में रखना चाहिए। निसन्देह, महायाजक हारून उनके सामने कमज़ोर पद गया, लेकिन इसके बावजूद भी उसे परमेश्वर की आज्ञा माननी थी, उसे यह नहीं भूलना चाहिए था की महायाजक के रूप में उसका सबसे पहला कार्य परमेश्वर की सेवकाई करना था। लेकिन हारून महायाजक के रूप में अपना कार्य करने में असफल रहा। महायाजक का कार्य करने के लिए, उसे परमेश्वर के द्वारा स्थापित बलि प्रथा के अनुसार होमबलि और मेलबलि अर्पण करनी थी, चाहे उसके लोग उसका अनुसरण करे या न करे। 
संक्षेप में, हारून महायाजक को केवल परमेश्वर की सेवा करनी चाहिए थी। इस प्रकार, आज के पादरी केवल लोगों के लिए कार्य करते है, परमेश्वर के लिए नहीं करते। यह सोचने के द्वारा मुझे बहुत दुःख होता है की आज के आधुनिक याजक ऐसी ही गलत सोच रखते है। लेकिन में अभी भी इतना चिंतित नहीं हूँ, क्योंकि उनके बिच में सच्चे याजक भी पाए जाते है। लोगों के पापों का प्रायश्चित करने के लिए, याजकों को बलि प्रथा के मुताबिक़ सही रीति से परमेश्वर को बलिदान अर्पण करने की जिम्मेदारी को परिपूर्ण करना चाहिए। 
हमें इस भाग पर ख़ास ध्यान देना चाहिए जहाँ परमेश्वर मूसा से कहता है, “फिर तू इस्राएलियों में से अपने भाई हारून, और नादाब, अबीहू, एलीआज़ार और ईतामार नामक उसके पुत्रों को अपने समीप ले आना कि वे मेरे लिये याजक का काम करें” (निर्गमन २८:१)। परमेश्वर ने हारुन को महायाजक के वस्त्र पहनाए जो ख़ास उसके लिए बने थे की वह सबसे पहले परमेश्वर की सेवा करे। आज सेवकाई करनेवाले प्रत्येक याजक को यह नहीं भूलना चाहिए: महायाजक का वस्त्र सोने, बैंजनी, और लाल कपड़े और बटी हुई सनी के कपड़े से बना था।
 

महायाजक का कार्य परिपूर्ण करने के लिए

साल में एक बार इस्राएल के पापों को मिटाने के लिए प्रायश्चित के दिन महायाजक को बलिपशु के सिर पर अपने हाथ रखने के द्वारा उनके सारे पाप बलिपशु के ऊपर पारित करना था, उसका लहू बहाना था, और फिर उसे होमबलि की वेदी के ऊपर रखना था उसके ऊपर और प्रायश्चित के ढकने के ऊपर उसे छिड़कना था। उसी प्रकार, यीशु, हमारा स्वर्ग का महायाजक, इस पृथ्वी पर आया, बपतिस्मा लिया जिसके द्वारा उसने मनुष्यजाति के सारे पाप अपने ऊपर ले लिए, अपना लहू बहाया और क्रूस पर मर गया, मृत्यु से फिर जीवित हुआ, और इस प्रकार विश्वास करनेवालों को उद्धार का विजय दिया। 
महायाजक के तौर पर परमेश्वर की सेवकाई करते समय, हारून को एक ख़ास वस्त्र पहनना था जिसे “एपोद” कहते है, जिसे सोने, नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े और बटी हुई सनी के कपड़े से बुना गया था। महायाजक के इस वस्त्र के साथ, परमेश्वर हमें सिखाता है की हमें पाप की माफ़ी पाने के लिए किस प्रकार बलिदान अर्पण करना चाहिए। महायाजक के वस्त्रों के लिए इस्तेमाल हुए सोने, नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े और बटी हुई सनी के कपड़े में निहित मतलब को समझने के लिए, हमें पापों की माफ़ी को समझना चाहिए जो परमेश्वर की धार्मिकता और उसके प्रेम के द्वारा परिपूर्ण हुई है। 
महायाजक के वस्त्र के लिए इस्तेमाल हुए पाँच कपड़ो के द्वारा, परमेश्वर ने हमें दिखाया है की उसने जगत की उत्पति से पहले ही यीशु मसीह में पापों की अनन्त माफ़ी को स्थापित किया है (इफिसियों १:४)। इसलिए, हमारे लिए याजक के कार्य को ठीक रीति से करने के लिए, सबसे पहले हमें पानी और आत्मा के सुसमाचार में निहित पापों को साफ़ करने के रहस्य को जानना चाहिए और इस पर विश्वास करना चाहिए। यह उद्धार पूर्वनिर्धारण है जो परमेश्वर ने यीशु मसीह में हमारे लिए स्थापित किया है।
महायाजक को अपनी याजकीय सेवकाई ठीक रीति से करने के लिए सही रीति से परमेश्वर को बलिदान अर्पण करना पड़ता था – अर्थात्, अपने लोगों के पापों की माफ़ी के लिए, उसे बलिप्रथा के मुताबिक़ बलिपशु के सिर पर हाथ रखने पड़ते थे और उस पर सारे पापों को पारित करना पड़ता था। प्रायश्चित के दिन, महायाजक बलिपशु पर अपना हाथ रखता था और उसका गला काटता था और उसका लहू बहाता था। हाथ रखने के द्वारा, इस्राएलियों के साल भर के सारे पाप बलिदान के अर्पण के ऊपर चले जाते थे। और उसके लहू बहाने के द्वारा, उनके सारे पापों का प्रायश्चित होता था। फिर वह उसके लहू को छिड़कता था और इस अर्पण को पूरा करने के लिए उसके शरीर को जलाता था। इस प्रकार वह अपने लोगों के पापों के लिए बलिदान अर्पण करता था। 
यहाँ हमें बहुत ही ध्यान देना पडेगा: महायाजक को अपने लोगों को सिखाना पड़ता था की बलिदान को आग से जलाया उससे पहले ही उनके पाप उसके ऊपर पारित किए गए थे, और उनके पापों की माफ़ी हाथ रखने और बलिदान का लहू बहाने के द्वारा परिपूर्ण हुई है। यह प्रत्येक महायाजक का सबसे बड़ा कार्य था। महायाजक वो व्यक्ति था जिसे सत्य की रक्षा करनी थी। दुसरे शब्दों में, उसे पानी और आत्मा के सुसमाचार का विश्वास योग्य रखवाला बनाना था। हालाँकि की महायाजक इस्राएल के साधारण लोगों की तरह कमज़ोर व्यक्ति था, लेकिन बलिप्रथा में प्रगट हुए सत्य पर विश्वास करने और उनके लिए परमेश्वर को बलिदान अर्पण करने के द्वारा उसने अपने लोगों को पापों की माफ़ी प्राप्त करने के योग्य बनाया था। उसी रूप से, हालाँकि हम अपर्याप्त मनुष्य है, लेकिन स्वर्ग के महायाजक यीशु मसीह ने हमारे लिए जो किया उस पर विश्वास करने के द्वारा और हमारे पापों की माफ़ी प्राप्त करने के द्वारा हम परमेश्वर के साथ चलने के लिए योग्य बने है।
तम्बू में प्रगट हुई बलिप्रथा उद्धार की बुध्धि है जो परमेश्वर से आती है। परमेश्वर की बुध्धि जिसने हमें पाप से बचाया है वह महायाजक के वस्त्र बनाने के लिए इस्तेमाल हुई सोने, नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े और बटी हुई सनी के कपड़े की सामग्री में निहित है। महायाजक के लिए अपने कार्य को सफलता से परिपूर्ण करने के लिए, उसे सिखाना चाहिए की मनुष्यजाति को पापरहित बनाने का एकमात्र रास्ता है परमेश्वर के द्वारा स्थापित बलिप्रथा के द्वारा। हमारे पास, आजके याजक के रूप में (१ पतरस २:९), यह गवाही होनी चाहिए की यीशु इस पृथ्वी पर आया, बपतिस्मा लेने के द्वारा एक ही बार में हमेशा के लिए जगत के पापों को उठाया, अपना लहू बहाया और हमारी जगह मरा, गाड़ा गया, और हमारे लिए मृत्यु से फिर जीवित हुआ। 
क्या मनुष्य खुद के पापों को मिटा सकता है? क्या इस संसार के धर्म मनुष्य के पापों को अद्रश्य कर सकता है? हमारे पापों को मिटाना केवल उद्धार के सत्य के द्वारा सम्भव है जो यीशु के बपतिस्मा और उसके लहू से बना है जो की महायाजक हमें सिखाता है। केवल परमेश्वर के द्वारा स्थापित उद्धार के सुसमाचार के द्वारा ही हम हमारे सारे पापों की माफ़ी प्राप्त कर सकते है। मनुष्यों के पापों को मिटाना कुछ ऐसा है जो केवल यीशु मसीह के द्वारा हो सकता है, जो स्वर्ग का अनन्त महायाजक है। दुसरे शब्दों में, खुद परमेश्वर यीशु मसीह मनुष्य देह में इस पृथ्वी पर आया और यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाले के द्वारा हमारे पापों को उठाया, इसलिए वह हम पापियों के सारे अपराधों को साफ करने के लिए क्रूस पर अपना लहू बहा सका। क्योंकि हमारे प्रभु ने अपने बपतिस्मा के द्वारा हमारे पापों को खुद पर उठाया इसलिए उसने क्रूस पर चढ़ने, अपना लहू बहाने, और क्रूस पर मरने के द्वारा हमारे पापों के दण्ड को सहा। और उसने इस धर्मी कार्य के द्वारा मनुष्यजाति के उद्धार को परिपूर्ण किया (रोमियों ५:१८)। यदि यीशु ने जो कुछ भी किया वह हमारे लिए नहीं होता, तो हम कभी भी उद्धार नहीं प्राप्त कर सकते। इस स्वर्ग के महायाजक ने पानी और आत्मा के सुसमाचार के सत्य के द्वारा हमारे सारे पापों को मिटाके हमें परमेश्वर की संतान बनाया वह ओर कोई नहीं लेकिन यीशु मसीह है।
स्वर्ग का आत्मिक महायाजक पिता के उद्धार की योजना के बारे में सबकुछ जानता था जिसे हमारे पापों की माफ़ी के लिए पूर्वनियोजित किया गया था। इसी लिए प्रभु कहते है, “मैं अल्फ़ा और ओमेगा, पहला और अंतिम, आदि और अन्त हूँ” (प्रकाशितवाक्य २२:१३)। आदि और अन्त के बारे में अपनी सम्पूर्ण बुध्धि के साथ, प्रभु ने बलिप्रथा में दिखाया था ठीक उसी तरह हमारे उद्धार को परिपूर्ण किया। उसने हमारे लिए सम्भव किया की हम कभी भी हमारे पाप और कमजोरी की वजह से दोषित और नाश न हो। स्वर्ग के महायाजक ने हमारे लिए जो किया था – अर्थात्, बपतिस्मा लेने के द्वारा मनुष्यजाति के पापों को उठाया और अपना लहू बहाने के द्वारा उसे मिटा दिया, इस प्रकार उसने हमारे लिए सम्पूर्ण उद्धार को परिपूर्ण किया। परमेश्वर की बुध्धि प्रत्येक मनुष्यों को उनके पापों से उद्धार प्रदान कराती है। इसे नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े और बटी हुई सनी के कपड़े से परिपूर्ण किया गया था। यीशु मसीह में परमेश्वर पिता ने नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े में छिपे सत्य के साथ पापों की अनन्त माफ़ी की योजना बनाई थी, और इस सत्य में उसने प्रत्येक विश्वासियों को सम्पूर्ण उद्धार की अनुमति दी थी।
 

महायाजक के लिए एपोद का पटुका 

महायाजक के वस्त्रों में से एक एपोद का पटुका था। यह पटुका महायाजक अपने एपोद के लिए पहनता था, उसे भी सोने, नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े और बटी हुई सनी के कपड़े से बनाया गया था। पटुका आम तौर पर “सामर्थ्य” को दर्शाता है। दुसरे शब्दों में, यह हमसे कहता है की जो विश्वास नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े और बटी हुई सनी के कपड़े के उद्धार को मानता है उसके पास हमें हमारे सारे पापों से बचा सकता है। केवल इस पानी और आत्मा के सुसमाचार में परमेश्वर की सामर्थ्य है जो विश्वास करनेवाले सभी लोगों को बचा सकता है (रोमियों १:१६)। और इसलिए, यहाँ नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े और बटी हुई सनी के कपड़े में प्रगट हुए सुसमाचार को छोड़ किसी ओर झूठे सुसमाचार पर विश्वास करना व्यर्थ है। 
जिन लोगों के अन्दर बहुत ज्यादा कमियाँ है वे भी परमेश्वर के द्वारा दिए गए पानी और आत्मा के सुसमाचार पर विश्वास करने के द्वारा अपने पापों से शुध्ध हो सकते है, क्योंकि परमेश्वर के द्वारा परिपूर्ण इस पापों की माफ़ी के सत्य के द्वारा जगत के सारे पाप यीशु पर पारित हुए है (मत्ती ३:१५-१७; लैव्यव्यवस्था १६:१-२२)। इसलिए, जो लोग विश्वास करते है की नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े में प्रगट हुए यीशु के धर्मी कार्य ने उन्हें बचाया है वे अपनी देह के कमज़ोर होने के बावजूद भी वे अपनी इच्छा शक्ति में सुनिश्चित है। जब हम स्वर्ग के महायाजक यीशु मसीह के द्वारा दिए गए पानी और आत्मा के सुसमाचार में निवास करते है, तब हमें कौन परमेश्वर के प्रेम से अलग कर सकता है? परमेश्वर के उद्धार में हमारा विश्वास नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े और बटी हुई सनी के कपड़े में प्रगट हुए सत्य पर हमारे विश्वास के द्वारा परिपूर्ण हुआ है।
याजक के लिए अपने याजकीय कार्य को आगे बढाने के लिए, वे किसी भी झूठे सुसमाचार को बरदाश्त नहीं करते थे जो तम्बू में स्पष्ट दिखाई देनेवाले बलिप्रथा को मानता नहीं था। जो लोग ऐसा झूठा सुसमाचार प्रचार करते है, वे चाहे कितनी भी अच्छी तरह से संदेश का प्रचार करे लेकिन वह किसी को भी लाब नहीं दिला सकता क्योंकि उनके पास तम्बू में प्रगट हुए परमेश्वर के पानी और आत्मा के असल सुसमाचार की गवाही नहीं है। इसलिए, वे दुष्ट और श्रमजीवी है। जब स्वर्ग के महायाजक यीशु मसीह को हमारे उद्धारकर्ता के रूप में मानने की बात आती है, तब हम तम्बू में प्रगट हुई हाथ रखने और लहू बहाने की बलिदान पध्धति को नहीं भूल सकते। हमें यह समझना चाहिए की जगत में बहुत सारे झूठे सुसमाचार है। कोई फर्क नहीं पड़ता की प्रचारक कौन है, यदि प्रचारक पानी और आत्मा के सुसमाचार का प्रचार करता है, तो फिर हमें उसे सुनना चाहिए और उसकी शिक्षा को ग्रहण करना चाहिए।
एपोद और उसके पटुके के लिए इस्तेमाल हुए पाँच कपड़े हमारे उद्धार को दर्शाते है। वे वो सामग्री है जो बलिदान के अर्पण को प्रगट करती है जो पुराने नियम की बलिप्रथा के अनुसार बलिदान अर्पण करने के द्वारा पापियों को पापों की माफ़ी देता था, और यह मुख्य रूप से हाथ रखने और लहू बहाने के द्वारा बनाया गया था। अंततः यह सामग्री नए नियम में प्रगट हुई, यीशु के बपतिस्मा और उसके लहू बहाने के द्वारा; इस प्रकार यीशु उनके लिए पापों की माफ़ी लाया जो विश्वास करते है। जो कोई भी पूरे हृदय से पानी और आत्मा के सुसमाचार पर विश्वास करता है वह पापों की माफ़ी और अनन्त जीवन प्राप्त करता है। यह सत्य वास्तव में प्रत्येक नए जन्म पाए हुए लोगों में बोला गया है जिन्हें आज के याजक के रूप में कार्य सोंपा गया है।
पृथ्वी पर का महायाजक बलिपशु के सिर पर हाथ रखने के द्वारा अपने लोगों के पाप उसके ऊपर पारित करता था; फिर वह उसका गला काटता था और लहू बहाता था, प्रायश्चित के ढकने पर लहू छिड़कता था, और इस प्रकार परमेश्वर के सामने असल सुसमाचार का बचाव करने के अपने कार्य को परिपूर्ण करता था। लेकिन स्वर्ग का महायाजक वो है जिसने जगत के पापों को खुद पर लेने के लिए बपतिस्मा लिया; उसने खुद की देह देने के द्वारा अपने सारे लोगों के पापों को शुध्ध किया, क्रूस पर अपना लहू बहाया, और मृत्यु से फिर जीवित हुआ। ऐसा करने के द्वारा, उसने अपने लोगों को पाप से माफ़ी पाने के लिए योग्य बनाया और परमेश्वर की योजना को परिपूर्ण किया। आज, यीशु के चेले इस सुसमाचार का प्रसार कर रहे है की यीशु मसीह ने मनुष्यजाति के सारे पापों को मिटा दिया है और उन्होंने बड़ी सफलतापूर्वक अपने याजकीय कार्य को परिपूर्ण किया है।
आज मसीहियत में बहुत सारी समस्या है उसका एक कारण यह भी है की इस समुदाय में बहुत सारे दुष्ट है जो पानी और आत्मा के सुसमाचार को जाने बिना ही अपने याजकीय कार्य को पूरा करने का दावा करते है। परमेश्वर के सामने सच्चे याजक बनने का रास्ता है पानी और आत्मा के सुसमाचार पर विश्वास करना। जो लोगों के पास यह विश्वास है केवल वे लोग ही परमेश्वर को सही रीति से पापबलि अर्पण कर सकते है और वास्तव में दुसरे लोगों को प्रेम कर सकते है। आपको क्या लगता है परमेश्वर की कलीसिया क्यों अस्तित्व में है? मैं आप से कह सकता हूँ की परमेश्वर की कलीसिया पापियों को पानी और आत्मा का सुसमाचार प्रचार करने के लिए अस्तित्व में है। और इसी रीति से परमेश्वर की सेवा की जाति है और उसके स्वरुप में सृष्टि की गई सारी आत्माओं को प्रेम किया जाता है।
 

इस जगत में सब लोगों को पानी और आत्मा के सुसमाचार को जानना चाहिए

पूरी दुनिया में आज की मसीहियत को पानी और आत्मा के सुसमाचार को जानना चाहिए। हमारे प्रभु ने कहा है, “तुम पृथ्वी के नमक हो...तुम जगत की ज्योति हो। (मत्ती ५:१३-१४)” हम जो पानी और आत्मा के सुसमाचार पर विश्वास करते है वे जगत की आत्मिक ज्योति और नमक है। जो लोग पानी और आत्मा के सुसमाचार को जानते और विश्वास करते है वे आत्मिक याजक है जो लोगों का भला करते है और उन्हें अपने पापों की माफ़ी पाने के योग्य बनाते है। लेकिन दूसरी ओर, जो पासवान पानी और आत्मा के सुसमाचार को जाने बिना ही अपने याजकीय कार्य को परिपूर्ण करने का दावा करते है वे श्रमजीवी से ज्यादा ओर कुछ भी नहीं है। जो लोग केवल श्रमजीवी के रूप में अपने याजकीय कार्य को करते है वे शायद लोगों को नामधारी मसीही बनाते है, लेकिन वे अपने अनुयायियों में पाए जानेवाले पापों को साफ करने के लिए असमर्थ है। 
सच्चे याजक वे है जिनके पापों का प्रायश्चित हो गया है, जो पानी और आत्मा के सुसमाचार पर विश्वास करने के द्वारा परमेश्वर के सामने पापरहित होकर खड़े रहते है। उनको याजकीय कार्य देने और बलिदान के अर्पण को सही रीति से देने के द्वारा परमेश्वर के लोगों के सारे पाप साफ़ हुए है जिसे परमेश्वर ने प्रत्येक व्यक्ति को अपने पापों से साफ़ होने के योग्य बनाया है। ऐसे याजकों के द्वारा परमेश्वर ने मनुष्यजाति को उसके उद्धार के कार्य को जानने, उस पर विश्वास करने, और उसकी ओर वापिस मुड़ने और धर्मी जीवन जीने के योग्य बनाया है। याजक वो है जिसके पास प्रत्येक लोगों को नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े की सेवकाई को समझाने, और इस सत्य को प्रसार करने की जिम्मेदारी और कार्य है। इसलिए, पानी और आत्मा के सुसमाचार के लिए आत्मिक याजकीय पद बहुत ही महत्वपूर्ण है।
परमेश्वर ने हमें पानी और आत्मा के सुसमाचार के वचन दिए है ताकि हम हमारे याजकीय कार्य को सामर्थी रीति से परिपूर्ण कर सके। हमें उसका धन्यवाद करना चाहिए की उसने हमें यह विश्वास (सोने का कपड़ा) दिया जो नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े और बटी हुई सनी के कपड़े में प्रगट हुए असल सुसमाचार पर विश्वास करता है। जब हम महायाजक के द्वारा पहने जानेवाले वस्त्रों का अभ्यास करते है, तब हम ढूंढ सकते है की मनुष्यजाति के पापों की माफ़ी किस प्रकार परिपूर्ण हुई। महायाजक के वस्त्रों को नजदीक से जाँचने के बाद पानी और आत्मा का सुसमाचार स्पष्ट होता है। झूठे लोगों के द्वारा प्रसारित झूठे सुसमाचार से परमेश्वर ने मनुष्यजाति को जगत के पापों से नहीं बचाया। लेकिन उसके बजाए, परमेश्वर ने पृथ्वी की उत्पत्ति से पहले यीशु मसीह में पापों से हमारे उद्धार की योजना बनाई थी, और उसने यीशु मसीह के बपतिस्मा और लहू बहाने के द्वारा इस योजना को परिपूर्ण किया है।
महायाजक के वस्त्रों में, कढ़ाई के कामवाला अंगरखा और सनी के कपड़े की जाँघिया थी। हम भी अंतर्वस्त्र पहनते है, लेकिन महायाजक का यह वस्त्र हमारे अंतर्वस्त्र से भिन्न था। महायाजक का अंगरखा लम्बा वस्त्र था जो घुटनों तक का था। क्योंकि वह सनी के कपड़े से बुना गया था इसलिए उसमे हवा बहती रहती थी। जब याजक होमबलि अर्पण करते थे, तब उन्हें अर्पण के तुकडे होमबलि की वेदी पर उसे जलाने के लिए लाने पड़ते थे। इस वेदी को थोड़ा अधिक ऊँचा बनाया गया था, और इसलिए जब महायाजक होमबलि की वेदी के नजदीक आते तब उनके शरीर का निचला हिस्सा उजागर होता था। इसलिए, परमेश्वर ने मूसा को महायाजक के शरीर के निचे के हिस्से को सही तरीके से ढकने के लिए अंगरखा और सनी के कपड़े का जाँघिया बनाने का आदेश दिया की कही ऐसा न हो की वह अपने मैलेपन की वजह से मर जाए। 
महायाजक के वस्त्र कितने भव्य थे? उसके सीने पर रखी गई चपरास उसके ऊपर रखे गए बारह मणि से चमक रही थी, और उसके कन्धों के सिरों पर भी कीमती मणि लगाए गए थे। चपरास को कन्धों के सिरों से सोने से बनी जंजीर के द्वारा जोड़ा गया था, और उसे एपोद के पटुके के साथ जोड़ा गया था ताकि वह एपोद से ढीला न पड़े। इसलिए जब महायाजक चलता था, तब सोने से बनी यह जंजीर आहे पीछे लहराती थी और चमकती थी। उसके अतिरिक्त, न्याय की चपरास लगाए गए बारह मणि भी चमक रहे थे, और दोनों कन्धों पर लगाए गए बड़े मणि भी चमक रहे थे, और उसका सिर भी सोने की पट्टी जो सनी के कपड़े से बनी पगड़ी पर लगाई गई थी उसके वजह से चमक रहा था।
तंबो में कितना सोना था? उसके सारे पटिए सोने से मढ़े गए थे, और प्रायश्चित का ढकना, दीवट, भेंट की रोटी की मेज, और पवित्र स्थान के बहुत सारे पात्र सोने से बनाए गए थे। तम्बू बहुत ही आलिशान था। उसी प्रकार, जब हम यीशु मसीह के राज्य में प्रवेश करते है, तब हम समझ सकते है की यह स्तर कितना भव्य है। जब बाहर की ओर से देखते है, तब शायद तम्बू शायद आकर्षित न लगे, लेकिन इसे बनाने के लिए कितने सोने का इस्तेमाल हुआ है यह जो कोई भी जानता है वह जानता है की उस सोने का वजन एक टन से भी ज्यादा था। तम्बू को बनाने के लिए कुल उन्तीस तालंत और संतासो तिस सेकेल सोने का इस्तेमाल हुआ था (निर्गमन ३८:२४) और जब हम उसे आज के नाप के हिसाब से नापते है तो वह एक टन से भी ज्यादा होता है, क्योंकि एक तालंत या किक्कार (= ३००० सेकेल) का वजन ४२ किलो है।
क्या आपने सोने, नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े और बटी हुई सनी के कपड़ो के वस्त्रों को तैयार किया है? यहाँ सोने का कपड़ा विश्वास को दर्शाता है; नीला कपड़ा यीशु ने लिए हुए बपतिस्मा को दर्शाता है; बैंजनी कपड़ा यीशु की दैवियता यानी की यीशु ही परमेश्वर है उसे दर्शाता है; लाल कपड़ा हमसे कहता है की क्योंकि यीशु मसीह ने अपने बपतिस्मा के द्वारा हमारे पापों को उठाया इसलिए उसे क्रूस पर अपना लहू बहाना पडा; और बटी हुई सनी का कपड़ा परमेश्बर के वचन को दर्शाता है जो परमेश्वर की धार्मिकता को प्रगट करता है। इसी प्रकार, तम्बू के द्वार और महायाजक के वस्त्रों के लिए इस्तेमाल हुआ नीला, बैंजनी, और लाल कपड़ा हमें बताता है की परमेश्वर ने हमारे सारे पापों को मिटाया है। 
 

जब हम इस सत्य पर विश्वास के साथ परमेश्वर के सामने आते है, तब हम हमारे सारे पापों की माफ़ी को प्राप्त कर सकते है

जब हम परमेश्वर के सामने आते है, तब हमारे पास ऐसा विश्वास होना चाहिए जो तम्बू के द्वार और महायाजक के वस्त्रों को बनाने के लिए इस्तेमाल हुए नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े और बटी हुई सनी के कपड़े में निहित उद्धार के सत्य पर विश्वास करता हो। जब महायाजक प्रायश्चित के दिन बलिदान अर्पण करता था, तब उसे बलिपशु के सिर पर हाथ रखना पड़ता था और लहू बहाने के लिए उसके गले को काटना पड़ता था। हाथ रखने के द्वारा, अपने लोगों के सारे पाप बलिदान के अर्पण के ऊपर पारित होते थे और लहू बहाने के द्वारा, वे सारे पाप मिटाए गए थे। जिसके पास यह विश्वास नहीं है वह परमेश्वर के पास नहीं जा सकाता। इस विश्वास के बगैर परमेश्वर को अर्पण चढ़ाना व्यर्थ है। तम्बू की बलिप्रथा और सामग्री उस विश्वास से सम्बंधित है जो पानी और आत्मा के सुसमाचार पर विश्वास करता है। परमेश्वर के द्वारा बोले गए वचन पर उसके विश्वास के द्वारा महायाजक परमेश्वर के सामने आ पाता था और उनके सारे पापों को मिटाने वाले बलिदान को अर्पण करने के द्वारा अपने याजकीय कार्य को परिपूर्ण कर पाता था।
तो फिर हमारा विश्वास कैसा है? इस वर्त्तमान युग में, आप और मैं जो इस सत्य को जानते और विश्वास करते है और परमेश्वर के सामने विश्वास से जीते है वे भी उनके राजकीय याजक है (१ पतरस २:९)। क्या आपका विश्वास ठीक वैसा है जो पुराने नियम में प्रगट हुई बलिप्रथा पर विश्वास करता है? सच्चा विश्वास ऐसा होना चाहिए जो पुराने नियम और नए नियम के द्वारा बोले गए असल सुसमाचार पर विश्वास करता हो। विश्वास का बाहरी स्तर समय के साथ भिन्न हो सकता है, लेकिन विश्वास का तत्व वही रहता है। परमेश्वर के द्वारा स्वीकृत महायाजक वो है जो बलिप्रथा के मुताबिक़ अर्पण चढ़ाता है।
जब बाइबल कहती है की एपोद “कढ़ाई के काम” से बनाया गया था तो इसका मतलब है की उसे बहुत ही विस्तृत रूप से कढ़ाई के काम के द्वारा बुना गया था। याजक को ऐसा एपोद पहनना पड़ता था जो पाँच कपड़ो में से किसी भी एक कपड़े के बिना न बुना गया हो। इस प्रकार, नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े और बटी हुई सनी के कपड़े को मानने वाले विश्वास के द्वारा जो पहले याजक बने है उसे पवित्रता का वस्त्र पहनाया गया है, और केवल तभी परमेश्वर के सामने आ सकते है, और दूसरों के पापों की माफ़ी के अर्पण को दे सकते है। 
तो फिर आपका विश्वास कैसा है? क्या आप पानी और आत्मा के सुसमाचार को जानते और विश्वास करते है? पुराने नियम के याजकों का विश्वास जो नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े और बटी हुई सनी के कपड़े में प्रगट हुए सत्य पर विश्वास करता था वो वही विश्वास है जो नए नियम के युग के पानी और आत्मा के सुसमाचार पर विश्वास करता है। यह विश्वास उद्धार का सत्य है जिसे कोई भी व्यक्ति बदल नहीं सकता। इस विश्वास के बगैर, कोई भी व्यक्ति परमेश्वर के सामने नहीं आ सकता, ना ही उसके पवित्र सुसमाचार का प्रसार कर सकता है। अन्त में, इसका मतलब है की जिन्होंने इस असल सुसमाचार के द्वारा अपने पापों की माफ़ी नहीं पाई है वे दूसरों के लिए याजकीय कार्य को परिपूर्ण नहीं कर सकते।
हमारे होमपेज के द्वारा, हम दुसरे कई देशों की खबरों को सुनते है। हम पूरी दुनियाभर से सुनते है, पेरू से चीन और यूगान्डा से होलेन्ड तक की लोग हमारी निशुल्क मसीही किताबों के द्वारा पापों की माफ़ी को प्राप्त कर रहे है। पानी और आत्मा के सुसमाचार वाली इन किताबों के द्वारा, ऐसे लोग पापों की माफ़ी को प्राप्त कर रहे है जिन्हें हम अभी तक मिले भी नहीं है। यदि प्रत्येक देश में लोग पापों की माफ़ी को प्राप्त करते है और बदले में हमारे सहकर्मी के रूप में सुसमाचार का प्रसार करते है, तो कितना महान कार्य किया जा सकता है? यदि हमारी निशुल्क मसीही किताब सारे देश में केवल अपने रस्ते को बना सके, तो दुनिया भर के बहुत सारे लोगों को नया जन्म पाना कठिन नहीं होगा। हमारी किताब पढ़ने के द्वारा दुनिया भर की अनगिनत आत्माए पापों की माफ़ी को प्राप्त कर रही है। इसलिए हमें हमारे याजकीय कार्य में विश्वास योग्य रहना है और विश्वास से उद्धार के इस सत्य का प्रसार करना है जो तम्बू की प्रथा में प्रगट हुआ है।
प्रिय साथी विश्वासियों, आप केवल तभी पूरी दुनिया के लोगों को सच्चे सुसमाचार का प्रचार कर सकते है जब आप पापरहित और पवित्र बने, उससे पहले नहीं। हमें याजक बनने के लिए, तम्बू में प्रगट हुए चार सत्य पर विश्वास करना है और उसका प्रसार करना है। हमारा प्रभु, जो खुद सच्चा परमेश्वर है, उसने नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े से हमारे पापों को दूर किया है। इस पृथ्वी पर आने, बपतिस्मा लेने, और अपना लहू बहाने के द्वारा हमारे प्रभु ने हमारे सारे पापों को साफ़ किया है, और हमारी जगह पापों के सारे दण्ड को सहा है, उसने उनको पापों से बचाया है जो विश्वास करते है। हमें धर्मी और पापरहित बनाने वाले पानी और आत्मा के सुसमाचार पर विश्वास करनेवला कोई भी व्यक्ति इस पवित्र वस्त्र को पहन सकता है। जब हम इस वस्त्र को पहनते है, परमेश्वर के सामने आते है, उससे प्रार्थना करते है, और उसकी सेवा करते है, तब हम इस सुसमाचार का प्रसार करने के द्वारा हम हमारे याजकीय कार्य को परिपूर्ण कर सकते है।
क्या आप ने अब तक पानी और आत्मा के सुसमाचार पर विश्वास करने के द्वारा अपने पापों की माफ़ी पाई है? क्या सोने के कपड़े के समान विश्वास आपके हृदय में पाया जाता है? केवल हमारे लिए सुसमाचार के सत्य को जानना ही काफी नहीं है, लेकिन हमें इस पर पूरे हृदय से विश्वास भी करना चाहिए। हमें महायाजक के वस्त्र और तम्बू के द्वार को बनाने के लिए इस्तेमाल हुए चार कपड़ों में से किसी एक को भी नहीं निकालना है; उसमे से प्रत्येक हमारे विश्वास में पाया जाना चाहिए। आज झूठे विश्वासी कौन है? जब कुछ समान लगे लेकिन नजदीकी से जाँच करने पर इसके तत्व भिन्न लगे, तब हम इसे नक़ल कहते है। क्या झूठा सुसमाचार ऐसा ही नहीं है? जो लोग पानी और आत्मा के सुसमाचार पर विश्वास नहीं करता लेकिन किसी झूठे सुसमाचार पर विश्वास करता है वे झूठे विश्वास वाले लोग है। 
 

अपने विश्वास का बचाव करे और आत्मिक योध्धा के रूप में अपने युध्धको लडे

कुछ समय के लिए, ऐसे बहुत सारे झूठे संवाददाता थे जो सच्चे पत्रकार होने का ढोंग करते थे और लोगों को पैसो के लिए लूंट लेते थे। ऐसे झूठे संवाददाता जाली प्रमाण पत्र लेकर चलते थे और वे सच्चे पत्रकार का ढोंग करने में माहिर थे, बहुत सारे लोगों ने उनसे धोख़ा खाया था। आज, ऐसे बहुत सारे लोग है जो झूठे सुसमाचार का प्रसार कर रहे है जो असल सुसमाचार के जैसा लगता है, लेकिन वास्तव में वह पानी और आत्मा के सुसमाचार से अलग है। इसलिए, किसी भी सुसमाचार पर विश्वास करने से पहले, बड़ी नजदि की से उसकी जाँच करनी चाहिए की क्या उसमे नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े और बटी हुई सनी के कपड़े निहित है या नहीं और उसमे से किसी एक भी कपड़े को निकाल तो नहीं दिया। परमेश्वर ने मूसा को आदेश दिया की वह महायाजक के वस्त्र को बनाने के लिए उसमे से किसी भी कपड़े को भूले नहीं; इसका मतलब है की जब विश्वास की बात आती है तब आज के याजकों को पानी और आत्मा के सुसमाचार के किसी भी तत्व को निकालना नहीं चाहिए। यदि हम विश्वास नहीं करते की परमेश्वर ने इन चार कपड़ों के द्वारा हमारे उद्धार को परिपूर्ण किया है – नीला, बैंजनी, और लाल कपड़ा और बटी हुई सनी का कपड़ा – तो हम परमेश्वर के द्वारा स्वीकृत नहीं किए जा सकते।
हम कैसे जान सकते है की किसी व्यक्ति का विश्वास नकली है या नहीं? जब हम महायाजक के द्वारा पहिने गए वस्त्र के रंगों की ओर देखते है तब हम समझ सकते है की आज जो लोग पानी और आत्मा के सुसमाचार पर विश्वास करते है उनका विश्वास सम्पूर्ण है। यदि कोई इन व्यक्तिओं की तरह सच्चे सुसमाचार पर विश्वास करता है, तो आप इस व्यक्ति को ऐसे व्यक्ति के तौर पर गिन सकते है जिसके सारे पाप माफ़ किए गए है। ऐसे बहुत सारे लोग है जो नीले कपड़े के सत्य यानि की यीशु के बपतिस्मा पर विश्वास किए बिना ही सोचते है की उनका विश्वास सम्पूर्ण है, और वे केवल क्रूस के लहू पर ही विश्वास करते है। ऐसे लोग वो नहीं है जो सम्पूर्ण सुसमाचार पर विश्वास करते है। क्योंकि ये लोग परमेश्वर के सामने सच्चे सुसमाचार को नहीं जानते, इसलिए वे आत्मिक पापों की माफ़ी के बारे में प्रचार नहीं कर सकते।
प्रिय साथी विश्वासियो, आपको इस काबिल बनना चाहिए जो सच्चे सुसमाचार पर विश्वास करनेवालों के विश्वास और झूठे सुसमाचार पर विश्वास करनेवालों के विश्वास के बिच अन्तर कर सके। पुराने नियम में, महायाजक के वस्त्र पाँच कपड़ों से बनाया गया था, और इस विश्वास के होने के द्वारा हमने पापों की माफ़ी पाई है। इसी लिए हम शैतान के खिलाफ आत्मिक युध्ध लड़ रहे है।
प्रेरित पौलुस ने इस समस्या का उल्लेख इफिसियों की पत्री में किया है। आइए हम इफिसियों ६:१०-१८ की ओर मुड़े: “इसलिये प्रभु में और उसकी शक्‍ति के प्रभाव में बलवन्त बनो। परमेश्‍वर के सारे हथियार बाँध लो कि तुम शैतान की युक्‍तियों के सामने खड़े रह सको। क्योंकि हमारा यह मल्‍लयुद्ध लहू और मांस से नहीं परन्तु प्रधानों से, और अधिकारियों से, और इस संसार के अन्धकार के हाकिमों से और उस दुष्‍टता की आत्मिक सेनाओं से है जो आकाश में हैं। इसलिये परमेश्‍वर के सारे हथियार बाँध लो कि तुम बुरे दिन में सामना कर सको, और सब कुछ पूरा करके स्थिर रह सको। इसलिये सत्य से अपनी कमर कसकर, और धार्मिकता की झिलम पहिन कर, और पाँवों में मेल के सुसमाचार की तैयारी के जूते पहिन कर; और इन सब के साथ विश्‍वास की ढाल लेकर स्थिर रहो जिससे तुम उस दुष्‍ट के सब जलते हुए तीरों को बुझा सको। और उद्धार का टोप, और आत्मा की तलवार, जो परमेश्‍वर का वचन है, ले लो। हर समय और हर प्रकार से आत्मा में प्रार्थना, और विनती करते रहो, और इसी लिये जागते रहो कि सब पवित्र लोगों के लिये लगातार विनती किया करो।” 
प्रेरित पौलुस हमसे कहता है की, “इसलिये प्रभु में और उसकी शक्‍ति के प्रभाव में बलवन्त बनो,” और “परमेश्वर के सारे हथियार बाँध लो” ताकि हम “शैतान की युक्तियों के सामने खड़े रह सके।” परमेश्वर के सारे हथियार क्या है? यह परमेश्वर के वचन है। दुसरे शब्दों में, पौलुस हमसे कहता है की परमेश्वर के वचन पर विश्वास करने, इसे पहनने और इसे थामे रहने के द्वारा हमें इन झूठे विश्वासों के सामनें युध्ध करना है। इसी लिए वह कहता है, “क्योंकि हमारा यह मल्‍लयुद्ध लहू और मांस से नहीं परन्तु प्रधानों से, और अधिकारियों से, और इस संसार के अन्धकार के हाकिमों से और उस दुष्‍टता की आत्मिक सेनाओं से है जो आकाश में हैं।” वह हमें इस युग के हाकिमो के खिलाफ युध्ध करने की चेतावनी दे रहा है, उनके खिलाफ जो इस संसार की ओर है, और शैतान की दुष्ट आत्माओं की ओर है। 
पौलुस हमसे कह रहा है, “इसलिये परमेश्‍वर के सारे हथियार बाँध लो कि तुम बुरे दिन में सामना कर सको, और सब कुछ पूरा करके स्थिर रह सको। इसलिये सत्य से अपनी कमर कसकर, और धार्मिकता की झिलम पहिन कर, और पाँवों में मेल के सुसमाचार की तैयारी के जूते पहिन कर; और इन सब के साथ विश्‍वास की ढाल लेकर स्थिर रहो जिससे तुम उस दुष्‍ट के सब जलते हुए तीरों को बुझा सको। और उद्धार का टोप, और आत्मा की तलवार, जो परमेश्‍वर का वचन है।” पौलुस हमें यह कह रहा है ताकि हम, जिन्होंने यह सब किया है, वे परमेश्वर के सामने खड़े रह पाए। क्योंकि हम परमेश्वर के सन्मुख पानी और आत्मा के सुसमाचार पर विश्वास करते है, इसलिए हम पापों की माफ़ी को प्राप्त करते है और परमेश्वर के साथ अनन्त जीवन का आनन्द उठाने के लिए उसके सामने खड़े रहते है।
हम सब हमारी देह में कमज़ोर है। इसलिए हमें सत्य की कमरबंद बाँधनी चाहिए। हमें न्याय की चपरास पहनने के लिए कहने के द्वारा, पौलुस हमसे कहता है की हमें हमारे पूरे हृदय से सुसमाचार पर विश्वास करना चाहिए। जिस प्रकार महायाजक अपने सीने के ऊपर चपरास में बारह मणि पहनता था और इस्राएल के बारह गोत्र के नाम उसके ऊपर अंकित किए गए थे, वह कहता है की हमें सारे लोगों को हमारे हृदय में रखना चाहिए और उन्हें यीशु की ओर लेकर जाना चाहिए। महायाजक चपरास में लगाए गए बारह कीमती मणियों को अपने सीने पर पहनता था उसका मतलब है की वह इस्राएल के सारे लोगों को अपने हृदय में रखता था।
जिस प्रकार प्रेरित पौलुस ने यहाँ कहा है, “सत्य से अपनी कमर कसकर,” हमारे पास निश्चित तौर पर ऐसा विश्वास होना चाहिए जो नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े और बटी हुई सनी के कपड़े पर विश्वास करता है। जब हम हमारी कमजोरी से डरते नहीं है लेकिन हमारे हृदय में नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े के विश्वास को थामे रहते है तब हमारे मन को सामर्थ्य मिलती है। इस विश्वास के द्वारा हम हमारे न बदलने वाले विश्वास पर मजबूती से खड़े रह पाते है। इसलिए, हमें न्याय की चपरस पहननी चाहिए और हमारे मन और हृदय में भी इस पर विश्वास करना चाहिए। केवल हमारे दिमाग में इस सुसमाचार को जानना ही हमारे लिए काफी नहीं है, लेकिन हमें हमारे हृदय में इस पर विश्वास भी करना चाहिए।
फिर हमें शान्ति के सुसमाचार की तैयारी के साथ पांवों में सुसमाचार के जूते भी पहनने चाहिए। पानी और आत्मा के सुसमाचार के साथ, परमेश्वर ने हमें शान्ति दी है। परमेश्वर ने हमें इस पानी और आत्मा के सुसमाचार पर विश्वास करने के लिए कहा है जिसने हमें शांति दी है और सुसमाचार की सेवकाई करते हुए हमारे जीवन की अगवाई की है। 
परमेश्वर ने हमें “विश्वास की ढाल” को लेकर और “दुष्ट के सब जलते हुए तीरों को बुझाने” के किए भी कहा है। प्राचीन समय में, जलते हुए तीर युध्ध में उपयोग किए जानेवाले हथियार में सबसे पहली पसंदगी थी। पौलुस हमसे कहता है की इस तरह हम पर शैतान हमला करता है। दुष्ट हमारी कमजोरी और अपर्याप्तता पर वार करता है और कहता है, “तुम हो क्या? तुम्हारे हृदय से आनेवाले तुम्हारे विचार और सोच गंदे है, और फिर भी तुम सुसमाचार के प्रसार का समर्थन करते हो? यह किस प्रकार की बकवास है? तुम्हें नहीं लगता की तुम बहुत ही ज्यादा अभिमानी हो? तुम पहलें अपने खुद को सीधा क्यों नहीं करते?” यदि आप इस जलाते हुए तीरों के द्वारा फ़स गए है और इसके कारण हथियार डाल दिए है, और कहते है की, “तुम सही हो”, तो फिर आपको खुद से यह पूछना चाहिए, “यदि मैं खुद को ही सही रीति से संभाल नहीं पा रहा हूँ तो मैं किस प्रकार का याजक हूँ?” यदि ऐसा होता है तो आपकी आत्मा मर जाएगी और आप आत्मिक तौर से मर जाएंगे। इसी लिए प्रेरित पौलुस हमसे कहता है, “इन सब के साथ विश्वास की ढाल लो।” शैतान हमें कमज़ोर बनाने और गिराने के लिए दैहिक विचारों का इस्तेमाल करता है इनसे हमें कौन बचा सकता है? यह न बदलनेवाला विश्वास है जो नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े और बटी हुई सनी के कपड़े पर विश्वास करता है। यह विश्वास की ढाल है।
जब हम पर अंधाधुंध जलते हुए तीरों की बारिस हो, तब हमारे प्रभु ने कहा है की उन्हें इस विश्वास के द्वारा बुझाओ: “प्रभु ने मुझे नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े के द्वारा धर्मी बनाया है। मैं इस पर पूरे हृदय से विश्वास करता हूँ।” इस प्रकार के विश्वास के द्वारा हम इन जलते हुए तीरों को और शैतान के द्वारा नियोजित सारी योजनाओं को मिटा सकते है। 
क्या आप अपर्याप्त है? निश्चित ही आपकी देह अपर्याप्त है। आपको इन सारी समस्या का सामना परमेश्वर की मदद और पानी और आत्मा के सुसमाचार के द्वारा करना चाहिए। पापों की माफ़ी प्राप्त करने के बाद, आप सबसे पहले विशवास के द्वारा छोटी समस्याओं का सामना करने के योग्य बनेंगे, लेकिन बाद में, ऐसे समस्याए आपके द्वार पर दस्तक देगी जिन्हें किसी ओर तरीके से नहीं लेकिन केवल विश्वास के द्वारा ही सामना किया जा सकता है। शुरुआत में, आपकी कमजोरी केवल थोड़ी ही दिखेगी, लेकिन बाद में, ऐसी कमजोरियाँ बहुतायत से दिखने लगेगी। अंततः आप इतनी सारी कमजोरियों से भर जाएंगे की वे आपको खुद से पीछे कर देगी। 
इस समय के जैसे, जब कभी भी आपको संदेह हो की आपने पापों की माफ़ी पाई है या नहीं, तब शैतान आप पर गंभीर वार करता है। इसलिए, अपने विश्वास के साथ, आपको अपनी कमजोरी का भी ख़याल रखना है। दुसरे शब्दों में, आपको इस प्रकार के दैहिक विचारों से बचना चाहिए जो आपको आपकी कमजोरी के कारण खुद के नाश की ओर लेकर जाए। विश्वास की ढाल के साथ, आपको शैतान के वार को नष्ट करना है और कहना है, “शैतान मेरे पीछे हो जा! जिस प्रकार रोमियों १:१७ कहता है, “न्यायी विश्वास से जिएगा,’ भले ही मेरे अन्दर बहुत सारी कमियाँ हो लेकिन फिर भी परमेश्वर की धार्मिकता पर विश्वास के द्वारा मैं अभी भी धर्मी हूँ।” धर्मी को विश्वास से जीना चाहिए।
क्या इस दुनिया में हमारे पास ऐसा कुछ भी है जिस पर हम घमंड कर सके? सांसारिक तौर पर हमारे पास घमंड करने के लिए कुछ भी नहीं है, लेकिन फिर भी हम इस संसार के लोगों के साथ बड़े आत्म विश्वास के साथ बात करते है। संसार के लोग शायद आपसे कह सकते है, “यदि आप धर्मी है, तो फिर मैं भी धर्मी हूँ।” तो फिर आपको उन्हें उत्तर देना चाहिए, “सुनो, यदि आप धर्मी है, तो मैं सारे धर्मियों की माता हूँ।” ऐसे बहुत सारे लोग है जिनके अन्दर समझ नहीं है और हमारी कमियाँ को ढूँढ कर हम पर वार करते है। “आप अच्छे विद्यार्थी नहीं है। आय यह नहीं कर सकते और आप वह भी नहीं कर सकते।” भले ही वे हम पर इस तरह से वार करे, लेकिन हमारे पास चिंतित होने का कोई कारण नहीं है। आप प्रत्युत्तर दे सकते है, “तुम सहीं हो। मैं इतना अच्छा नहीं हूँ। लेकिन फिर भी मैं इस असल सुसमाचार पर विश्वास करता हूँ। क्या आप जानते है की सुसमाचार क्या है? क्या आप जानते है की नीला कपड़ा क्या है? बैंजनी कपड़ा क्या है? लाल कपड़ा क्या है? बटी हुई सनी का कपड़ा क्या है? मूल लेख में देखिए। इससे पहले की आप उनके मतलब को ढूंढें, आपको कमसे कम एक महीना लगेगा नहीं, वास्तव में, यदि आप उनके रहस्य को एक साल के बाद भी समझ सके तो आप भाग्यशाली होंगे। उन्हें समझने के लिए आपको कमसे कम ५०० पीढ़िया लगेगी। क्या आप जानते है की सोने का कपड़ा क्या है? ठीक है, तुम्हारे विपरीत, मैं इन चीजो को जानता हूँ और विश्वास करता हूँ।” इस प्रकार, आपको आपके विश्वास के द्वारा शैतान के सारे वार को बुझाना है। आपके पास मजबूत विश्वास होना चाहिए, और इस विश्वास के द्वारा आपको उसे पीछे धकेलना है।
“भले ही मैं अपर्याप्त हूँ, लेकिन फिर भी मैं सुसमाचार की सेवा करता हूँ। पानी और आत्मा के सुसमाचार की सेवकाई करना परमेश्वर की सेवा करना है। भले ही मेरे अन्दर कमियाँ है, लेकिन फिर भी मैं परमेश्वर के राज्य में राजा हूँ। मैं राजमान्य याजक हूँ जो राजा के जैसा है। यदि मैं सुसमाचार का प्रसार न करूँ, तो आप सब का अन्त नरक में होगा।” भाइयों और बहनों, आप सब के पास ऐसा निडर विश्वास होना चाहिए। यह विश्वास ऐसा नहीं है जो आप जबरन हाँसिल कर सकते है, लेकिन यह कुछ ऐसा है जो परमेश्वर ने हमें दिया है, और इसलिए आपको केवल विश्वास करने के द्वारा इसे ग्रहण करना है। क्या आपने विश्वास करने के द्वारा इस विश्वास को प्राप्त किया है?
इफिसियों ६:१७ में प्रेरित पौलुस हमें “उद्धार का टोप लेने” की चेतावनी देता है। टोप क्या है आप जानते है, सही है? मद्य युग के शूरवीर याद है? वे धातु से बने टोप पहनते थे और घोड़े पर बैठ कर एक दुसरे के साथ द्वंद्व युध्ध करते थे। जब वे उनके चहरे को ढकने वाले टोप को पहनते थे, इसलिए जब तक की उनकी आँखों को छेदा न जाए तब तक उन्हें कोई जानलेवा घाव नहीं होते थे। ख़ास तौर पर बनाए गए ऐसे टोप उन्हें इस प्रकार के वार से बचाते थे। उसी प्रकार, उद्धार का टोप भी बड़ी भूमिका अदा करता है।
इस प्रकार, हमारे दिमाग में भी, सत्य का हमारा ज्ञान सम्पूर्ण होना चाहिए। हमारे ज्ञान में सुसमाचार का सत्य बौध्धिक रीति से ठीक होना चाहिए। “क्या यह सच है या नहीं? क्या यह सही है या नहीं?” – इस प्रकार हमारी अनिश्चितता में कांपने की बजाए हमारे पास हमारे दिमाग में स्पष्ट समझ होनी चाहिए: “परमेश्वर ने मुझे नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े से सम्पूर्ण धर्मी बनाया है। मैं इस पर विश्वास करता हूँ।” जब हम ऐसा करते है केवल तभी एक दरार पड़ेगी जिसके जरिए शैतान अन्दर प्रवेश कर सकता है। हमें उद्धार के टोप से खुद को कटिबध्ध करना है। सत्य के सही ज्ञान के साथ विश्वास करना चाहिए। 
और पौलुस हमें आत्मा की तलवार को लेने के लिए भी कहता है। आत्मा की यह तलवार परमेश्वर का वचन है, और इसलिए जब हम वचन को सिखते, जानते और विश्वास करते है, वह बड़े हथियार को रखने जैसा है। शैतान हमारे लोगों के द्वारा, पैसो के द्वारा, विपरीत लिंग के द्वारा, और आपकी कमजोरी के द्वारा भी चालाकी से वार करता है, लेकिन हम परमेश्वर के वचन पर हमारे विश्वास के द्वारा उसे पीछे धकेल सकते है।
इफिसियों में, महायाजक के वस्त्रों से अनुरूपता का इस्तेमाल करते हुए, प्रेरित पौलुस हमें वास्तविक विश्वास क्या है वह इस प्रकार बताता है: “धार्मिकता की झिलम पहनकर।” दुसरे शब्दों में, वह हमसे कह रहा है की सत्य की झिलम को पहनने के द्वारा परमेश्वर ने हमें धर्मी बनाया है। पौलुस ने हमें “उद्धार का टोप और आत्मा की तलवार” लेने के लिए भी कहा है। इस उदाहरण का इस्तेमाल करने के द्वारा, वह हमसे शैतान के खिलाफ युध्ध करने के लिए कहता है, सत्य के सम्पूर्ण ज्ञान और परमेश्वर के वचन पर विश्वास के द्वारा उसे पूरी तरह हराने के लिए कहता है। वह हमसे कहता है की किसी भी जिजक के बगैर हमारे विश्वास में बाधा डालने वाले शैतान के सारे अवरोध को तोड़ दे। जिनके पास झूठा सुसमाचार है वे वो लोग है जो केवल एक ही भाग पर विश्वास करने के बावजूद भी सारे पापों से साफ़ होने का दावा करते है, अर्थात्, यीशु का क्रूस का लहू और परमेश्वर के पुत्र के रूप में उसकी दैवियता। हमें इस झूठे विश्वास को फेंक देना चाहिए।
यीशु की नीले कपड़े की सेवकाई के बगैर यीशु पर विश्वास करनेवाला विश्वास ऐसा है जैसे महायाजक ने नकली वस्त्र पहने है। फिर भी इस दुनिया में, ऐसे बहुत सारे जाली मसीही है जो अपने विश्वास से नीले कपड़े को निकाल देते है यहाँ तक की हम उनकी गिनती भी नहीं कर सकते। हालाँकि, हम हमारी किताबों में पानी और आत्मा के सुसमाचार को रखते है और इस सुसमाचार की गवाही देते है जो नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े और बटी हुई सनी के कपड़े से आया, वो सुसमाचार जिस पर हम विश्वास करते है। चाहे लोग इस पर विश्वास करे या न करे इसकी परवाह किए बिना, कमसे कम उन्हें इस बात को पढ़ने का, जानने का, और विश्वास करने का मौक़ा देना चाहिए की हमारी किताबों में केवल परमेश्वर के वचन है। जो लोग केवल यह विश्वास करते है की यीशु परमेश्वर है और उसने क्रूस पर अपना लहू बहाने के द्वारा उनके पापों को साफ़ किया है वे लोग अपनी भावनाओं में बहकर खुद को और दूसरों को धोका दे रहे है। लेकिन हम जो इस सत्य पर विश्वास करते है वे जानते है, विश्वास करते है और प्रचार करते है की बपतिस्मा लेने और क्रूस पर अपना लहू बहाने के द्वारा यीशु जो खुद परमेश्वर है उसने हमें सम्पूर्ण तरीके से बचाया है।
क्या अब आप विश्वास करते है की महायाजक के वस्त्र सोने, नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े और बटी हुई सनी के कपड़े से बुने हुए थे? जिन्होंने पवित्रता के सम्पूर्ण वस्त्र पहने हुए है वे वो लोग है जिन्होंने इन पाँच कपड़ो से बने वस्त्र को पहना है। जो लोग अपने हृदय में सोने, नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े और बटी हुई सनी के कपड़े से आए हुए पाप की माफ़ी पर विश्वास करते है वे विश्वास के सच्चे लोग और आत्मिक याजक है जो विश्वास करते है की वे वास्तविक तौर पर अपने सारे पापों से बच गए है। 
ऐसा कुछ है जो आत्मिक रूप से याजक बने है वे कभी भूल नहीं सकते। यह है नीले, बैंजनी, और लाल कपड़ा और बटी हुई सनी के कपड़े का लागू करण, सच्चे सुसमाचार की परछाई। इन पाँच कपड़ो के साथ हम पापों की माफ़ी के पवित्र वस्त्र को बना सकते है, विश्वास से उसे पहन सकते है, और परमेश्वर के पास आ सकते है। यह हमारे सच्चे विश्वास के बारे बताता है। हमारे विश्वास के लिए जो इस सत्य को मानता है, परमेश्वर ने हमारे हृदय को पवित्र किया है, ठीक वैसे जैसे उसने पुराने नियम के महायाजक के लिए किया था। इस सत्य पर विश्वास करने के द्वारा, हम सब परमेश्वर के सामने याजक बने है। हम राजमान्य याजक है जो परमेश्वर की सेवा करते है। 
भाइयों और बहनों, मैं चाहता हूँ की आपके पास ऐसा विश्वास हो जो इस सत्य पर विश्वास करता है, और इस विश्वास के साथ शैतान के खिलाफ युध्ध करे और अपने याजकीय कार्य को परिपूर्ण करे। और ऐसा करने के द्वारा, मैं आशा और प्रार्थना करता हूँ की आप हमेशा के लिए विश्वास योग्यता से अपने याजकीय कार्य को आगे बढ़ाए। मैं यह कह रहा हूँ क्योंकि यदि आप नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े और बटी हुई सनी के कपड़े के सुसमाचार पर विश्वास करना बंद करेंगे तो आपका याजकीय पद आपसे वापिस ले लिया जाएगा। मैं प्रार्थना करता हूँ की आप सब ओर भी ज्यादा विश्वास योग्य याजक बने जो असल सुसमाचार पर अपने न बदलनेवाले विश्वास से परमेश्वर को प्रसन्न करे। यह मेरी आशा है की आप सब अन्त तक सच्चे सुसमाचार पर विश्वास करे, ताकि आप अनन्त जीवन के सुसमाचार को न गवाए, अपने विश्वास का बचाव करे, और हमेशा अपने याजकीय कार्य को करते रहे।