उपदेश

विषय ९ : रोमियों (रोमियों की पत्री किताब पर टिप्पणी)

[अध्याय 8-8] ( रोमोयों ८:२६-२८ ) पवित्र आत्मा जो धर्मी की मदद करता है

( रोमोयों ८:२६-२८ )
“इसी रीति से आत्मा भी हमारी दुर्बलता में सहायता करता है : क्योंकि हम नहीं जानते कि प्रार्थना किस रीति से करना चाहिए, परन्तु आत्मा आप ही ऐसी आहें भर भरकर, जो बयान से बाहर हैं, हमारे लिये विनती करता है; और मनों का जाँचनेवाला जानता है कि आत्मा की मनसा क्या है? क्योंकि वह पवित्र लोगों के लिये परमेश्‍वर की इच्छा के अनुसार विनती करता है। हम जानते हैं कि जो लोग परमेश्‍वर से प्रेम रखते हैं, उनके लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती हैं; अर्थात् उन्हीं के लिये जो उसकी इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं।” 
 

पवित्र आत्मा उन लोगों के ह्रदय में है जो परमेश्वर की धार्मिकता में विश्वास करते हैं। पवित्र आत्मा उनसे प्रार्थना करवाता है और ऐसा करने में उनकी सहायता करता है। वह उनके लिए कराह के साथ विनती भी करता है। इसका अर्थ यह है कि पवित्र आत्मा उन्हें परमेश्वर की इच्छा के अनुसार प्रार्थना करने में सहायता करता है। इसलिए जो लोग परमेश्वर की धार्मिकता में विश्वास करते हैं उन्हें परमेश्वर की सन्तान कहा जाता है। प्रभु उनसे वादा करता है कि वह अन्त समय तक हमेशा उनके साथ रहेगा।
पवित्र आत्मा धर्मी लोगों के भीतर है, जो परमेश्वर की इच्छा के अनुसार मध्यस्थता करता है। आपको क्या लगता है आप कैसे पवित्र आत्मा प्राप्त कर सकते हैं? प्रार्थना करके? क्या आपको लगता है कि आप अपने सभी पापों के बावजूद भी आत्मा को प्राप्त कर सकते हैं? पवित्र आत्मा केवल उनके हृदय में कार्य करता है और वास करता है जो परमेश्वर की धार्मिकता में विश्वास करते हैं।
मसीही जो परमेश्वर की इच्छा के अनुसार प्रार्थना करना चाहते हैं उन्हें पवित्र आत्मा से सहायता प्राप्त होती है। वे सीखते और समझते हैं कि उन्हें किस लिए प्रार्थना करनी चाहिए। यदि आपने परमेश्वर की धार्मिकता में विश्वास करके पवित्र आत्मा प्राप्त किया है, तो पवित्र आत्मा आपके लिए विनती करेगा और आपके मार्ग का नेतृत्व करेगा।
 

सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है

“हम जानते हैं कि जो लोग परमेश्‍वर से प्रेम रखते हैं, उनके लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती हैं; अर्थात् उन्हीं के लिये जो उसकी इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं” (रोमियों ८:२८)।
परमेश्वर विश्वासियों के पक्ष में है, और जो परमेश्वर से प्रेम करते है उनके लिए सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है। परमेश्वर नया जन्म प्राप्त किएर हुए विश्वासियों से प्रेम करते हैं। वह कभी-कभी हमारे दुश्मनों का इस्तेमाल हमारे लिए कर सकता है, लेकिन अंत में, वह उन्हें उनके पापों के लिए दंडित करता है। इस प्रकार हमारा हर शत्रु उसके अनन्त दण्ड में नाश हो जाएगा, क्योंकि जिस किसी भी चीज के लिए परमेश्वर अनुमति देता है वह केवल विश्वासियों की भलाई के लिए है।