उपदेश

विषय १० : प्रकाशितवाक्य (प्रकाशितवाक्य पर टिप्पणी)

[अध्याय 2-4] मृत्यु तक विश्वासयोग्य रहे ( प्रकाशितवाक्य २:८-११ )

मृत्यु तक विश्वासयोग्य रहे

( प्रकाशितवाक्य २:८-११ )

प्रारंभिक कलीसिया के युग के दौरान, कई मसीही सुरक्षित जगह की तलाश में भटक रहे थे, जहां वे रोमन अधिकारियों के हाथों सताव से बच सकें। रोमन साम्राज्य ने सम्राट नीरो के निधन के बाद भी उत्पीड़न की अपनी नीति जारी रखी, क्योंकि मसीही लोग बाद के सम्राटों के अधिकार की अवहेलना करते रहे। प्रारंभिक संतों ने रोमन सम्राटों के सांसारिक अधिकार को स्वीकार किया और समझा, लेकिन जब अपने विश्वास को छोड़ने की बात आई तब उन्होंने उसे मानने से इनकार कर दिया। क्योंकि वे रोमन अधिकारियों की ऐसी मांग के खिलाफ खड़े हुए थे, प्रारंभिक कलीसिया के इतिहास उत्पीड़न और शहादत से भरे हुए है।
हमें अपने आप से पूछना चाहिए कि क्या प्रकाशितवाक्य के वचन की आज के विश्वासियों के लिए कोई विशेष प्रासंगिकता है। आखिरकार, यह वर्त्तमान समय में नहीं लेकिन लगभग दो हजार साल पहले लिखा गया था, और एशिया के सात कलीसियाओं के लिए, हमारे लिए नहीं। यह हमारे लिए कैसे प्रासंगिक हो सकता है? 
यह प्रासंगिक है क्योंकि यह परमेश्वर का वचन है जो हमें भविष्य में आने वाले गुप्त रहस्यों को उजागर करता है। हमें यह समझना चाहिए कि हम अब काले घोड़े के युग में रह रहे हैं, प्रकाशितवाक्य ६ में वर्णित "चार घोड़ों के युग" का तीसरा युग। सफेद और लाल घोड़ों के युग को पार करने के बाद, हम अब काले घोड़े के युग में रह रहे हैं जो लगभग समाप्ति पर है। पूरी दुनिया को जल्द ही भौतिक और आत्मिक दोनों तरह के बड़े अकालों का सामना करना पड़ेगा। दरअसल, यह कहना शायद सुरक्षित है कि अकाल का यह युग आ चुका है। जब काले घोड़े का वर्तमान युग, अकाल का युग बीत जाएगा, तो पीले घोड़े का युग आ जाएगा।
प्रकाशितवाक्य ६ में बताई गई सात मुहरों का अर्थ है कि परमेश्वर ने जब ब्रह्मांड की रचना की थी तब मसीह में कुल सात युगों की योजना बनाई है। पहला युग, सफेद घोड़े का युग, सुसमाचार का युग है; दूसरा युग, लाल घोड़े का युग, शैतान का युग है जब शैतान दुनिया में बहुत भ्रम लाता है, युद्ध करता है, और परमेश्वर की कलीसिया का विरोध करना जारी रखता है। इन युगों के बाद काले घोड़े का युग आता है, वह युग जिसमें भौतिक और आत्मिक अकाल दुनिया को तबाह कर देते हैं। काले घोड़े का यह युग कुछ समय पहले ही शुरू हो चुका है।  
जब यह युग समाप्त होगा, तो पीले घोड़े का युग शुरू होगा, जिसमें मसीह विरोधी उठ खडा होगा, साथ ही प्रकाशितवाक्य ८ में वर्णित सात तुरहियों की विपत्तियाँ शुरू होंगी। जब सात तुरहियों में से अंतिम फूंकी जाएगी, तो पवित्र लोग रेप्चर किए जाएंगे, और इसके बाद सात कटोरों की विपत्तियां आएंगी। तब रेप्चर किए हुए संतों के लिए हवा में मेम्ने का विवाह भोज होगा, और जब सात कटोरों की सभी विपत्तियाँ समाप्त हो जाएँगी, तो प्रभु हमारे साथ पृथ्वी पर लौट आएंगे और अपने हजार साल के राज्य की शुरुआत करेंगे। हजार साल के राज्य के बाद नया स्वर्ग और पृथ्वी आएगी जो उन संतों पर उतरेगी जो हजार साल के राज्य में अपने पहले पुनरुत्थान के द्वारा रहते है। 
इस प्रकार प्रकाशितवाक्य की पुस्तक के भाग, जैसे "मृत्यु तक विश्वासयोग्य रहो, और मैं तुम्हें जीवन का मुकुट दूंगा," और "जो जय पाए उसे दूसरी मृत्यु से हानि न होगी," सभी सीधे हमारे लिए प्रासंगिक हैं। दुसरे शब्दों में, प्रकाशितवाक्य का वचन, उन मसीहियों के लिए अत्यंत प्रासंगिक है जो आज के संसार में रह रहे हैं। यदि प्रकाशितवाक्य हमारे लिए प्रासंगिक नहीं होता, तो परमेश्वर के इस वचन का कोई अर्थ नहीं होता। 
प्रकाशितवाक्य की पुस्तक में प्रकट सात युगों की योजना हमारे प्रभु मसीह में लागू की गई और पूरी की गई है। जब पीले घोड़े का युग आएगा, तो मसीह विरोधी प्रगट होगा। हमें परमेश्वर के वचन से पता लगाना है कि उस समय के लिए हमारे प्रभु की हमारे लिए क्या योजना है। हमारे लिए यह पूरी तरह से महत्वपूर्ण है कि हम सभी लोग प्रकाशितवाक्य के वचन से समझे कि कैसे परमेश्वर ने हमारे लिए अपनी समग्र योजना को स्थापित किया है और वह इसे कैसे पूरा करेगा - दुनिया पर कौन सी विपत्तियाँ आएगी, विश्वासियों का क्या होगा, कौन सी आपदाएँ अविश्वासियों के लिए त्रस्त होंगी, आदि। आपको अपने लिए भविष्यवाणी के इस वचन के पूर्ण महत्व और प्रासंगिकता को स्वीकार करना चाहिए और विश्वास करना चाहिए।
आपको इस बात की भी अच्छी समझ होनी चाहिए कि प्रकाशितवाक्य की पुस्तक किस बारे में बात करती है, जैसे कि सात साल का महान क्लेश और मसीह का दूसरा आगमन। आज के कई मसीही पूर्व-क्लेश के रेप्चर के सिद्धांत में विश्वास करते हैं, जो पहली बार १८३० के दशक में इंग्लैंड में प्रकट हुआ था और बाद में मूडी बाइबल संस्थान के प्रोफेसर सी. आई. स्कोफिल्ड नामक विद्वान द्वारा व्यापक रूप से लोकप्रिय बना दिया गया था। 
यह सिद्धांत बताता है कि महान क्लेश की सात साल की अवधि शुरू होने से पहले संतों का रेप्चर होगा। इस दृष्टिकोण में, अन्यजातियों को पहले रेप्चर किया जाएगा, और फिर परमेश्वर इस्राएल के लोगों के लिए उद्धार का अपना कार्य शुरू करेगा। साथ ही, संतों का रेप्चर, मसीह विरोधी के उदय और सात कटोरों की विपत्तियों दोनों से पहले होगा।
सामान्य तौर पर, अधिकांश मसीही या तो हजार साल के राज्य या पूर्व-क्लेश रेप्चर के इस सिद्धांत में विश्वास करते हैं। लेकिन ये केवल परिकल्पनाएँ हैं जो कि गलत ज्ञान और बाइबल की कम समझ से निर्मित हैं। प्रकाशितवाक्य की पुस्तक के बारे में विश्वासियों के कई प्रश्नों का उत्तर देने के बजाय, इन परिकल्पनाओं ने प्रकाशितवाक्य के वचन के बारे में और भी अधिक प्रश्न और संदेह उठाकर लाभ से अधिक नुकसान किया है। 
यदि पूर्व-क्लेश रेप्चर का सिद्धांत सही होता, तो अन्यजातियों के विश्वासियों के लिए प्रकाशितवाक्य की पुस्तक की क्या प्रासंगिकता होती? महान क्लेश और घटनाओं की श्रृंखला जिनकी भविष्यवाणी प्रकाशितवाक्य में की गई है, हमारे लिए कोई प्रासंगिकता नहीं होगी, क्योंकि हम सभी पहले ही रेप्चर हो जाएंगे। यही कारण है कि बहुत से लोग अक्सर प्रकाशितवाक्य के वचन को विश्वास के बजाय जिज्ञासा के विषय के रूप में लेते हैं। 
लेकिन हमें यह महसूस करना चाहिए कि प्रकाशितवाक्य का वचन हमारे लिए यानी की जो वर्त्तमान समय में जीवित है उनके लिए गंभीर रूप से प्रासंगिक है। मैं आपसे यह पूछता हूँ: क्या आप परमेश्वर के वचन में विश्वास करते हैं या आप विद्वानों के वचन में विश्वास करते हैं? हजार साल के राज्य से रेप्चर, क्लेश के बाद रेप्चर, पूर्व-क्लेश रेप्चर, मध्य-क्लेश रेप्चर, और इसी तरह, अंत समय पर बहुत सारे सिद्धांत हैं। विद्वानों द्वारा प्रस्तावित ये सिद्धांत बस यही हैं - वे केवल परिकल्पना, अभिधारणा और अटकलों से अधिक कुछ नहीं हैं। 
आप इनमें से किस सिद्धांत में विश्वास करते हैं? बहुत से लोग कहते हैं कि वे पूर्व-क्लेश रेप्चर के सिद्धांत में विश्वास करते हैं क्योंकि यही उन्हें उनके पादरियों द्वारा सिखाया गया था। लेकिन मैं आपको स्पष्ट और निश्चित रूप से बता दूं: आप और मैं सात तुरहियों की विपत्तियों से गुजरेंगे और महान क्लेश के बीच में रहेंगे। क्योंकि हम महान क्लेश से गुज़रने के लिए नियत हैं, हमारा विश्वास सच्चा और इतना मजबूत होना चाहिए कि हम उन परीक्षाओं और क्लेशों को दूर कर सकें जो हमारी प्रतीक्षा कर रहे हैं। 
क्या होगा यदि आप, पूर्व-क्लेश स्वर्गारोहण के सिद्धांत में विश्वास करते हुए, अपने आप से सोचते, “मैं महान क्लेश से पहले रेप्चर हो जाऊँगा; मैं इसके बारे में लापरवाह नहीं हो सकता," और अंत समय के लिए आप आपके विश्वास को तैयार नहीं करते? जब महान क्लेश की सात साल की अवधि आती है, जैसा कि परमेश्वर का वचन कहता है तब जो लोग क्लेश के लिए अपना विश्वास तैयार नहीं करते वे बहुत भ्रम, पीड़ा, और शायद मृत्यु में भी फंस जाएंगे—अर्थात, उनका यीशु पर का विश्वास हिल सकता हैं। उनमें से कई क्लेश को दूर करने में सक्षम नहीं होंगे और अंत में विश्वास की अपनी लड़ाई हार जाएंगे।
पूर्व-क्लेश स्वर्गारोहण के सिद्धांत के प्रकट होने से पहले, कई मसीहीयों ने वास्तव में यह विश्वास किया था कि वे महान क्लेश के सभी सात-वर्षों की अवधि से गुजरेंगे, और यह कि वे इसके अंत के बाद ही रेप्चर होंगे जब मसीह अपना दूसरा आगमन करेगा। यह सोचकर कि उन्हें सात साल की अवधि के प्रत्येक वर्ष को सहना होगा, उन्होंने अपने विश्वास को उत्सुकता में तैयार किया, लेकिन उनमे बड़ा भय भी था। सभी विपत्तियों से गुजरना उनके लिए एक भयानक संभावना रही होगी, जैसा कि वास्तव में यह किसी भी व्यक्ति के लिए भयानक होनी चाहिए। लेकिन ऐसा विश्वास भी केवल एक अकादमिक सिद्धांत था, जो परमेश्वर के वचन की अज्ञानता का एक उत्पाद था। 
फिर ऐसे रूढ़िवादी लोग भी हैं जो हजार साल के राज्य में विश्वास करते हैं। ये लोग हजार साल के राज्य को प्रतीकात्मक के रूप में देखते हैं। वे इसे उस शांति के प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व के रूप में देखते हैं जो मसीह में विश्वासी अपने उद्धार के माध्यम से प्राप्त करते हैं। क्या ऐसे अकादमिक सिद्धांत सत्य है, हम इस बात के लिए लापरवाह नहीं रह सकते कि दुनिया में क्या होता है, क्योंकि क्लेश शुरू होने से पहले हम सभी को परमेश्वर के द्वारा हवा में उठा दिया जाएगा।
लेकिन यदि वह सच नहीं होता तो क्या होता? अपने विश्वास को तैयार किए बिना महान क्लेश का सामना करते हुए, हम भय के तहत बंदी बना लिए जाएंगे। हम अपने विश्वास की रक्षा करने में असमर्थ होंगे, परीक्षणों और क्लेशों की लहरों के सामने आत्मसमर्पण करते, और अंत में शेष दुनिया की तरह उसी धारा में बहेंगे। परन्तु परमेश्वर ने हमें बताया है कि जिनके नाम जीवन की पुस्तक में लिखे गए हैं—अर्थात, जो पानी और आत्मा के द्वारा नया जन्म लेते हैं, वे कभी भी समर्पण नहीं करेंगे।
परमेश्वर हमें अपने प्रकाशितवाक्य के वचन में बताता है कि जिन्होंने नया जन्म प्राप्त किया है वे विश्वास के द्वारा महान क्लेश की परीक्षाओं पर विजय प्राप्त करेंगे, और यह कि क्लेश के बीच में ही वह उन्हें हवा में ऊपर उठायेगा। इस प्रकार पूर्व-क्लेश रेप्चर का सिद्धांत बाइबल के इस सत्य से अलग हो जाता है, जिसका अर्थ है कि यह दावा केवल एक मानव निर्मित अभिधारणा है। दूसरे शब्दों में, यह झूठ है, सच नहीं। 
फिर भी दुनिया भर में कई लोगों ने अब पूर्व-क्लेश रेप्चर के इस सिद्धांत को स्वीकार कर लिया है। जो लोग स्कोफिल्ड की पूर्व-क्लेश रेप्चर की शिक्षा में विश्वास करते हैं, वे निम्नलिखित बातों में विश्वास करते हैं:
१. महान क्लेश की सात साल की अवधि अंत के समय में मसीह विरोधी के उद्भव के बाद शुरू होगी।
२. महान क्लेश की सात-वर्ष की अवधि के दौरान मसीह-विरोधी दुनिया पर शासन करेगा; सात साल की अवधि के पहले भाग के लिए, वह एक उदार शासक के रूप में शासन करेगा, और बाद में एक दुष्ट अत्याचारी के रूप में शासन करेगा।
३. यरूशलेम में मंदिर का पुनर्निर्माण किया जाएगा और बलिदान फिर से शुरू हो जाएगा।
४. मसीह विरोधी इस्राएल के साथ सात वर्ष की वाचा बान्धेगा।
५. क्लेश के पहले साढ़े तीन वर्षों के बाद, मसीह विरोधी इस्राएल के साथ इस वाचा को तोड़ देगा।
६. अगले साढ़े तीन वर्ष इस्राएलियों के लिए बड़े क्लेश और सताव का समय होगा। इस अवधि के दौरान अनुग्रह के सुसमाचार के बजाय हजार साल राज्य के सुसमाचार का प्रचार किया जाएगा।
७. इस्राएलियों में से १,४४,००० क्लेश से बच निकलेंगे।
८. हर-मगिदोन की लड़ाई के साथ क्लेश का अंत होगा।

उपरोक्त शब्दों में महान क्लेश को परिभाषित करने के बाद, स्कोफिल्ड ने इस बात का कोई उल्लेख नहीं किया कि क्लेश के दौरान अन्यजातियों का क्या होगा। दूसरे शब्दों में, स्कोफिल्ड ने तर्क दिया कि सभी अन्यजाति जो मसीह में विश्वास करते हैं, क्लेश की शुरुआत से पहले उनका रेप्चर किया जाएगा, और उनके रेप्चर के बाद ही परमेश्वर इस्राएल के लोगों के बीच कार्य करना शुरू करेगा। उसका कार्य १,४४,००० इस्राएलियों के छुटकारे के साथ पूरा होगा, और इसके साथ, वह अपने उद्धार के कार्य को पूरा करेगा। तब हजार साल का राज्य शुरू होगा।
स्कोफिल्ड के पूर्व-क्लेश रेप्चर के दावे जॉन नेल्सन डार्बी से प्रभावित थे, जो प्लायमाउथ ब्रदरन नामक एक समूह के संस्थापक थे, जिन्होंने पेंटीकोस्तल अगुवे से मिलने के बाद इस सिद्धांत का समर्थन करना शुरू किया। यह अगुवा वास्तव में स्कॉटलैंड की मार्गरेट मैकडोनाल्ड नाम की एक पंद्रह वर्षीय लड़की थी, जिसने १८३० में दावा किया था कि उसे परमेश्वर से एक दर्शन मिला था जिसमें उसने मसीहीयों को महान क्लेश से ठीक पहले रेप्चर होते देखा था। इस लड़की से मिलने के बाद डार्बी ने पूर्व-क्लेश रेप्चर के सिद्धांत को पढ़ाना शुरू किया।
डार्बी की शिक्षाओं को तब एक अमेरिकी धर्मशास्त्री स्कोफिल्ड को पारित किया गया था। स्कोफिल्ड, जिसने अपना पूरा जीवन अपने व्यापक रूप से इस्तेमाल की जाने वाली स्कोफिल्ड संदर्भ बाइबल पर काम करते हुए बिताया था, उस समय इस सवाल पर विचार कर रहा था कि क्लेश से पहले या बाद में रेप्चर होगा या नहीं। जब स्कोफिल्ड ने डार्बी के पूर्व-क्लेश रेप्चर के सिद्धांत के बारे में सुना, तो वह इसमें पूरी तरह से डूब गया था, और इसके दावों से पूरी तरह आश्वस्त होने के बाद, उसने इस नए सिद्धांत को अपनी स्कोफिल्ड संदर्भ बाइबल में शामिल करके अपनाया। इस तरह स्कोफिल्ड ने पूर्व-क्लेश रेप्चर के सिद्धांत में विश्वास किया और तर्क दिया, और आज के कितने मसीही भी इसका पालन करते है।
डार्बी और स्कोफिल्ड द्वारा पूर्व-क्लेश रेप्चर के सिद्धांत की व्याख्या करने से पहले, अधिकांश मसीही क्लेश-पश्चात रेप्चर में विश्वास करते थे। लेकिन स्कोफिल्ड, जो संयुक्त राज्य अमेरिका में मूडी बाइबल इंस्टीट्यूट में प्रोफेसर थे, उनका सैद्धांतिक मुद्दों पर जबरदस्त प्रभाव था, खासकर उनकी स्कोफिल्ड रेफरेंस बाइबल के प्रभाव से। यह स्कोफिल्ड और उनके प्रभाव के कारण था कि पूर्व-क्लेश रेप्चर का सिद्धांत दुनिया भर के मसीही समुदायों में इतना व्यापक हो गया। 
दुर्भाग्य से, परिणामस्वरूप, आज के कई मसीही अपने विश्वास में गहरी नींद सो रहे हैं। वे सो रहे हैं क्योंकि वे गलती से सोचते हैं कि मसीह विरोधी के उदय का उनसे कोई लेना-देना नहीं होगा। उन्हें लगता है कि महान क्लेश के युग के लिए अपने विश्वास को तैयार करने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि उनका मानना है कि इसके शुरू होने से पहले उनका रेप्चर किया जाएगा। लेकिन हमारे परमेश्वर ने हमें हमेशा जागते रहने के लिए कहा है, क्योंकि कोई नहीं जानता कि दूल्हा कब आएगा। फिर भी, दुख की बात है कि जो लोग परमेश्वर के वचन की अवहेलना करते हैं और इसके बजाय पूर्व-क्लेश रेप्चर की शिक्षाओं पर भरोसा करते हैं, वे गहरी नींद में रहते हैं।
लेकिन अब जागने का समय है। अब समय आ गया है कि आप पूर्व-क्लेश रेप्चर में अपने गलत विश्वास को त्याग दें और सत्य के वचन में विश्वास करें। न तो पूर्व-क्लेश रेप्चर के सिद्धांत का और न ही क्लेश के बाद के रेप्चर के सिद्धांत का कोई बाइबल आधारित आधार है; आपको परमेश्वर के सच्चे वचन की ओर लौटना चाहिए। प्रकाशितवाक्य का वचन (६:८) हमें बताता है, “मैं ने दृष्‍टि की, और देखो, एक पीला–सा घोड़ा है; और उसके सवार का नाम मृत्यु है, और अधोलोक उसके पीछे पीछे है; और उन्हें पृथ्वी की एक चौथाई पर यह अधिकार दिया गया कि तलवार, और अकाल, और मरी, और पृथ्वी के वनपशुओं के द्वारा लोगों को मार डालें।”
यहाँ कहा गया है कि पीले घोड़े पर बैठे व्यक्ति यानी मसीह विरोधी का नाम मृत्यु था और अधोलोक उसके पीछे पीछे है। इसका अर्थ है कि मसीह विरोधी एक हत्यारा है जो अपने पीड़ितों को नरक में ले जाता है। यहाँ यह भी कहा गया है कि उसे पृथ्वी के एक चौथाई भाग पर अधिकार दिया जाएगा, कि वह तलवार से, भूख से, मृत्यु से, और पृथ्वी के वनपशुओं से मार डाले। दूसरे शब्दों में, मसीह विरोधी, रोमन सम्राटों के समान अत्याचार करेगा - इस बार और भी बदतर - मसीहीयों को मारने, गाली देने और सताने और उनके विश्वास को नष्ट करने के लिए।
आपको यह समझना चाहिए कि पीले घोड़े का युग मसीह विरोधी का युग है। प्रभु हमें बताता है, “तुम आकाश के लक्षण देखकर उसका भेद बता सकते हो, पर समयों के चिह्नों का भेद क्यों नहीं बता सकते (मत्ती १६:३)?” जब हम समय के चिन्हों को नहीं समझ सकते, तो हम यह नहीं जान सकते कि हमारे पास किस प्रकार का विश्वास होना चाहिए, और इस प्रकार हम न तो बीज बो सकते हैं और न ही फल काट सकते हैं—दूसरे शब्दों में, हम प्रभु के लिए कार्य नहीं कर सकते। आज लाल घोड़े का युग बीत चुका है और हम काले घोड़े के युग में हैं। दुनिया जल्द ही बड़ी आर्थिक आपदाओं की चपेट में आ जाएगी और भयंकर अकाल के युग का सामना करेगी। पूरी दुनिया में भूख और भुखमरी का कहर रहेगा। जब ये सब बातें पूरी होंगी, तो बहुतों को तड़प-तड़प कर पछताना पड़ेगा। उनमें से एक मत बनो; इसके बजाय, ऐसे व्यक्ति बनो जिसका विश्वास समय के संकेतों को समझ सकता है।
आज का युग काले घोड़े का युग है। जब काले घोड़े का यह युग बीत जाएगा, तो पीले घोड़े का युग आ जाएगा। इस युग में प्रगट होने वाला मसीह-विरोधी इस युग को शहादत के युग के रूप में चिह्नित करते हुए, संतों की अंधाधुंध हत्या और उत्पीड़न करेगा।
प्रकाशितवाक्य १३:६-८ कहता है, “उसने परमेश्‍वर की निन्दा करने के लिये मुँह खोला कि उसके नाम और उसके तम्बू अर्थात् स्वर्ग के रहनेवालों की निन्दा करे। उसे यह भी अधिकार दिया गया कि पवित्र लोगों से लड़े और उन पर जय पाए, और उसे हर एक कुल और लोग और भाषा और जाति पर अधिकार दिया गया। पृथ्वी के वे सब रहनेवाले, जिनके नाम उस मेम्ने के जीवन की पुस्तक में लिखे नहीं गए जो जगत की उत्पत्ति के समय से घात हुआ है, उस पशु की पूजा करेंगे।” यहाँ "वह" का अर्थ मसीह विरोधी से है। यह भाग हमें बताता है कि दुनिया के शासकों में से एक को शैतान की सामर्थ दी जाएगी कि वह परमेश्वर की निन्दा करे और संतों को सताए। यह शैतान की संतान है, जिसके पास अजगर की सामर्थ है। अपनी सामर्थ से वह लड़ेगा और संतों पर "जय" पायेगा। लेकिन जय पाने का मतलब सिर्फ इतना है कि वह संतों को शहीद बना देगा। यह केवल संतों की शारीरिक मृत्यु को संदर्भित करता है; मसीह विरोधी कभी भी संतों के विश्वास को नहीं छीन सकता।
स्कोफिल्ड ने जो तर्क दिया वह यह था कि संतों को किसी भी महान क्लेश का सामना नहीं करना पड़ेगा। लेकिन सात साल के महान क्लेश के बिना, संतों के लिए कोई हजार साल का राज्य नहीं हो सकता। संत महान क्लेश से शहीद के रूप में निकलेंगे। बाइबल की यह भविष्यवाणी संसार के आरम्भ से ही मसीह यीशु में रची गई है। संसार का सारा इतिहास उन कार्यों में समाप्त होगा जिन्हें मसीह पूरा करेगा।
आपको उन सात युगों को समझने में सक्षम होना चाहिए जो परमेश्वर ने हमारे लिए निर्धारित किए हैं। पहला युग सफेद घोड़े का युग है, वह युग जिसमें परमेश्वर का वचन अपना कार्य शुरू करता है। दूसरा युग, लाल घोड़े का युग, शैतान का युग है। काले घोड़े का तीसरा युग शारीरिक और आत्मिक अकाल का युग है। पीला घोड़े का चौथा युग मसीह विरोधी के उदय का युग है। यह सात तुरहियों का युग है, शहादत का युग। यह पीले घोड़े के इस युग को समझने में विफलता है जो लोगों को इतना भ्रमित करती है। 
इस युग को जाने बिना, हम नया जन्म लेने वाले मसीहीयों के रूप में अपना जीवन ठीक से नहीं जी सकते। यदि हम उस बात से बेखबर रहते हैं जिसका हमें इंतजार है, तो हम भविष्य के लिए कैसे तैयार हो सकते हैं? यहां तक कि व्यवसाय चलाने वाले लोगों को भी सफल होने के लिए समय के बदलते चलन के बारे में पहले से पता होना चाहिए। हम, मसीह में विश्वासी, उसकी वापसी के लिए कैसे तैयार हो सकते हैं, जब हमारे पास कोई प्रमाण नहीं है कि क्या हमारा इंतजार कर रहा है?
हमें इसके लिए तैयार रहने के लिए महान क्लेश की स्पष्ट समझ होनी चाहिए। संत क्लेश के पहले साढ़े तीन साल तक जीवित रहेंगे, और इस दौरान वे शहीद हो जाएंगे। वे क्लेश के सभी सात वर्षों से नहीं गुजरेंगे, लेकिन केवल पहले आधे समय से गुजरेंगे, और फिर, उनकी शहादत के साथ वे पुनरुत्थित और रेप्चर किए जाएंगे। जब संतों का रेप्चर किया जाता है, तो इसका अर्थ यह नहीं है कि मसीह पृथ्वी पर अवतरित होंगे, बल्कि यह कि प्रभु उन्हें मेम्ने के विवाह भोज के लिए हवा में उठाएंगे।
इस बीच, यह पृथ्वी सात कटोरों की विपत्तियों से घिर जाएगी। जो लोग विपत्तियों के बाद मसीह के साथ पृथ्वी पर लौटते हैं, वे केवल वो लोग हैं जिनके पापों को प्रभु के द्वारा दी गए पानी और आत्मा के सुसमाचार पर विश्वास करने के द्वारा माफ़ कर हिम के नाई श्वेत किए गए है। इसलिए हमें इस युग और हमारे लिए इसकी महत्वपूर्ण प्रासंगिकता और महत्व को समझकर अपने विश्वास को तैयार करना चाहिए।
हमारे प्रभु ने स्मुरना की कलीसिया के दूत से कहा, “मैं तेरे क्लेश और दरिद्रता को जानता हूँ (परन्तु तू धनी है), और जो लोग अपने आप को यहूदी कहते हैं और हैं नहीं, पर शैतान की सभा हैं, उनकी निन्दा को भी जानता हूँ। जो दु:ख तुझ को झेलने होंगे, उन से मत डर। क्योंकि देखो, शैतान तुम में से कुछ को जेलखाने में डालने पर है ताकि तुम परखे जाओ; और तुम्हें दस दिन तक क्लेश उठाना होगा। प्राण देने तक विश्‍वासी रह, तो मैं तुझे जीवन का मुकुट दूँगा।” इस भाग से, हम देख सकते हैं कि स्मुरना की कलीसिया को यहूदियों द्वारा भारी सताया गया था। लेकिन प्रभु ने कहा कि ये यहूदी वास्तव में यहूदी नहीं थे, लेकिन शैतान की सभा थे। उसने यह बात केवल स्मुरना की कलीसिया से ही नहीं, लेकिन एशिया की सभी सात कलीसियाओं से कही।
स्मुरना में एक बड़ा यहूदी समुदाय था, जो इस तथ्य के बावजूद कि यहूदियों ने उसी परमेश्वर की आराधना की, जो मसीह में विश्वास करने वाले करते थे, फिर भी स्मुरना की कलीसिया के संतों को सताया गया, जैसा कि रोमनों ने किया था। इस उत्पीड़न का सामना करने वाले संतों के लिए, परमेश्वर ने कहा, "मृत्यु तक विश्वासयोग्य रहो, और मैं तुम्हें जीवन का मुकुट दूंगा," और, "जो जय प्राप्त करता है उसे दूसरी मृत्यु से हानि नहीं पहुंचेगी।" परमेश्वर ने संतों से कहा कि उन्हें जय प्राप्त करनी चाहिए। इसी तरह, हमें भी, अंत तक मसीह विरोधी से लड़ना चाहिए और अपने विश्वास की लड़ाई में उस पर विजय प्राप्त करनी चाहिए। हमारा प्रभु तब हमें जीवन का मुकुट देगा—दूसरे शब्दों में, वह हमें आशीष देगा और हमें हजार साल के राज्य और नए स्वर्ग और पृथ्वी में रहने की अनुमति देगा।
क्या आपमें शहीद होने का साहस है? अब समय आ गया है कि आप अपनी शहादत के विश्वास को तैयार करें। और ऐसा करने के लिए, आपके पास छुटकारे का विश्वास होना चाहिए जो आपको पूरी तरह से प्रभु के सामने खड़े होने में सक्षम बनाता है - वह विश्वास जो बिना किसी हिचकिचाहट के शहादत को गले लगा सकता है।
हमें इस विश्वास को अभी से तैयार करना चाहिए। हमारे प्रभु ने सभी से कहा है कि पानी और आत्मा के सुसमाचार में विश्वास किए बिना कोई भी परमेश्वर के राज्य में प्रवेश नहीं कर सकता और न ही देख सकता है। उन्होंने हमें बताया है कि इस सुसमाचार में विश्वास अंत के समय में शहादत का विश्वास है। 
यदि लोगों के दिलों में पाप है, तो वे शहीद कैसे हो सकते हैं? शहीद होने की बात तो दूर, वे उस तरह के लोग हैं जो दूसरों को जानवर का चिह्न प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेंगे! पानी और आत्मा के सुसमाचार के सिवा और कुछ भी हमारे पापों को शुद्ध नहीं कर सकता है। यहां तक कि आपकी पश्चाताप की प्रार्थनाएं जो आप नियमित और विधिसम्मत रीती के अनुसार करते हैं वे भी आपके पापों को दूर नहीं कर सकती हैं। पश्चाताप की प्रार्थनाओं के साथ अपने पापों को शुद्ध करने का प्रयास करना केवल समय और प्रयास की बर्बादी है। 
जो लोग ऐसा करने की कोशिश करते हैं, वे वास्तव में परमेश्वर के वचन व में उन्हें जो कुछ कहा गया है उससे अधिक धर्मशास्त्रियों ने क्या कहा है उस पर विश्वास करते है। क्या यह तथ्य नहीं है कि विद्वान, जिन पर इतने सारे मसीही लोग अपना भरोसा रखते हैं वे बहस करते है और और हजार साल के राज्य में विश्वास करते हैं केवल यह दिखाता है की ये कथित शास्त्र विशेषज्ञ बाइबल से कितने अनभिज्ञ हैं? इन हजार साल के राज्य पर विश्वास करनेवालों के अनुसार, महान क्लेश में न तो हजार साल का राज्य होगा और न ही संतों की शहादत। जो लोग पूर्व-क्लेश रेप्चर या हजार साल के राज्य के सिद्धांत में विश्वास करते हैं, उनके लिए प्रकाशितवाक्य की पुस्तक का कोई अर्थ नहीं होगा!
प्रकाशितवाक्य का वचन परमेश्वर का वचन है। यह मसीह के सबसे प्रिय शिष्य प्रेरित यूहन्ना द्वारा लिखित परमेश्वर का वचन है। इससे कोई इंकार नहीं कर सकता।
मैं बिना किसी कारण के धर्मशास्त्रियों के स्थापित सिद्धांतों और सिद्धांतों की आलोचना नहीं कर रहा हूँ, लेकिन मैं आपके विश्वास को तैयार करने के लिए ऐसा करता हूँ ताकि आप मृत्यु तक प्रभु के प्रति वफादार रह सकें। यह आपको पवित्रशास्त्र के वचन में प्रशिक्षित करने के लिए है ताकि आप अपनी शहादत को गले लगाने के लिए दृढ़ तत्परता के साथ महान क्लेश के उत्पीड़न का सामना करने के लिए तैयार हो सकें। 
ऐसा करने के लिए, आपको अपने विश्वास को पानी और आत्मा के सुसमाचार के साथ अभी तैयार करना चाहिए। दूसरी ओर, जो लोग पानी और आत्मा के सुसमाचार में विश्वास नहीं करते हैं, वे शैतान के सामने आत्मसमर्पण कर देंगे और अंत में परमेश्वर के शत्रु बन जाएंगे, क्योंकि जिनके नाम जीवन की पुस्तक में नहीं लिखे गए हैं, वे शैतान की आराधना करेंगे। परमेश्वर का वचन हमें यही बताता है।
महान क्लेश के बीच में परमेश्वर संतों को शहीद कर देंगे। जब महान क्लेश की सात साल की अवधि के पहले साढ़े तीन साल बीत जाएंगे तब जो लोग पानी और आत्मा के सुसमाचार में विश्वास करते हैं, वे शहीद हो जाएंगे। उनकी शहादत के कुछ ही समय बाद उनका पुनरुत्थान और रेप्चर होगा। यह प्रकाशितवाक्य की पुस्तक का समग्र सारांश है, और यही कारण है कि मैं इसके मुख्य बिंदुओं को दोहरा रहा हूँ।
आपको याद रखना चाहिए कि जब मसीह-विरोधी का युग आएगा, तो ऐसे बहुत से लोग होंगे जो पानी और आत्मा के सुसमाचार में विश्वास करने के लिए शहीद होने के तुरंत बाद, पुनरुत्थित हो जाएंगे और साथ ही रेप्चर हो जाएंगे। जब पीले घोड़े का युग आएगा, तो उनकी शहादत के साथ विश्वास के फूल खिलेंगे। सच्चा विश्वास, जब सही समय आता है, तो सच्चे फल लगते हैं और सुंदर फूलों के साथ खिलते हैं।
रेगिस्तान में कुछ पौधे ऐसे हैं जो केवल एक सप्ताह के समय में अंकुरित होते है, खिलते है और फलते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि वे अपनी रेगिस्तानी परिस्थितियों के अनुकूल हो गए हैं, जहाँ वर्षा बहुत कम होती है और पानी की कमी होती है। उन्हें जल्दी से अंकुरित होना है, खिलना है और फल देना होता है क्योंकि पानी की आपूर्ति लंबे समय तक चल सकती है।
महान क्लेश के सात साल की अवधि के दौरान पानी और आत्मा के सुसमाचार में विश्वास करने वालों का विश्वास इन पौधों की तरह है। उनके लिए हमारे साथ इस सुसमाचार में विश्वास करने, उनका अनुसरण करने और शहीद होने के लिए, केवल कुछ ही समय पर्याप्त होगा। मसीह-विरोधी का पागलपन महान क्लेश के मध्य बिंदु पर अपने चरम पर पहुंच जाएगा, इसकी शुरुआत से साढ़े तीन साल बाद। 
यह तब होगा जब संतों की शहादत होगी। यहां तक कि जो लोग पहले से ही पानी और आत्मा के सुसमाचार के बारे में सुन चुके हैं लेकिन उन्होंने अभी तक इसे अपने दिलों में स्वीकार नहीं किया है, वे अभी भी सच्चा विश्वास रखने और हमारी शहादत में शामिल होने में सक्षम होंगे, यदि वे बाद में इस सुसमाचार पर विश्वास करते हैं तो। यही कारण है कि हम दुनिया भर के मसीहीयों को उनकी आत्मिक नींद से जगाने के लिए सुसमाचार फैला रहे हैं। हम अपनी शहादत तक दुनिया के अंत तक पानी और आत्मा के सुसमाचार का प्रचार करेंगे। यदि शहादत नहीं होती, तो यह सुसमाचार जो हम अभी फैला रहे हैं उससे क्या लाभ? जो लोग पानी और आत्मा के सुसमाचार में विश्वास करते हैं वे अंत के समय में शहीद हो सकते हैं। हमें इसके लिए अपने विश्वास को अभी से तैयार करना चाहिए।
यदि हम पानी और आत्मा के सुसमाचार की रक्षा के लिए शहादत को गले लगाने के लिए अपने विश्वास को अभी यानी की जब हम परमेश्वर के सामने शांति में है तब तैयार नहीं करते हैं, तो हम बाद में केवल इसके लिए पछताएंगे। जब अंत का समय आएगा, तो हम यह कहते हुए स्वयं में व्यस्त रहेंगे, "प्रभु, मैं इस समय बहुत व्यस्त हूँ। मेरे लिए बस थोड़ा और इंतज़ार करो; मैं अब पछता रहा हूँ।" यदि इस तरह का विश्वास हम अंत तक धारण करते हैं, तो प्रभु हमें बताएंगे, "आप स्वयं आग की झील में क्यों नहीं कूदते? आप इसके लिए योग्यता से अधिक हैं!" जिनके पास अभी पाप है उन्हें यह समझना चाहिए कि अंत में उनका अंत इसी तरह होगा। इसलिए परमेश्वर ने कहा, "जिसके कान हों, वह सुन ले कि आत्मा कलीसियाओं से क्या कहता है।"
जब तक संत शहीद होते हैं, तब तक दुनिया का प्राकृतिक वातावरण पूरी तरह नष्ट हो चुका होगा। जंगल जल जायेंगे; समुद्र, नदियाँ, और झरने सड़ते लहू में बदल जाएंगे; और सूर्य, चन्द्रमा, और तारे अपना प्रकाश खो देंगे, और सारे जगत को अन्धकार में घेर लेंगे। इसके निवासि, बुरी आत्माओं द्वारा शासित, अपना दिमाग खो चुके होंगे, उनका व्यवहार क्रूर रूप से हिंसक हो गया होगा, और उनका एकमात्र लक्ष्य परमेश्वर के सभी संतानों को घेरना और मारना होगा। यही कारण है कि आपको प्रकाशितवाक्य के वचन को समझना और उस पर विश्वास करना चाहिए।
आज की कलीसिया केवल बड़ी बड़ी और ऊँची कलीसिया के निर्माण के प्रति जुनूनी हैं। वे अपने कलीसिया बनाने के लिए लाखों डॉलर खर्च करते हैं, और फिर भी उनके दिलों में केवल पाप पाया जाता है, न कि विश्वास जो यीशु के लिए शहादत को गले लगा सकता है। इन लोगों को पहले अपने हृदयों को अपने पापों से शुद्ध करना होगा।
दुनिया जल्द ही क्लेश के युग में प्रवेश करेगी यानी पीले घोड़े के युग में। मैं आशा और प्रार्थना करता हूँ कि आपके पास उस तरह का विश्वास होगा जो शहादत को गले लगा सके और मृत्यु तक मसीह के प्रति वफादार रहे। हमें प्रकाशितवाक्य के वचन को बिरिया की आत्मा से गंभीरता से परखने के बाद उस पर विश्वास करना होगा।